नई दिल्ली,21 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर संसद भवन परिसर में मिले। सूत्रों के मुताबिक खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले को लेकर भारत-कनाडा के बीच जो भी राजनीतिक गतिरोध चल रहे हैं,उससे प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराने के लिए ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ये मुलाकात की।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जब खालिस्तानी आतंकवादी निज्जर के हत्या का आरोप भारत सरकार पर लगाया,तो भारत -कनाडा के रिश्तों के बीच में कड़वाहट आ गई है। कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में 18 सितंबर को आरोप लगाया था कि खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर,जिसकी हत्या जून में कर दिया गया है,उसमें भारत सरकार की संलिप्तता हो सकती है। कनाडाई सुरक्षा एजेंसियाँ इस की सक्रिय जाँच कर रही है और इस हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के संभावित संबंध होने की विश्वसनीय आरोपों की जाँच को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। उसी दिन कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने भी कहा था कि इस हत्या मामले में भारत सरकार की संलिप्तता को देखते हुए,भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया गया है।

भारत ने कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो के आरोपों को खारिज कर दिया था और कहा था कि उनके द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार,बेबुनियाद और बेतुके हैं। साथ ही इस मामले को देखते हुए भारत ने कनाडा के शीर्ष राजनयिक को निष्कासित कर दिया है। भारत सरकार ने कनाडा के शीर्ष राजनयिक को निष्कासित करने के अपने फैसले को कनाडा के उच्चायुक्त कैमरून मैके को एक समन के माध्यम से अवगत करा दिया है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है और कहा है कि जिस वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित किया गया है उन्हें आधिकारिक तौर पर 5 दिन के अंदर भारत छोड़कर चले जाने का निर्देश दिया गया है। बयान में यह भी कहा गया है कि यह निर्णय कनाडाई राजनयिकों के भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के कारण लिया जा रहा है। क्योंकि उनकी भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता से भारत सरकार की चिंता बढ़ रही है।
