नई दिल्ली,5 मार्च (युआईटीवी)- दुनिया की प्रमुख निवेश बैंकिंग कंपनियों में से एक मॉर्गन स्टेनली ने अपने वैश्विक कार्यबल में बड़ी कटौती करते हुए लगभग 2,500 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 3 प्रतिशत मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्रक्रिया मार्च की शुरुआत से शुरू हो चुकी है और इसका असर कंपनी के कई प्रमुख विभागों पर पड़ा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है,जब वैश्विक वित्तीय क्षेत्र तेजी से बदलती कारोबारी प्राथमिकताओं,तकनीकी बदलावों और आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रहा है।
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक,कंपनी की यह छंटनी सीधे तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी किसी सुधार प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। इसके बजाय इसके पीछे कंपनी की बदलती व्यावसायिक रणनीति,वैश्विक स्तर पर नए लोकेशन मॉडल की योजना और कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा जैसे कारण बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अपने ऑपरेशन्स को अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई स्तरों पर पुनर्गठन कर रही है।
बताया जा रहा है कि यह छंटनी बैंक के तीन प्रमुख डिवीजनों—इंस्टिट्यूशनल सिक्योरिटीज,वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट में की गई है। इन तीनों ही क्षेत्रों को बैंक के कारोबार का मुख्य आधार माना जाता है। छंटनी का असर फ्रंट-ऑफिस और राजस्व से जुड़े पदों के साथ-साथ बैक-ऑफिस से संबंधित भूमिकाओं पर भी पड़ा है। हालाँकि,एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी ने अपने वित्तीय सलाहकारों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा है। वित्तीय सलाहकारों को वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस का अहम हिस्सा माना जाता है और यही कारण है कि इस वर्ग को छंटनी से बचाया गया है।
फिलहाल मॉर्गन स्टेनली ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है,लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी के दीर्घकालिक रणनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा हो सकता है। वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से लागत घटाने और संचालन को अधिक कुशल बनाने के लिए कई कंपनियाँ इसी तरह के कदम उठा रही हैं।
गौर करने वाली बात यह भी है कि यह पहली बार नहीं है,जब कंपनी ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है। इससे पहले पिछले साल वसंत के दौरान भी मॉर्गन स्टेनली ने करीब 2,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। उस समय भी कंपनी ने अपने खर्चों को नियंत्रित करने और कारोबारी संरचना को नया रूप देने की जरूरत का हवाला दिया था।
इस छंटनी को इसलिए भी दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर काफी सकारात्मक आँकड़ें पेश किए थे। वर्ष 2025 में मॉर्गन स्टेनली ने रिकॉर्ड 70.6 अरब डॉलर की वार्षिक आय दर्ज की थी। इसके अलावा साल की अंतिम तिमाही में कंपनी की आय में लगभग 47 प्रतिशत की तेज वृद्धि भी देखी गई थी। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद कंपनी को इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी क्यों करनी पड़ी।
31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के दुनिया के 40 से अधिक देशों में कुल 82,992 कर्मचारी काम कर रहे थे। ऐसे में 2,500 कर्मचारियों की कटौती कुल कार्यबल के लिहाज से भले ही सीमित लगे,लेकिन इससे वैश्विक वित्तीय उद्योग में एक बड़ा संकेत जरूर गया है कि कंपनियाँ अब अपने संसाधनों और कर्मचारियों की संरचना को नए सिरे से व्यवस्थित कर रही हैं।
हाल के वर्षों में वित्तीय संस्थानों के सामने कई तरह की चुनौतियाँ उभरकर आई हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता,ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव,निवेश गतिविधियों में बदलाव और तकनीकी नवाचारों के कारण बैंकिंग उद्योग तेजी से बदल रहा है। इसी वजह से कई बड़ी कंपनियाँ अपने ऑपरेशनल मॉडल को अधिक लचीला और तकनीक-केंद्रित बनाने की कोशिश कर रही हैं।
दिलचस्प बात यह भी है कि हाल ही में जारी अपनी एक रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली ने नौकरियों पर एआई के प्रभाव को लेकर अपेक्षाकृत संतुलित दृष्टिकोण पेश किया था। कंपनी का कहना था कि लंबे समय में एआई का असर उतना विनाशकारी नहीं होगा,जितना कि कई लोग मान रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि कुछ नौकरियाँ जरूर ऑटोमेशन के कारण समाप्त हो सकती हैं,लेकिन अधिकांश कर्मचारियों को पूरी तरह बेरोजगार होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कंपनी का मानना है कि एआई आने वाले वर्षों में काम करने के तरीके को जरूर बदल देगा। कई पारंपरिक भूमिकाएँ खत्म हो सकती हैं,लेकिन साथ ही नई तरह की नौकरियाँ भी पैदा होंगी। इनमें से कुछ भूमिकाएँ ऐसी हो सकती हैं,जिनका अभी अस्तित्व भी नहीं है। इस नजरिए से देखा जाए तो एआई को एक चुनौती के साथ-साथ एक अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
हालाँकि,केवल मॉर्गन स्टेनली ही नहीं,बल्कि दुनिया की कई बड़ी कंपनियाँ इस समय कर्मचारियों की संख्या कम करने की दिशा में कदम उठा रही हैं। उदाहरण के तौर पर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी द्वारा स्थापित पेमेंट कंपनी ब्लॉक इंक. ने भी हाल ही में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना बनाई है। कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या लगभग 10,000 से घटाकर करीब 6,000 करने पर विचार कर रही है।
टेक उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 12 से 18 महीनों के भीतर कई व्हाइट-कॉलर नौकरियाँ धीरे-धीरे ऑटोमेशन की ओर बढ़ सकती हैं। खासकर वे नौकरियाँ जिनमें कंप्यूटर आधारित कार्य अधिक होते हैं,उनमें तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि कंपनियाँ अपने कर्मचारियों की संख्या और कौशल संरचना को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।
ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेज़न ने भी हाल ही में अपने रोबोटिक्स डिवीजन में कर्मचारियों की छंटनी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रक्रिया में कम से कम 100 व्हाइट-कॉलर नौकरियाँ प्रभावित हुई हैं। इससे पहले जनवरी में कंपनी ने लगभग 16,000 नौकरियों में कटौती की थी।
इसी तरह अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल भी अपने एआई डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पुनर्गठन की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी 20,000 से 30,000 कर्मचारियों तक की छंटनी कर सकती है,ताकि वह अपने संसाधनों को नई तकनीकी प्राथमिकताओं की दिशा में मोड़ सके।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक कॉर्पोरेट जगत एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कंपनियाँ तेजी से तकनीक,दक्षता और लागत प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए भी यह जरूरी होता जा रहा है कि वे बदलती तकनीकों के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करें।
मॉर्गन स्टेनली की हालिया छंटनी इसी व्यापक वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बैंकिंग और तकनीकी उद्योग किस तरह नई रणनीतियों और नवाचारों के जरिए अपने भविष्य को आकार देते हैं।
