स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारत की शानदार शुरुआत,जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त (तस्वीर क्रेडिट@DDNewsGujarati)

स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारत की शानदार शुरुआत,जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

रायपुर,17 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज का आगाज जीत के साथ किया है। शुक्रवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया और जिम्बाब्वे को चार विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। मुकाबले में एक समय भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में पहुँच गई थी,लेकिन दीप्ति शर्मा और पदार्पण कर रहीं निकी प्रसाद की शानदार साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।

जिम्बाब्वे की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में पाँच विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और महज 19 रन के स्कोर तक उसके चार प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। हालांकि, दीप्ति और निकी ने जिम्मेदारी सँभालते हुए पाँचवें विकेट के लिए अहम साझेदारी की और भारत को जीत के करीब पहुँचा दिया। दीप्ति के आउट होने के बाद निकी ने पारी को आगे बढ़ाया और टीम को 15.4 ओवर में लक्ष्य तक पहुँचा दिया।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने केवल सात रन के स्कोर पर बिलव्ड बिजा का विकेट गंवा दिया। वह अपना खाता भी नहीं खोल सकीं। शुरुआती झटके के बाद केलिस नधलोवु और मोडेस्टर मुपाचिकवा ने पारी को सँभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी हुई,जिससे जिम्बाब्वे की टीम शुरुआती दबाव से बाहर निकलने में सफल रही।

मुपाचिकवा 16 रन बनाकर आउट हो गईं,लेकिन नधलोवु ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने शार्ने मेयर्स के साथ तीसरे विकेट के लिए 22 रन जोड़े। इसके बाद मेयर्स ने न्याशा ग्वानजुरा के साथ चौथे विकेट के लिए 31 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने में योगदान दिया।

जिम्बाब्वे की ओर से शार्ने मेयर्स सबसे सफल बल्लेबाज रहीं। उन्होंने 33 गेंदों में नाबाद 43 रन बनाए,जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल थे। वहीं, केलिस नधलोवु ने 44 गेंदों का सामना करते हुए 42 रन की पारी खेली। उनकी पारी में छह छक्के शामिल रहे। दोनों बल्लेबाजों के योगदान की बदौलत जिम्बाब्वे की टीम 114 रन तक पहुँच सकी। हालाँकि,टीम आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़ने में सफल नहीं रही और भारत के सामने बड़ा लक्ष्य रखने का मौका गंवा दिया।

भारत की ओर से गेंदबाजी में नंदनी शर्मा ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने चार ओवर में केवल 11 रन खर्च करते हुए दो विकेट हासिल किए। श्री चरणी ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 14 रन दिए और एक विकेट अपने नाम किया। इसके अलावा क्रांति गौड़ और अरुंधति रेड्डी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोककर टीम के लिए जीत की राह तैयार की।

115 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम से मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती ओवरों में ही बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। नई कप्तान स्मृति मंधाना नौ रन बनाकर आउट हो गईं। उनका विकेट 14 रन के कुल स्कोर पर गिरा। इसके तुरंत बाद तीसरे नंबर पर उतरीं अनुष्का शर्मा भी पवेलियन लौट गईं। वह तीन गेंदों में एक चौका लगाकर केवल चार रन बना सकीं।

भारतीय टीम अभी इन शुरुआती झटकों से उबर भी नहीं पाई थी कि कप्तान हरमनप्रीत कौर भी एक रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी चार रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। महज 3.1 ओवर में 19 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद भारत पर हार का खतरा मंडराने लगा। दूसरी ओर,जिम्बाब्वे की गेंदबाजों ने शुरुआती सफलताओं के बाद मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी।

ऐसी परिस्थिति में भारतीय टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद ने इसी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। दोनों ने सँभलकर बल्लेबाजी करते हुए खराब शुरुआत के दबाव को कम किया और धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई। उनकी साझेदारी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजी आक्रमण को बैकफुट पर धकेल दिया।

दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद ने पाँचवें विकेट के लिए 63 गेंदों में 82 रन जोड़कर भारतीय पारी को पूरी तरह सँभाल लिया। इस साझेदारी के दौरान दीप्ति ने अनुभव का परिचय दिया, जबकि निकी ने पदार्पण मुकाबले में आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। दोनों ने खराब शुरुआत के बाद टीम को जीत की स्थिति में पहुँचाया।

दीप्ति शर्मा ने 37 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 49 रन बनाए। वह अपने अर्धशतक से केवल एक रन दूर रह गईं,लेकिन उनकी पारी भारत की जीत की नींव साबित हुई। दूसरी ओर,निकी प्रसाद ने 35 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके शामिल रहे। दीप्ति के आउट होने के बाद भी निकी ने संयम बनाए रखा और टीम को लक्ष्य तक पहुँचाकर ही दम लिया।

जिम्बाब्वे की ओर से न्याशा ग्वानजुरा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने तीन ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। मिशेल मावुंगा,ओलिंडर चारे और बिलव्ड बिजा को एक-एक सफलता मिली,लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा उठाने के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम भारतीय साझेदारी को तोड़कर मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।

इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। सीरीज के अगले दोनों मुकाबले 18 और 20 अक्टूबर को इसी स्टेडियम में खेले जाएँगे। भारतीय टीम की नजरें अब अगले मैच में जीत दर्ज कर बढ़त मजबूत करने पर होंगी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज भी आयोजित की जाएगी। पहले मुकाबले में शुरुआती झटकों के बावजूद भारत की वापसी ने दिखाया कि मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज दबाव की स्थिति में भी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।