मुंबई,14 अगस्त (युआईटीवी)- अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान ‘जेन-जी’ को लेकर की गई अपनी पिछली टिप्पणी पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उन्होंने पूरे देश के युवाओं या पूरी ‘जेन-जी’ पीढ़ी को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की थी। कंगना ने कहा कि उनका बयान केवल उन लोगों के संदर्भ में था,जो उस समय जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद थे।
कंगना रनौत ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो साझा किया,जिसमें उन्होंने अपने बयान को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने एक कांग्रेस नेता का वीडियो साझा करते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। अभिनेत्री ने दावा किया कि उनके बयान को व्यापक संदर्भ में पेश कर यह धारणा बनाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने पूरे देश के युवाओं को अपमानजनक शब्द कहा था।
कंगना ने अपने वीडियो में कहा कि अगर पूरे देश के युवाओं की बात की जाए,खासकर ‘जेन-जी’ की,तो उनकी संख्या लगभग 30 से 35 करोड़ के आसपास होगी। इसके मुकाबले जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोगों में भी बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी,जो ‘जेन-जी’ आयु वर्ग से बाहर थे। उनके मुताबिक,वहाँ अलग-अलग उम्र के लोग दिखाई दे रहे थे।
अभिनेत्री ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में ‘जेन-जी’ के करीब दो हजार लोग ही मौजूद थे। ऐसे में पूरे प्रदर्शन को ‘जेन-जी’ का प्रदर्शन कहना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शन में पूरी पीढ़ी शामिल नहीं थी,तो उनकी टिप्पणी को पूरे देश की ‘जेन-जी’ पीढ़ी के खिलाफ बयान के रूप में कैसे देखा जा सकता है।
कंगना ने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से उस पीढ़ी या उन युवाओं के बारे में बात की थी,जो उस प्रदर्शन में मौजूद थे। उन्होंने अपने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि उनके किसी ऐसे बयान को सामने लाया जाए,जिसमें उन्होंने पूरी ‘जेन-जी’ पीढ़ी को अपनी टिप्पणी में शामिल किया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ अनावश्यक राजनीतिक एजेंडा चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वह देश के युवाओं के खिलाफ नहीं हो सकतीं,क्योंकि वह खुद भी युवा हैं। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा और कहा कि वह राहुल गांधी की तरह 55 से 60 साल की उम्र में खुद को ‘युवा’ नहीं मानतीं। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया है,क्योंकि कंगना पहले भी विपक्षी नेताओं और राजनीतिक मुद्दों पर तीखी टिप्पणियाँ करती रही हैं।
यह पूरा विवाद जुलाई 2026 के अंतिम दिनों में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद शुरू हुआ था। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे और इन्हें ‘जेन-जी’ के नेतृत्व वाला विरोध प्रदर्शन बताया गया था। प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी करते हुए कंगना ने कुछ प्रदर्शनकारियों को ‘जेनरेशन गटर’ कह दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन में कुछ लोगों की भाषा और व्यवहार उचित नहीं था।
कंगना की टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। आलोचकों ने आरोप लगाया कि अभिनेत्री ने विरोध प्रदर्शन में शामिल युवाओं की आलोचना करते हुए पूरी पीढ़ी को निशाना बनाया। इसके बाद उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। कई लोगों ने कहा कि किसी प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
कंगना ने अब अपने ताजा बयान में इसी बात को स्पष्ट करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि उन्होंने पूरे देश के युवाओं को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने अपने बयान का संदर्भ जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों तक सीमित बताया है। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि प्रदर्शन में मौजूद लोगों की संख्या पूरे देश की युवा आबादी की तुलना में बेहद कम थी,इसलिए उनकी टिप्पणी को पूरी पीढ़ी से जोड़ना गलत है।
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में युवा महिलाओं की मौजूदगी को लेकर भी कंगना ने पहले टिप्पणी की थी। उन्होंने कुछ युवा महिला प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए उनके व्यवहार और ‘आजादी’ की अभिव्यक्ति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोग बिना जवाबदेही के आजादी की बात कर रहे थे। उनकी इन टिप्पणियों को लेकर भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था।
कंगना की ताजा सफाई ऐसे समय में आई है,जब जंतर-मंतर के प्रदर्शन और उसमें शामिल युवाओं को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। एक तरफ प्रदर्शनकारियों की माँगों और उनके अधिकारों को लेकर चर्चा हो रही है,तो दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान भाषा, व्यवहार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
अभिनेत्री और सांसद ने अपने स्पष्टीकरण के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी आपत्ति पूरे युवा वर्ग से नहीं,बल्कि प्रदर्शन के दौरान मौजूद कुछ लोगों के व्यवहार से थी। उन्होंने कहा कि युवाओं को लेकर उनका कोई विरोध नहीं है और उनकी टिप्पणी को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए,जिसमें उन्होंने उसे कहा था।
कंगना रनौत इससे पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रही हैं। अभिनेत्री से सांसद बनीं कंगना की टिप्पणियाँ अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बनती हैं। इस मामले में भी उनकी शुरुआती टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हुआ,लेकिन अब उन्होंने सामने आकर अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट किया है।
फिलहाल, कंगना की सफाई के बाद भी उनके बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्होंने पूरी ‘जेन-जी’ पीढ़ी को ‘गटर छाप’ नहीं कहा था,बल्कि जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग के संदर्भ में अपनी बात रखी थी। अब इस सफाई के बाद विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
