बार्सिलोना,26 अक्टूबर (युआईटीवी)- स्पेनिश फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता ‘एल क्लासिको’ में रियल मैड्रिड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफसी बार्सिलोना को 2-1 से हरा दिया। ला लीगा के इस रोमांचक मुकाबले में किलियन एमबाप्पे जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने मैच में दो गोल दागकर अपनी टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाई और रियल मैड्रिड की ओर से अपने 100 गोल पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की। मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन निर्णायक मौकों पर मैड्रिड के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। दूसरी ओर,बार्सिलोना ने वापसी की कोशिश की,मगर टीम को अपने घरेलू मैदान पर हार का सामना करना पड़ा।
इस मुकाबले में रियल मैड्रिड ने शुरुआत से ही अपनी रणनीति के अनुसार खेलते हुए बार्सिलोना के हमलों को रोकने और जवाबी हमलों के जरिए गोल करने पर ध्यान दिया। जूड बेलिंगहम,अर्दा गुलेर और एडुआर्डो कामाविंगा ने गेंद को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, एमबाप्पे ने अपनी गति, सही समय पर लिए गए फैसलों और गोल करने की क्षमता से अंतर पैदा किया। मैच के अंतिम चरण में उनका दूसरा गोल निर्णायक साबित हुआ।
मैच की शुरुआत से ही रियल मैड्रिड के खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाया। जूड बेलिंगहम ने शानदार तरीके से गेंद को आगे बढ़ाते हुए अर्दा गुलेर को पास दिया। इसके बाद गुलेर ने एडुआर्डो कामाविंगा के लिए अवसर बनाने की कोशिश की। मैड्रिड की टीम ने शुरुआती मिनटों में ही स्पष्ट कर दिया कि वह बार्सिलोना को आसानी से मैच पर नियंत्रण नहीं बनाने देगी।
मुकाबले के शुरुआती चार मिनट के भीतर ही अर्दा गुलेर को गोल करने का अच्छा मौका मिला,लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकल गया। इसके लगभग 14 मिनट बाद उन्हें एक और अवसर मिला। इस बार बार्सिलोना के गोलकीपर जोन गार्सिया ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को गोल में जाने से रोक दिया।
बार्सिलोना ने भी गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने और अपने आक्रमण को मजबूत करने की कोशिश की,लेकिन रियल मैड्रिड की रक्षापंक्ति ने उसके खिलाड़ियों को ज्यादा खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। मैड्रिड के डिफेंडरों ने विपक्षी टीम के हमलों को समय रहते रोकने में अहम भूमिका निभाई।
मैच के 41वें मिनट में रियल मैड्रिड को आखिरकार सफलता मिली। टीम के खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला और गेंद एमबाप्पे तक पहुँची। इस दौरान गेंद को रोकने और क्लियर करने की कोशिश में बार्सिलोना के जेरार्ड मार्टिन से टकराकर गेंद एमबाप्पे के पास चली गई। फ्रांसीसी स्टार ने मौके का फायदा उठाते हुए दाएँ पैर से शानदार शॉट लगाया और गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ रियल मैड्रिड ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
गोल खाने के बाद बार्सिलोना ने तुरंत जवाब देने की कोशिश की। लामिन यमल को करीब से गोल करने का अवसर मिला,लेकिन वह उसे गोल में बदलने में सफल नहीं हो सके। पहले हाफ के अंतिम क्षणों में रियल मैड्रिड की बढ़त दोगुनी होने का मौका भी आया। यान डायोमांडे गोलकीपर के सामने पहुँच गए,लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट के बाहरी हिस्से से टकराकर निकल गया। इस तरह हाफ टाइम तक मैड्रिड ने अपनी बढ़त कायम रखी।
दूसरे हाफ की शुरुआत में भी मुकाबले का रुख काफी हद तक पहले जैसा रहा। रियल मैड्रिड ने अपने डिफेंस को मजबूत बनाए रखा और मौका मिलने पर तेजी से जवाबी हमले किए। बार्सिलोना के खिलाड़ियों ने बराबरी का गोल करने के लिए दबाव बढ़ाया,जिससे मैदान पर मुकाबला और रोमांचक हो गया।
56वें मिनट में जोआओ कैंसिलो और यान डायोमांडे के बीच टक्कर के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई। बताया गया कि कैंसिलो की टक्कर डायोमांडे की जांघ के पीछे लगी, जिसके बाद मैड्रिड के खिलाड़ियों ने उनके खिलाफ रेड कार्ड की माँग की। चोट के कारण डायोमांडे को कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। हालाँकि,इस घटना के बाद खेल फिर शुरू हुआ और दोनों टीमें गोल करने के प्रयास में जुट गईं।
बार्सिलोना को आखिरकार 61वें मिनट में सफलता मिली,जब राफिन्हा ने गोल करके स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल ने मुकाबले में नई जान डाल दी और घरेलू टीम की वापसी की उम्मीदें बढ़ गईं। बराबरी के बाद बार्सिलोना के खिलाड़ी बढ़त हासिल करने की कोशिश में जुट गए,लेकिन रियल मैड्रिड ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा।
बराबरी के गोल के कुछ ही मिनट बाद अर्दा गुलेर ने मुश्किल कोण से जोरदार शॉट लगाया। बार्सिलोना के गोलकीपर जोन गार्सिया ने शानदार प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को रोक लिया। इसके बाद 66वें मिनट में रियल मैड्रिड के गोलकीपर लुनिन ने भी बेहतरीन बचाव किया। कॉर्नर से आई गेंद पर जेरार्ड मार्टिन ने हेडर लगाया,लेकिन लुनिन ने सतर्कता दिखाते हुए गेंद को गोल में जाने से रोक दिया।
इन बचावों ने मुकाबले को बराबरी पर बनाए रखा। दोनों टीमों के पास बढ़त हासिल करने के अवसर थे,लेकिन निर्णायक क्षणों में गोलकीपरों के प्रदर्शन ने भी अहम भूमिका निभाई।
मैच जैसे-जैसे अंतिम मिनटों की ओर बढ़ रहा था,वैसे-वैसे दोनों टीमों पर परिणाम हासिल करने का दबाव बढ़ता जा रहा था। इसी बीच 88वें मिनट में रियल मैड्रिड ने ऐसा शानदार हमला किया,जिसने मुकाबले का फैसला लगभग तय कर दिया।
इस आक्रमण की शुरुआत जूड बेलिंगहम के बेहतरीन रूलेट मूव से हुई। उन्होंने शानदार अंदाज में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए उसे अर्दा गुलेर तक पहुँचाया। गुलेर ने आगे एडुआर्डो कामाविंगा के लिए मौका बनाया। कामाविंगा ने बार्सिलोना के डिफेंडर पाउ कुबारसी को चकमा देते हुए गेंद एमबाप्पे तक पहुँचा दी।
एमबाप्पे ने इस मौके को गंवाए बिना गेंद को गोल में डाल दिया। उनका यह दूसरा गोल रियल मैड्रिड के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसी के साथ उन्होंने क्लब की ओर से अपने 100 गोल पूरे करने की उपलब्धि हासिल की। एक बड़े मुकाबले में इस व्यक्तिगत उपलब्धि को हासिल करना उनके लिए खास रहा।
इस गोल के बाद बार्सिलोना ने बराबरी करने की कोशिश की,लेकिन रियल मैड्रिड ने अंतिम क्षणों तक अपनी बढ़त बनाए रखी। मैड्रिड के खिलाड़ियों ने रक्षापंक्ति को मजबूत रखा और विपक्षी टीम को दोबारा गोल करने का मौका नहीं दिया।
रियल मैड्रिड की 2-1 की जीत में एमबाप्पे की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। उनके दोनों गोल ने टीम को मुकाबले में आगे रखा और आखिरकार जीत तक पहुँचाया। वहीं, बेलिंगहम और कामाविंगा ने आक्रमण तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। गोलकीपर लुनिन के अहम बचावों ने भी टीम की बढ़त को सुरक्षित रखने में मदद की।
दूसरी ओर,बार्सिलोना ने राफिन्हा के गोल से मुकाबले में वापसी की और कई मौकों पर बराबरी के बाद बढ़त बनाने की कोशिश की। हालाँकि,टीम को अपने अवसरों का पूरा फायदा नहीं मिला। जोन गार्सिया ने कई अच्छे बचाव किए,लेकिन एमबाप्पे के निर्णायक गोल को रोकने में सफल नहीं हो सके।
इस तरह रियल मैड्रिड ने कैंप नोउ में बार्सिलोना को 2-1 से हराकर एल क्लासिको अपने नाम कर लिया और ला लीगा मुकाबले में पूरे तीन अंक हासिल किए। एमबाप्पे के दो गोल और क्लब के लिए उनके 100 गोल पूरे होने की उपलब्धि इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा रही।
