चेन्नई,10 अक्टूबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 11 अक्टूबर को होने वाली चेन्नई यात्रा को लेकर तमिलनाडु की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए शहरभर में पाँच स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, जिसके तहत लगभग 15,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कार्यक्रम स्थलों, परिवहन केंद्रों, प्रमुख सड़कों और प्रधानमंत्री के संभावित यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस और अन्य आवासीय परिसरों में भी जाँच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने 10 अक्टूबर से कई संवेदनशील इलाकों को रेड जोन घोषित करते हुए ड्रोन और अन्य मानवरहित हवाई उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। इन तैयारियों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती,वाहनों की जाँच,संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों की निगरानी शामिल है। सुरक्षा एजेंसियाँ कार्यक्रम स्थलों के साथ-साथ उन रास्तों पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं,जिनका इस्तेमाल प्रधानमंत्री की आवाजाही के दौरान किए जाने की संभावना है।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए चेन्नई में पाँच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत हवाई अड्डे से लेकर कार्यक्रम स्थलों और आसपास के इलाकों तक सुरक्षा का व्यापक प्रबंध किया गया है। जिन प्रमुख स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है,उनमें चेन्नई हवाई अड्डा, पोरूर बाईपास मेट्रो रेलवे स्टेशन, कोटूरपुरम स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास परिसर, नंदंबक्कम स्थित चेन्नई ट्रेड सेंटर और गिंडी स्थित लोक भवन शामिल हैं।
इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है,ताकि प्रधानमंत्री के आगमन, कार्यक्रमों में भागीदारी और निर्धारित मार्गों से आवागमन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। पुलिसकर्मियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था का दायरा केवल कार्यक्रम स्थलों तक सीमित नहीं है। आसपास के इलाकों, प्रमुख चौराहों और व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर भी पुलिस की तैनाती की गई है। इसका उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि की समय रहते पहचान करना और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
चेन्नई पुलिस आयुक्त ए. अमलराज ने वेपेरी स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।
इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों, संयुक्त पुलिस आयुक्तों, उप पुलिस आयुक्तों और सहायक पुलिस आयुक्तों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी भी इस व्यवस्था में शामिल हैं।
इसके अलावा,सशस्त्र रिजर्व पुलिस, कमांडो और तमिलनाडु विशेष पुलिस के जवानों की भी तैनाती की जाएगी। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले चेन्नई की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की जाँच बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारी उन मार्गों पर विशेष निगरानी रख रहे हैं,जिनका इस्तेमाल प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के लिए होने की संभावना है। विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जाँच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने शहर के लॉज, गेस्ट हाउस, बड़े होटलों और अन्य आवासीय सुविधाओं में भी निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इन जांचों का उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाना है।
इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन केंद्रों और उनके आसपास के इलाकों में निगरानी का स्तर बढ़ाया गया है,ताकि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले पुलिस ने 10 अक्टूबर को मीनांबक्कम, गिंडी, कोट्टूरपुरम, पोरूर और नंदंबक्कम के आसपास के इलाकों को रेड जोन घोषित किया है। इन क्षेत्रों में प्रधानमंत्री की आवाजाही के लिए निर्धारित मार्ग भी शामिल हैं।
रेड जोन के अंतर्गत आने वाले इलाकों में ड्रोन कैमरे और अन्य मानवरहित हवाई उपकरणों को उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संवेदनशील स्थानों के ऊपर अनधिकृत हवाई गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में लोगों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। पुलिस इन इलाकों में निगरानी रखेगी और सुरक्षा संबंधी निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगी। प्रधानमंत्री के दौरे से जुड़े स्थानों और मार्गों पर किसी भी तरह की अनधिकृत गतिविधि को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
चेन्नई में सुरक्षा तैयारियों के तहत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को भी निगरानी के दायरे में रखा गया है। मेट्रो स्टेशनों, रेलवे परिसरों और बस टर्मिनलों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रमुख सड़कों पर वाहनों की जाँच और यातायात की निगरानी भी जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ मार्गों पर वाहनों की जाँच में अतिरिक्त समय लग सकता है। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय संभावित देरी को ध्यान में रखने की जरूरत है। हालाँकि,यातायात में किसी विशेष बदलाव या मार्ग बंद किए जाने की जानकारी के लिए संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान देना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 अक्टूबर को होने वाले चेन्नई दौरे से पहले शहर में सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हैं। लगभग 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती,पाँच स्तरीय सुरक्षा घेरा, प्रमुख स्थानों पर निरीक्षण और पाँच इलाकों में ड्रोन प्रतिबंध के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अब पुलिस और संबंधित एजेंसियों का ध्यान प्रधानमंत्री के दौरे को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर केंद्रित है।
