न्यूयॉर्क,26 सितंबर (युआईटीवी)- संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। शुक्रवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत को लेकर जोर-जोर से सवाल करना शुरू कर दिया। पत्रकार के हस्तक्षेप पर जयशंकर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को ही सवालों के घेरे में ला दिया।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती के साथ शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की शुरुआत के अवसर पर आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का मुख्य विषय समुद्री परिवहन और नाविकों की सुरक्षा था,लेकिन इसी दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत से संबंधित सवाल उठाना शुरू कर दिया। पत्रकार लगातार बोलता रहा और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यवधान पैदा करने की कोशिश की।
रिपोर्ट के मुताबिक,पत्रकार की टिप्पणियों का सामना करते हुए जयशंकर ने शांत रहते हुए जवाब दिया। इस दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने भी हस्तक्षेप किया और पत्रकार से कहा कि उसने विदेश मंत्री का जवाब स्पष्ट रूप से सुन लिया है। पूरे घटनाक्रम में जयशंकर का जवाब पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े रिकॉर्ड और भारत के खिलाफ उसके आरोपों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है,जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच और उसके आसपास भारत तथा पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है और पाकिस्तान से आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की माँग करता रहा है। दूसरी ओर,पाकिस्तान भारत पर विभिन्न आरोप लगाता रहा है,जिन्हें भारत खारिज करता रहा है।
जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस से एक दिन पहले भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर भारतीय पत्रकारों के सवालों का सामना करना पड़ा था। एक भारतीय पत्रकार ने उनसे सीधे सवाल किया था कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा। पत्रकार ने विशेष रूप से लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को लेकर भी सवाल किया और पूछा कि उसके खिलाफ मुकदमा कब चलाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश करते दिखाई देते हैं। इसी दौरान पत्रकार ने उनसे आतंकवादियों को कथित तौर पर पनाह देने को लेकर सवाल किया। शहबाज शरीफ ने सवाल का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए। बाद में जब वह संयुक्त राष्ट्र परिसर से बाहर निकले,तब पत्रकार ने दोबारा हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया। हालाँकि,पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस सवाल का भी कोई जवाब नहीं दिया और बिना प्रतिक्रिया दिए वहां से निकल गए।
हाफिज सईद का नाम भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर होने वाली बहस में लंबे समय से सामने आता रहा है। वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा है और संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची में शामिल है। अमेरिकी सरकार ने भी उसके खिलाफ इनाम की घोषणा की थी। भारत उसे 2008 के मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े प्रमुख आरोपियों में शामिल करता है और लंबे समय से उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।
इसी बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर पाकिस्तान के खिलाफ अपना रुख और स्पष्ट किया है। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान पर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आक्रामक बयानबाजी से पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों का समाधान नहीं हो सकता।
भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालिया घटनाओं का भी उल्लेख किया। भारत की ओर से कहा गया कि वहाँ विरोध प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और लोगों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। भारतीय प्रतिनिधि ने भोजन,ईंधन और दवाओं तक पहुँच से संबंधित प्रतिबंधों का भी मुद्दा उठाया।
भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं और आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए। भारतीय पक्ष के अनुसार,क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने या भारत के खिलाफ आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपने नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उसके खिलाफ लगातार आवाज उठाई है।
मानवाधिकार परिषद में भारतीय प्रतिनिधि के बयान के दौरान पाकिस्तान ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाकर प्रतिक्रिया देने की कोशिश की। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के रुख को मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास बताया। दोनों देशों के बीच यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है,जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि वैश्विक सुरक्षा,आतंकवाद,आर्थिक चुनौतियों और क्षेत्रीय संघर्षों पर चर्चा कर रहे हैं।
शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल और जयशंकर की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर जारी कूटनीतिक तनाव को सामने ला दिया। एक ओर पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाने की कोशिश कर रहा है, वहीं भारत लगातार आतंकवाद और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दोनों देशों की यह खींचतान आने वाले दिनों में भी चर्चा का विषय बनी रह सकती है।
