मनु भाकर

10 मीटर एयर पिस्टल में मेडल से चूकने के बाद मनु भाकर जसपाल राणा की यादों से भावुक हो गईं

नई दिल्ली,25 सितंबर (युआईटीवी)- बुधवार, 23 सितंबर को नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में भारतीय शूटर मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल फ़ाइनल में पाँचवें स्थान पर रहीं,लेकिन मेडल न जीत पाने की निराशा तब और गहरी हो गई,जब उनसे उनके दिवंगत कोच और मेंटर जसपाल राणा के बारे में पूछा गया।

24 साल की भाकर अपने आँसू नहीं रोक पाईं जब उन्हें राणा की याद आई,जिनका जून में 49 साल की उम्र में दिल की बीमारी के कारण निधन हो गया था। उनके निधन के बाद एशियाई खेल उनका पहला बड़ा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट था।

राणा ने भाकर के शूटिंग करियर में अहम भूमिका निभाई और उन्हें उस दौरान गाइड किया जब उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे। वह खुद भी एक मशहूर शूटर थे और उन्होंने तीन एशियाई खेलों में चार गोल्ड मेडल समेत कुल आठ मेडल जीते थे।

फ़ाइनल के बाद राणा के बारे में बात करते हुए भाकर ने कहा कि जो व्यक्ति किसी की ज़िंदगी का अहम हिस्सा रहा हो,उसकी यादें आसानी से नहीं मिटतीं। उन्होंने याद किया कि वह और राणा जापान में होने वाले एशियाई खेलों का कितनी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे।

राणा ने उन्हें बार-बार जो सबसे बड़ी सीख दी,वह यह थी कि नतीजे की चिंता करने के बजाय प्रोसेस पर ध्यान दिया जाए। भाकर ने कहा कि उनकी सलाह थी कि हर पल अपना बेस्ट परफ़ॉर्मेंस दें और प्रोसेस को फ़ॉलो करें।

उन्हें राणा से मिली एक और बड़ी सीख भी याद रही: ज़िंदगी का कोई भरोसा नहीं है, इसलिए इसे पूरी तरह जीना चाहिए और दूसरों के साथ दयालुता से पेश आना चाहिए।

फ़ाइनल में भाकर ने ज़बरदस्त शुरुआत की,लेकिन आठवें शॉट में 8.9 के स्कोर ने उनकी स्थिति पर असर डाला। उन्होंने 10.8 जैसे कई बेहतरीन शॉट्स के साथ वापसी की,लेकिन बाद में 9.6 के स्कोर ने उनके मेडल जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आख़िरकार, 181.1 के स्कोर के साथ वह पाँचवें स्थान पर रहीं।

भाकर ने माना कि 8.9 के स्कोर ने उनके मेडल जीतने की संभावनाओं पर काफ़ी असर डाला,लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश की थी। उन्होंने यह भी बताया कि फ़ाइनल में उनका प्रदर्शन भोपाल में तैयारी के दौरान किए गए कुछ ‘सिमुलेटेड-फ़ाइनल’ (अभ्यास के तौर पर खेले गए फ़ाइनल) प्रदर्शनों से बेहतर था।

नतीजे के बावजूद,भाकर अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक बनी रहीं। उन्होंने मुश्किल दौर में मदद करने के लिए अपनी मौजूदा कोच जेलेना अरुनोविच और अपनी पूरी सपोर्ट टीम को श्रेय दिया।

पाँचवें स्थान पर रहने का मतलब था कि भाकर बिना मेडल के ही इंडिविजुअल 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट से बाहर हो गईं,लेकिन राणा को दी गई उनकी भावुक श्रद्धांजलि ने यह दिखाया कि उनके खेल करियर और ज़िंदगी के प्रति उनके नज़रिए पर राणा का कितना गहरा और स्थायी प्रभाव था।