नई दिल्ली,10 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माता की ओर से दायर याचिका पर सलमान खान को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। निर्माता ने अदालत से मांग की है कि सलमान खान की ओर से फिल्म पर रोक लगाने के लिए दायर मुकदमे को वापस लेने का निर्देश दिया जाए। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि दिल्ली की अदालत के पास इस मामले की सुनवाई करने का क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र नहीं है। अदालत ने मामले में सलमान खान का पक्ष जानने के बाद अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है।
यह विवाद फिल्म के पोस्टर और टीजर सामने आने के बाद शुरू हुआ था। सलमान खान की ओर से आरोप लगाया गया कि फिल्म में दिखाया गया एक किरदार उनकी पहचान और व्यक्तित्व से काफी हद तक मिलता-जुलता है। अभिनेता का कहना है कि उनकी अनुमति के बिना उनकी पहचान से जुड़ी विशेषताओं का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, फिल्म के निर्देशक का पक्ष है कि कहानी और उसका मुख्य किरदार काल्पनिक हैं तथा फिल्म को सलमान खान की बायोपिक के रूप में नहीं बनाया गया है।
फिल्म के निर्माता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सलमान खान की ओर से दायर मुकदमे पर सवाल उठाए हैं। निर्माता का कहना है कि जिस अदालत में अभिनेता ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है, उसके पास इस मामले की सुनवाई करने का आवश्यक क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र नहीं है। इसी आधार पर अदालत से मुकदमे को वापस लेने का निर्देश देने की माँग की गई है।
हाईकोर्ट ने निर्माता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सलमान खान से जवाब माँगा है। अभिनेता को अपना पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। आने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माता की ओर से उठाए गए अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवालों पर अभिनेता क्या दलीलें पेश करते हैं।
फिलहाल,अदालत ने सलमान खान को जवाब दाखिल करने का अवसर दिया है। निर्माता की माँग पर अंतिम निर्णय क्या होगा,यह आगामी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों पर निर्भर करेगा।
फिल्म ‘काला हिरण’ का पोस्टर और टीजर सामने आने के बाद सलमान खान की ओर से आपत्ति जताई गई थी। अभिनेता का आरोप है कि फिल्म में एक ऐसा किरदार दिखाया गया है, जिसकी शक्ल-सूरत और कुछ खास पहचान उनसे मिलती-जुलती है। खास तौर पर किरदार के हाथ में नजर आने वाले ब्रेसलेट को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सलमान खान लंबे समय से एक खास अंदाज के ब्रेसलेट के लिए पहचाने जाते हैं।
अभिनेता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि फिल्म में उनके व्यक्तित्व से जुड़ी पहचान का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता और पहचान से जुड़ी विशेषताओं का व्यावसायिक इस्तेमाल करने से पहले उसके अधिकारों का ध्यान रखना जरूरी है।
सलमान खान की ओर से यह भी आशंका जताई गई कि फिल्म के प्रचार में उनके व्यक्तित्व से मिलती-जुलती चीजों का इस्तेमाल उनकी छवि को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर उन्होंने फिल्म की रिलीज और उससे जुड़ी प्रचार सामग्री पर रोक लगाने की माँग करते हुए मुकदमा दायर किया था।
फिल्म के टीजर में वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़े संदर्भ दिखाए जाने को भी विवाद की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। यह मामला लंबे समय से सलमान खान के नाम से जुड़ा रहा है और उनके सार्वजनिक जीवन में कई बार चर्चा का विषय बना है।
सलमान खान की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म में उनके जीवन से जुड़े विवाद को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। अभिनेता का आरोप है कि इस संदर्भ का इस्तेमाल दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने और फिल्म के प्रचार को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार,इस तरह की प्रस्तुति से दर्शकों के बीच उनकी पहचान को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है और उनकी प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है।
इसी वजह से अभिनेता ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया है। व्यक्तित्व अधिकारों के तहत किसी व्यक्ति की पहचान, नाम, छवि और उससे जुड़ी विशिष्ट विशेषताओं के अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल पर आपत्ति जताई जा सकती है। हालाँकि, किसी मामले में इन अधिकारों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसका निर्धारण संबंधित तथ्यों और अदालत के फैसले के आधार पर होता है।
दूसरी ओर, फिल्म के निर्देशक भरत एस. श्रीनेत ने सलमान खान की आपत्तियों पर अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि ‘काला हिरण’ सलमान खान के जीवन पर आधारित फिल्म नहीं है। निर्देशक के मुताबिक,फिल्म में दिखाया गया किरदार काल्पनिक है और उसका नाम ‘अयान खान’ रखा गया है।
ब्रेसलेट को लेकर उठाए गए सवालों पर भी निर्देशक ने अपनी सफाई दी थी। उनका तर्क है कि इस तरह का ब्रेसलेट केवल सलमान खान ही नहीं पहनते,इसलिए सिर्फ इसके आधार पर किसी किरदार को अभिनेता से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किरदार को सलमान खान जैसा दिखाने के लिए किसी तरह के प्रोस्थेटिक मेकअप का इस्तेमाल नहीं किया गया।
इस तरह दोनों पक्षों के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा फिल्म के किरदार की पहचान,प्रचार सामग्री और अदालत के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जहाँ सलमान खान अपनी छवि और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की माँग कर रहे हैं,वहीं फिल्म निर्माता और निर्देशक किरदार को काल्पनिक बताते हुए अभिनेता के आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं।
इस मामले में 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान की आपत्ति पर अंतरिम आदेश दिया था। इसके तहत फिल्म के टीजर और उससे जुड़ी कुछ प्रचार सामग्री के ऑनलाइन लिंक हटाने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया अंतरिम कदम था।
अब निर्माता की ओर से दाखिल नई याचिका ने विवाद को एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया के केंद्र में ला दिया है। चार सप्ताह के भीतर सलमान खान को अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी।
फिलहाल,16 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस मामले का आगे का घटनाक्रम न केवल फिल्म ‘काला हिरण’ के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि किसी लोकप्रिय व्यक्ति की पहचान से मिलते-जुलते काल्पनिक किरदारों और उनके व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े सवालों पर भी ध्यान आकर्षित कर सकता है।
