जयपुर,14 सितंबर (युआईटीवी)- राजस्थान में डीज़ल और पेट्रोल पर अधिक टैक्स लेने के विरोध में पेट्रोल-डीज़ल पंप के मालिकों ने दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार ने उनकी माँगों को पूरा नहीं किया तो वे 15 सितम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
इस हड़ताल का असर राजस्थान के सभी जिलों में है। सभी जिलों के पेट्रोल पंप बंद हैं ,जिसके कारण वहाँ के लोग पड़ोसी राज्यों में जाकर अपने वाहनों में पेट्रोल-डीज़ल भरवा रहे हैं।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन सरकार से पेट्रोल-डीज़ल पर लगाए गए टैक्स को कम करने की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी यह हड़ताल आंशिक रूप से सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक के लिए किया जा रहा है और दो दिन के लिए है। यदि सरकार ने हमारी माँगों की ओर ध्यान नहीं दिया और टैक्स को कम नहीं किया तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन का फुल टाइम के लिए हो जाएगा।
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि राजस्थान के पड़ोसी राज्यों में सस्ते दर पर डीज़ल और पेट्रोल उपलब्ध है। जिसके वजह से राजस्थान में अपने पड़ोसी राज्यों की अपेक्षा बिक्री में कमी आई है। यदि सरकार टैक्स में कमी कर देती है तो राजस्थान में डीज़ल ₹11 तक सस्ता हो जाएगा और पेट्रोल ₹16 तक सस्ता हो जाएगा। जिससे डीज़ल ₹90 प्रति लीटर और पेट्रोल ₹97 प्रति लीटर में मिल सकेगा।
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन कहना है कि पिछले तीन वर्षों में बढ़ते टैक्स के कारण पेट्रोल-डीज़ल के दाम में काफी बढ़ोतरी हुई है और इन वजहों से लगभग 270 पेट्रोल बंद हो गए क्योंकि अधिक दाम के कारण पेट्रोल-डीज़ल की बिक्री में कमी आ गई। इन्हीं सब वजहों को देखते हुए राजस्थान के सभी जिलों में पेट्रोल पंप को दो दिन तक आंशिक रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने लगभग 250 पेट्रोल पंप बंद रखे हैं ,तो चित्तौड़गढ़ में 140 पेट्रोल पंप किए गए हैं। बीकानेर में 120 पेट्रोल पंप,टोंक में 154 पेट्रोल पंप बंद रखे गए हैं। इन सभी पेट्रोल-डीज़ल स्टेशनों पर आपातकालीन सेवाएँ जारी रखी गई हैं।
