पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी का वीडियो हुआ वायरल (तस्वीर क्रेडिट@satya_murthy)

इटली दौरे में ‘मेलोडी’ टॉफी बनी चर्चा का केंद्र,पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी का वीडियो हुआ वायरल

नई दिल्ली,21 मई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इटली दौरे का एक खास पल सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात के दौरान दिया गया एक छोटा सा उपहार इंटरनेट पर वायरल हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को भारत की मशहूर ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की,जिसके बाद दोनों नेताओं का यह हल्का-फुल्का और दोस्ताना अंदाज दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया।

इस मुलाकात का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। खबर लिखे जाने तक प्रधानमंत्री मोदी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस वीडियो को 11.2 करोड़ यानी 112 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका था। कुछ ही घंटों में वीडियो ने रिकॉर्ड व्यूज हासिल कर लिए और इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पल को कूटनीति और दोस्ती का अनोखा मिश्रण बताया।

दरअसल,प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की दोस्ती को सोशल मीडिया पर लंबे समय से ‘मेलोडी’ नाम से जोड़ा जाता रहा है। यह नाम दोनों नेताओं के सरनेम को मिलाकर बनाया गया है। ‘मोदी’ और ‘मेलोनी’ को मिलाकर बने इस शब्द को इंटरनेट यूजर्स ने मजाकिया और दोस्ताना अंदाज में लोकप्रिय बना दिया था। यही वजह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया,तो लोगों ने इसे बेहद स्मार्ट और मजेदार जेस्चर के रूप में देखा।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने खुद इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी उन्हें मेलोडी टॉफी देते नजर आए। जैसे ही मेलोनी ने टॉफी देखी,वह मुस्कुराने लगीं और उन्होंने कहा, “वेरी वेरी गुड टॉफी।” इसके बाद दोनों नेताओं के बीच हल्की बातचीत और मुस्कान ने इस पल को और खास बना दिया। वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने इसे खूब शेयर किया और इस पर लाखों प्रतिक्रियाएं आईं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सामान्य उपहार नहीं था,बल्कि यह सांस्कृतिक जुड़ाव और व्यक्तिगत कूटनीति का उदाहरण भी था। प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अपने विदेशी दौरों के दौरान अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ व्यक्तिगत और सांस्कृतिक स्तर पर जुड़ाव बनाने की कोशिश करते हैं। इस बार मेलोडी टॉफी के जरिए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में भारत की लोकप्रिय संस्कृति की एक झलक पेश की।

मेलोडी टॉफी भारत की सबसे मशहूर टॉफियों में से एक मानी जाती है। इसे पारले उत्पाद बनाती है। यह टॉफी अपने खास स्वाद और डबल फ्लेवर के लिए जानी जाती है। इसके बाहर सॉफ्ट कैरेमल की परत होती है,जबकि अंदर रिच चॉकलेट फिलिंग दी जाती है। यही अनोखा स्वाद इसे बाकी टॉफियों से अलग बनाता है।

पारले ने मेलोडी टॉफी को वर्ष 1983 में लॉन्च किया था। उस समय भारतीय बाजार में चॉकलेट और टॉफियों के क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियों का दबदबा था। खासतौर पर कैडबरी एक्लेयर्स जैसी टॉफियाँ काफी लोकप्रिय थीं,लेकिन मेलोडी ने अपने अलग स्वाद और यादगार विज्ञापनों के जरिए लोगों के दिलों में खास जगह बना ली।

मेलोडी टॉफी का विज्ञापन भी वर्षों तक लोगों के बीच बेहद चर्चित रहा। उसका मशहूर डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर है। विज्ञापन में सवाल पूछा जाता था,“मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?” और फिर जवाब आता था, “मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।” यह टैगलाइन भारतीय विज्ञापन जगत की सबसे लोकप्रिय लाइनों में गिनी जाती है।

करीब चार दशक बाद भी मेलोडी टॉफी की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। बच्चे हों या बड़े, यह टॉफी आज भी लोगों की पसंद बनी हुई है। अब प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात के बाद यह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘मेलोडी’ अब केवल टॉफी नहीं रही,बल्कि यह भारत और इटली की दोस्ती का प्रतीक बन गई है।

प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है। दोनों नेताओं के बीच सहज और दोस्ताना व्यवहार सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा का विषय बनता रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो पहले भी वायरल हो चुके हैं। यही वजह है कि इंटरनेट यूजर्स ने दोनों की दोस्ती को ‘मेलोडी’ नाम देकर एक तरह का ट्रेंड बना दिया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक दौर की कूटनीति केवल औपचारिक बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं रह गई है। अब नेताओं की व्यक्तिगत छवि,उनके व्यवहार और सांस्कृतिक जुड़ाव भी अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह छोटा सा कदम इसी बदलती कूटनीति का उदाहरण माना जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया कि कभी-कभी छोटे और सरल पल भी वैश्विक स्तर पर बड़ी चर्चा का विषय बन जाते हैं। मेलोडी टॉफी जैसी साधारण भारतीय चीज ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के बीच सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड बना दिया। लोगों ने इसे भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़कर देखा।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे “सबसे स्वीट डिप्लोमैटिक मोमेंट” बताया,तो कुछ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति और लोकप्रियता को बेहद अनोखे तरीके से पेश किया है। वहीं कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब ‘मेलोडी’ टॉफी की बिक्री और लोकप्रियता दोनों और बढ़ने वाली हैं।