नागोया,29 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए मंगलवार का दिन खास रहा। युवा एथलीट पूजा मंगलावर ने महिलाओं की हाई जंप स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत के 24 साल लंबे इंतजार को खत्म कर दिया। फाइनल में पूजा ने 1.84 मीटर की ऊँचाई पार करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि के साथ एशियन गेम्स में महिलाओं की हाई जंप स्पर्धा में भारत को पहली बार कांस्य पदक मिला है। इससे पहले इस स्पर्धा में भारत के लिए बॉबी एलॉयसियस ने 2002 में रजत पदक जीता था।
पूजा मंगलावर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह महज 19 वर्ष की हैं और पिछले कुछ समय में उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रतियोगिता के फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया और 1.84 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचने के बाद पदक की दौड़ में खुद को मजबूत स्थिति में रखा। हालाँकि,इसके बाद 1.87 मीटर की ऊंचाई उनके लिए चुनौती साबित हुई। उन्होंने इस ऊँचाई को पार करने के लिए तीन प्रयास किए,लेकिन किसी भी प्रयास में सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद 1.84 मीटर की छलांग उन्हें पोडियम तक पहुँचाने के लिए पर्याप्त रही।
महिलाओं की हाई जंप में उज्बेकिस्तान की सायफुल्लाएवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने 1.90 मीटर की ऊँचाई पार की,जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। कजाकिस्तान की क्रिस्टीना ओवचिन्कोवा ने 1.87 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक अपने नाम किया। पूजा 1.84 मीटर के प्रदर्शन के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
पूजा का यह प्रदर्शन उनके हालिया शानदार सफर की अगली कड़ी है। इससे पहले अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 1.93 मीटर की ऊँचाई पार करके राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया था। इस दौरान उन्होंने सहाना कुमारी का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद पूजा से एशियन गेम्स में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। उन्होंने फाइनल में कांस्य पदक जीतकर इस उम्मीद को पूरा किया।
हालाँकि,पूजा के लिए फाइनल का सफर पूरी तरह आसान नहीं था। 1.84 मीटर की ऊँचाई पार करने के बाद वह मजबूत स्थिति में थीं,लेकिन 1.87 मीटर पर लगातार तीन असफल प्रयासों ने उनकी चुनौती को सीमित कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने दबाव के बीच अपनी स्थिति बनाए रखी और कांस्य पदक सुनिश्चित किया। इस पदक के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में भारतीय महिला हाई जंप के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
महिलाओं की हाई जंप में भारत का पिछला एशियन गेम्स पदक 2002 में आया था। तब बॉबी एलॉयसियस ने रजत पदक जीता था। उसके बाद से इस स्पर्धा में भारत को पोडियम पर जगह नहीं मिल सकी थी। पूजा ने 24 साल बाद इस इंतजार को खत्म करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। खास बात यह है कि यह एशियन गेम्स में महिलाओं की हाई जंप में भारत का पहला कांस्य पदक है।
पूजा की उपलब्धि से एक दिन पहले पुरुषों की हाई जंप में भी भारत ने पदक हासिल किया था। सर्वेश कुशारे ने सोमवार को 2.25 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता था। पुरुषों की स्पर्धा में चीनी ताइपे के चाओ ह्सुआन-फू ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि रिपब्लिक ऑफ कोरिया के सांगह्योक वू को कांस्य पदक मिला।
सर्वेश ने फाइनल में शुरुआत से ही अपनी लय कायम रखी। उन्होंने 2.10 मीटर की ऊँचाई को पहली ही कोशिश में पार किया। इसके बाद उन्होंने 2.14 मीटर, 2.18 मीटर और 2.22 मीटर की ऊंचाइयों को भी अपने पहले प्रयास में पार कर लिया। इस लगातार सफल प्रदर्शन के कारण वह लंबे समय तक शीर्ष स्थान पर बने रहे और पदक की स्थिति मजबूत करते गए।
इसके बाद मुकाबला 2.25 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचा। सर्वेश ने यह ऊँचाई दूसरी कोशिश में पार की,जबकि चाओ ह्सुआन-फू ने अपने पहले प्रयास में ही 2.25 मीटर पार कर लिया। दोनों एथलीटों ने समान ऊँचाई हासिल की,लेकिन कम प्रयास में ऊँचाई पार करने के कारण चाओ को बढ़त मिली और सर्वेश को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मुकाबला इसके बाद 2.28 मीटर तक पहुँचा,लेकिन सर्वेश और चाओ दोनों ही तीन-तीन प्रयासों के बावजूद इस ऊँचाई को पार नहीं कर सके। इस कारण 2.25 मीटर तक के प्रदर्शन और प्रयासों के आधार पर पदकों का फैसला हुआ। चाओ ने स्वर्ण, सर्वेश ने रजत और सांगह्योक वू ने कांस्य पदक हासिल किया। सर्वेश के लिए 2.25 मीटर की छलांग इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रही।
इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हाई जंप के लिए लगातार दो दिनों में दो पदक आए। पहले सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की स्पर्धा में रजत पदक जीता और उसके अगले दिन पूजा मंगलावर ने महिलाओं की स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। पूजा का पदक विशेष रूप से ऐतिहासिक रहा क्योंकि इससे महिलाओं की हाई जंप में भारत को 24 साल बाद पदक मिला।
युवा पूजा के लिए यह उपलब्धि उनके करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के बाद एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर पदक जीतना उनके बढ़ते कद को दर्शाता है। भले ही वह 1.87 मीटर की ऊँचाई पार नहीं कर सकीं,लेकिन 1.84 मीटर की छलांग के साथ उन्होंने पोडियम पर जगह बनाई और भारतीय एथलेटिक्स के रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए हाई जंप स्पर्धाओं का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारत ने लगातार पदक हासिल किए हैं। पूजा का कांस्य पदक न केवल 24 साल के इंतजार का अंत है,बल्कि भारतीय महिला हाई जंप के लिए एक नई उम्मीद भी लेकर आया है। अब इस युवा एथलीट की नजर आने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर होगी।
