17 हजार फीट की ऊँचाई पर गिरी बिजली, लखनऊ में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग (तस्वीर क्रेडिट@rpsinghmedia)

पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग,खराब मौसम में बिजली और ओलावृष्टि से विमान को नुकसान

लखनऊ,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान को खराब मौसम के बीच लखनऊ में आपात स्थिति में उतारना पड़ा। उड़ान के दौरान विमान पर बिजली गिरने और लैंडिंग के समय ओलावृष्टि होने की वजह से विमान के अगले हिस्से में नुकसान पहुँचा। घटना के बाद विमान को आगे की उड़ान के लिए रोक दिया गया है। विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। नियामक की ओर से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद ही विमान को दोबारा परिचालन में शामिल किया जाएगा।

यह घटना 7 अक्टूबर की बताई जा रही है। पटना से लखनऊ के लिए रवाना हुई इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई-625 में कुल 104 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। विमान ने अपनी निर्धारित समय-सारणी के मुकाबले करीब आठ मिनट पहले लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। खराब मौसम के बावजूद विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और उसमें सवार सभी यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को किसी तरह की चोट नहीं आई।

उड़ान के दौरान विमान करीब 17 हजार फीट की ऊँचाई पर था,तभी उस पर बिजली गिरने की घटना हुई। इसके बाद मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही। लैंडिंग के दौरान विमान को ओलावृष्टि का भी सामना करना पड़ा। इसके कारण विमान के अगले हिस्से में लगे रेडोम को नुकसान पहुँचा। रेडोम विमान के आगे लगे उस विशेष कवर को कहा जाता है, जिसके भीतर रडार और विमान के संचार तथा नेविगेशन से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरण होते हैं। इस हिस्से को नुकसान पहुँचने के बाद विमान को आगे की उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।

एयरलाइन के मुताबिक,विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को उनकी मंजिल यानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार दिया गया। घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को तत्काल दे दी गई थी। इसके बाद विमान को जाँच और आवश्यक रखरखाव के लिए रोक दिया गया। एयरलाइन का कहना है कि विमान की तकनीकी जाँच पूरी होने और आवश्यक नियामकीय अनुमति मिलने के बाद ही उसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।

विमानन क्षेत्र में खराब मौसम के दौरान बिजली गिरना और ओलावृष्टि गंभीर परिस्थितियाँ पैदा कर सकती हैं। विशेष रूप से तेज हवाओं, घने बादलों और गरज-चमक वाले मौसम में विमान संचालन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। इस घटना में भी मौसम की चुनौती के बावजूद विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया। हालाँकि,विमान के बाहरी हिस्से को हुए नुकसान के कारण तकनीकी जाँच को प्राथमिकता दी जा रही है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू कर दी है। जाँच के दौरान यह देखा जाएगा कि उड़ान के दौरान मौसम की वास्तविक स्थिति क्या थी, बिजली गिरने के समय विमान किस परिस्थिति में था और लैंडिंग के दौरान ओलावृष्टि का विमान पर कितना प्रभाव पड़ा। इसके अलावा,विमान के क्षतिग्रस्त हिस्सों और उसके तकनीकी सिस्टम की भी जांच की जाएगी। जाँच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

नियामक की जाँच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी होगा कि विमान ने खराब मौसम के बीच किस तरह अपनी उड़ान जारी रखी और लैंडिंग के समय क्या प्रक्रियाएँ अपनाई गईं। हालाँकि,विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया और यात्रियों को किसी तरह की चोट नहीं आई,लेकिन विमान को दोबारा सेवा में शामिल करने से पहले उसकी पूरी तकनीकी जाँच आवश्यक है। इसी वजह से विमान को फिलहाल परिचालन से बाहर रखा गया है।

यह घटना इंडिगो की उड़ानों से जुड़ी एक अन्य हालिया घटना के कुछ समय बाद सामने आई है। पिछले महीने गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक उड़ान को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान नुकसान पहुँचा था। उस घटना में विमान के पिछले हिस्से के रनवे से टकराने की स्थिति सामने आई थी,जिसे विमानन क्षेत्र में टेल स्ट्राइक कहा जाता है।

उस घटना के बाद भी संबंधित विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया था। एयरलाइन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया था कि तेज हवाओं वाली मौसम की स्थिति के बीच लैंडिंग के दौरान ए321 नियो विमान का रनवे के साथ असामान्य संपर्क हुआ था। इसके बाद विमान की तकनीकी जाँच की गई और उसे आगे के परिचालन से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा।

पटना-लखनऊ उड़ान की घटना हालांकि अलग परिस्थितियों में हुई है। इस मामले में विमान के सामने वाले हिस्से में नुकसान खराब मौसम,बिजली गिरने और ओलावृष्टि से जुड़ा बताया गया है। विमान की सुरक्षित लैंडिंग और सभी यात्रियों के सुरक्षित उतरने के बाद प्राथमिकता अब विमान की तकनीकी स्थिति का आकलन करने की है।

इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और विमान को सभी जरूरी जाँच पूरी होने तक परिचालन में शामिल नहीं किया जाएगा। विमान के रेडोम को हुए नुकसान की मरम्मत के साथ-साथ उससे जुड़े सिस्टम की भी जाँच की जाएगी। इसके बाद नियामक की अनुमति मिलने पर ही विमान की उड़ान बहाल हो सकेगी।

इस घटना ने एक बार फिर विमान संचालन में मौसम की भूमिका को सामने ला दिया है। भारत में मानसून के बाद भी कई इलाकों में गरज-चमक,तेज हवाओं और अचानक मौसम बदलने की स्थिति देखी जाती है। ऐसे मौसम में उड़ानों के संचालन के दौरान पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरलाइन के परिचालन दल के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण होता है।

फिलहाल इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। विमान सुरक्षित रूप से लखनऊ पहुँच गया और यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुँचा दिया गया। अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की जाँच और विमान की तकनीकी जाँच के बाद ही यह तय होगा कि विमान को दोबारा कब सेवा में शामिल किया जा सकता है। नियामकीय मंजूरी मिलने तक विमान परिचालन से बाहर रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि खराब मौसम और विमान को हुए नुकसान के बावजूद सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे।