मुंबई,22 मई (युआईटीवी)- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी ) ने बुधवार को निवेशकों को सोशल मीडिया के माध्यम से फैलते स्टॉक मार्केट फ्रॉड को लेकर आगाह किया। सेबी ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल पंजीकृत बिचौलियों और अधिकृत ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से ही निवेश या ट्रेडिंग करें।
सोशल मीडिया का उपयोग अब केवल संवाद का माध्यम नहीं रह गया है,बल्कि यह धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी का एक नया अड्डा बन गया है,जिससे खासकर भोले-भाले निवेशक अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
सेबी ने बताया कि आजकल कुछ संस्थाएँ और व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे व्हाट्सएप,टेलीग्राम,फेसबुक और यूट्यूब) का इस्तेमाल कर निवेशकों को गुमराह करने लगे हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर इस प्रकार काम करती है:
* फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट या सेबी से जुड़े बिचौलियों के रूप में पेश करना।
* प्रसिद्ध हस्तियों या प्रतिष्ठित संगठनों के सीईओ/एमडी का नाम और तस्वीरों का दुरुपयोग।
* वीआईपी ग्रुप,फ्री ट्रेडिंग कोर्स या 100% मुनाफे जैसे झांसे देकर व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने का लिंक भेजना।
* ग्रुप में शामिल होने के बाद कुछ ट्रेडिंग टिप्स देकर निवेशकों का विश्वास जीतना, फिर उन्हें अपने निजी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित करना।
सेबी ने चेतावनी दी कि इन गतिविधियों का उद्देश्य केवल निवेशकों से पैसे हड़पना होता है। एक बार पैसे ट्रांसफर हो जाने के बाद इन धोखेबाजों से संपर्क करना असंभव हो जाता है।
सेबी ने निवेशकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था द्वारा भेजे गए व्हाट्सएप या टेलीग्राम लिंक पर क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर मिले किसी भी ‘शेयर बाजार विशेषज्ञ’ पर आँख मूँदकर विश्वास न करें।सेबी पंजीकृत बिचौलियों और प्रामाणिक ट्रेडिंग ऐप का ही उपयोग करें। इसके अतिरिक्त,ट्रेडिंग करने से पहले सेबी की वेबसाइट पर जाकर संबंधित प्लेटफॉर्म या बिचौलियों की प्रमाणिकता की जाँच करना जरूरी है।
बीते महीने के अंत में सेबी ने ‘ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म’ को लेकर भी एक कड़ी चेतावनी जारी की है। ये प्लेटफॉर्म खासतौर पर युवाओं को आकर्षित करते हैं और उन्हें ‘हाँ या ना’ आधारित इवेंट्स के नतीजों पर ट्रेडिंग करने की अनुमति देते हैं।
उदाहरण के तौर पर, एक इवेंट हो सकता है – “क्या आज निफ्टी 100 अंक ऊपर बंद होगा?” और इसमें लोग हाँ या ना पर पैसे लगाते हैं। यह एक प्रकार का सट्टा बाजार है,जो सेबी के किसी भी नियामक निरीक्षण के दायरे में नहीं आता।
सेबी ने स्पष्ट कहा है कि, ऐसे प्लेटफॉर्म न तो सेबी द्वारा पंजीकृत हैं और न ही विनियमित। निवेशकों को कोई कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती अगर वे इनमें निवेश करते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेडिंग पूरी तरह जोखिम भरा और गैर-कानूनी हो सकता है।
सेबी की वेबसाइट (www.sebi.gov.in) पर जाकर बिचौलियों और ऐप की प्रमाणिकता जरूर जाँचें। किसी भी ‘फ्री टिप्स’, ‘गैर-सूचित लाभ’ या ‘गुप्त रणनीतियों’ वाले ग्रुप या व्यक्ति से दूर रहें। निवेश से पहले हमेशा लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकार से मार्गदर्शन लें। अपने बैंक और व्यक्तिगत विवरण कभी भी सोशल मीडिया पर साझा न करें। किसी भी निवेश की योजना पर अंधविश्वास से काम न लें, रिसर्च और समझदारी जरूरी है।
सेबी का यह अलर्ट बढ़ते साइबर धोखाधड़ी और निवेशकों की सुरक्षा को लेकर बेहद अहम है। तकनीक के इस युग में जहाँ सोशल मीडिया पर जानकारी और भ्रम एकसाथ चल रहे हैं,वहाँ निवेशकों को अपने पैसे और डेटा की डिजिटल सुरक्षा खुद करनी होगी।
सेबी ने निवेशकों को सावधान करते हुए बताया है कि अधिक मुनाफा दिखाने वाली स्कीमें अक्सर सबसे बड़ा घाटा करवा सकती हैं।इसलिए,सतर्क रहें,सुरक्षित निवेश करें और केवल प्रमाणिक माध्यमों से ही स्टॉक मार्केट में भाग लें। यही एक जिम्मेदार निवेशक की पहचान है।
