पटना,22 सितंबर (युआईटीवी)- बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और अभद्र व्यवहार के वायरल वीडियो के बाद सामने आए मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घटना का मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल हो गया। पुलिस के अनुसार,कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगी,जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
यह मामला 19 सितंबर की शाम जमुई के मड़वा पहाड़ी इलाके से सामने आया था। बताया जा रहा है कि एक नाबालिग छात्रा अपने एक दोस्त के साथ वहां गई थी। इसी दौरान कुछ युवकों ने दोनों को रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़खानी की,जबकि उसके साथ मौजूद युवक के साथ भी मारपीट की गई। घटना के दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया और पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जाँच तेज कर दी थी। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। जाँच के दौरान कई संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया था,ताकि घटना में शामिल सभी आरोपियों तक पहुँचा जा सके।
मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार के अनुसार, पुलिस टीम मुख्य आरोपी की तलाश में पहाड़ी इलाके में पहुँची थी। इसी दौरान पुलिस दल पर हमला किए जाने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक,जवाबी कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे पुलिस ने अपने कब्जे में लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया कि उसके पैर की हड्डी टूट गई और उसका भी इलाज कराया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों की तलाश लगातार जारी है। जाँच एजेंसियाँ वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान कर रही हैं। पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान वहाँ कितने लोग मौजूद थे और किसकी क्या भूमिका थी। अधिकारियों के मुताबिक, जाँच में सामने आने वाले प्रत्येक आरोपी के खिलाफ उसकी भूमिका के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पुलिस ने केवल मूल घटना की जाँच तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे वीडियो को लेकर भी कदम उठाया है। पुलिस के अनुसार,नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना भी गंभीर मामला है। वीडियो को साझा करने और प्रसारित करने वाले कई सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ऐसे खातों और प्रोफाइल की पहचान कर रही है, जिनके माध्यम से वीडियो को आगे फैलाया गया।
नाबालिग पीड़िता से जुड़ी सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील भी की है। जाँच के दौरान पीड़िता की पहचान और उसकी निजता की सुरक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना का वीडियो किसने बनाया और इसे सबसे पहले किस माध्यम से प्रसारित किया गया। इस पहलू की जाँच साइबर टीम की मदद से की जा रही है।
घटना के सामने आने के बाद जमुई सहित बिहार में इसे लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। मामले ने महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया। घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हुए। विपक्षी नेताओं ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। वहीं,पुलिस और प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जाँच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के लिए इस मामले की जाँच में वायरल वीडियो एक महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आया है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान करने के साथ-साथ पुलिस घटना के समय और स्थान से जुड़ी अन्य जानकारियां भी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जाँच को विभिन्न पहलुओं से आगे बढ़ाया जा रहा है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
जमुई की यह घटना सोशल मीडिया के जरिए सामने आने वाले अपराधों की जाँच और उनके प्रसार से जुड़े कानूनी पहलुओं को भी रेखांकित करती है। एक ओर वीडियो ने पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मदद की,वहीं दूसरी ओर उसी वीडियो के प्रसार से नाबालिग पीड़िता की निजता को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा हुई। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई का एक प्रमुख हिस्सा आरोपियों को पकड़ने के साथ-साथ आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकना भी है।
मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने और गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जाँच अगले चरण में पहुँच गई है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने का प्रयास जारी है। अधिकारियों के अनुसार,जाँच पूरी होने के बाद मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
