मुंबई,28 सितंबर (युआईटीवी)- दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई की मौत से जुड़े पोस्टमार्टम को लेकर एक नया दावा किया है। श्वेता के मुताबिक,हाल ही में उनकी बातचीत उस व्यक्ति से हुई, जिसने सुशांत सिंह राजपूत का पोस्टमार्टम किया था। श्वेता ने दावा किया कि बातचीत के दौरान उन्हें पोस्टमार्टम से जुड़ी ऐसी बातें बताई गईं,जिनमें बंदूक के इस्तेमाल, पैर में चोट और शरीर पर काफी बल प्रयोग किए जाने का जिक्र था। हालाँकि,ये दावे श्वेता सिंह कीर्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
श्वेता ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में अपने भाई की मौत को लेकर अपनी भावनाओं और हालिया बातचीत के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में उस व्यक्ति के बारे में पता चला,जिसने सुशांत का पोस्टमार्टम किया था और उससे उनकी बातचीत हुई। श्वेता के मुताबिक,उस व्यक्ति ने उन्हें बताया कि घटना में बंदूक का इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुशांत के पैर में चोट थी और उनके शरीर पर काफी जोर लगाया गया था।
श्वेता ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें बताया गया कि सुशांत की आँखों पर भी चोट थी। उनके इन दावों ने एक बार फिर अभिनेता की मौत से जुड़े पुराने सवालों और चर्चाओं को सामने ला दिया है। हालाँकि,पोस्टमार्टम से संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों या जाँच एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर इन नए दावों की पुष्टि इस समय नहीं हुई है।
अपने वीडियो संदेश में श्वेता ने अटलांटा से लौटने के बाद उनसे मिलने आए लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने आए और सुशांत को याद करते हुए भावुक हो गए। श्वेता के मुताबिक,कई लोगों ने उन्हें गले लगाया और रोए। उनका कहना था कि लोगों को भी यह महसूस होता है कि सुशांत के साथ जो कुछ हुआ,वह गलत था।
श्वेता ने कहा कि किसी प्रिय व्यक्ति के साथ कोई दुखद घटना होने पर परिवार और करीबी लोगों के लिए उस दर्द को समझना बेहद कठिन होता है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब किसी अपने के साथ ऐसी घटना होती है,तो भावनाओं से बाहर निकलना आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ खुद कुछ गलत होता है,तो शायद समय के साथ उसे माफ करने की कोशिश की जा सकती है,लेकिन जब वही घटना किसी ऐसे व्यक्ति के साथ होती है,जिसे आप बेहद प्यार करते हैं,तो स्थिति अलग होती है। ऐसे मामले में माफ करने के लिए बहुत अधिक मानसिक और भावनात्मक ताकत की आवश्यकता होती है।
श्वेता ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने भाई को लेकर दुख और सवालों के बावजूद नफरत या बदले की भावना में नहीं डूबना चाहतीं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य प्यार, विश्वास, अच्छाई और ईश्वर के लिए खड़ा होना है।
उन्होंने कहा कि वह अपने दिल को नफरत, नाराजगी और बदले की भावना से भरना नहीं चाहतीं। उनके अनुसार,जीवन में किसी कठिन घटना के बाद व्यक्ति के सामने दो रास्ते होते हैं। एक तरफ नकारात्मकता और गुस्सा हो सकता है,जबकि दूसरी तरफ प्रेम, विश्वास और सकारात्मकता का रास्ता हो सकता है। श्वेता ने कहा कि वह दूसरे रास्ते को चुनना चाहती हैं।
श्वेता ने अपने संदेश के जरिए सुशांत के प्रशंसकों से भी अपील की कि वे ईश्वर और अच्छाई पर अपना भरोसा न खोएँ। उन्होंने कहा कि दुनिया में अन्याय मौजूद है और अच्छे लोगों को भी कई बार बहुत कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। हालाँकि,उनके मुताबिक दर्द को बदलाव की प्रक्रिया का माध्यम भी बनाया जा सकता है।
सुशांत सिंह राजपूत का निधन 14 जून 2020 को मुंबई स्थित उनके आवास पर हुआ था। उनकी मौत को उस समय कथित तौर पर आत्महत्या बताया गया था। अभिनेता की अचानक हुई मौत के बाद देशभर में उनके प्रशंसकों और परिवार के बीच गहरा सदमा देखने को मिला था।
समय के साथ उनकी मौत को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आए। मामले की जाँच अलग-अलग केंद्रीय एजेंसियों तक पहुँची और अभिनेता की मौत से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जाँच की गई। इस दौरान सोशल मीडिया पर भी कई तरह के दावे किए जाते रहे। सुशांत के परिवार और प्रशंसकों की ओर से भी उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
अब श्वेता सिंह कीर्ति की ओर से पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति से कथित बातचीत का जिक्र किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए दावों और आधिकारिक जाँच के निष्कर्षों के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति द्वारा निजी बातचीत में कही गई बात अपने आप में किसी घटना की अंतिम या प्रमाणित व्याख्या नहीं बन जाती।
अपने संदेश के अंतिम हिस्से में श्वेता ने सुशांत के समर्थकों से कहा कि वे अपने दिल में नकारात्मकता को जगह न दें। उन्होंने कहा कि दुनिया में मुश्किलें और अन्याय हो सकते हैं,लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति अच्छाई और प्रेम पर विश्वास करना छोड़ दे।
उन्होंने कहा कि उपचार और मानसिक शांति का रास्ता प्रेम से होकर गुजरता है। श्वेता ने अपने संदेश में खुद को प्यार और सकारात्मकता के साथ खड़ा बताया और लोगों से भी इसी भावना के साथ उनके साथ रहने की अपील की।
उनका यह संदेश ऐसे समय सामने आया है,जब सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से अधिक समय बीत चुका है,लेकिन उनके परिवार और प्रशंसकों के बीच उनकी मौत को लेकर भावनाएँ अब भी गहरी हैं। अभिनेता की बहन समय-समय पर अपने भाई को याद करते हुए उनके जीवन,व्यक्तित्व और मौत से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखती रही हैं।
हालिया वीडियो संदेश में भी श्वेता ने अपने भाई के लिए न्याय की भावना के साथ-साथ नफरत से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दर्द को अपने भीतर नकारात्मकता में बदलने के बजाय उसे सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया जा सकता है। उनके अनुसार,कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्यार,ईश्वर और अच्छाई पर विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
श्वेता के ताजा दावों के बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े पुराने सवाल फिर चर्चा में हैं। हालाँकि,पोस्टमार्टम को लेकर उनके द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में इन दावों और पहले सामने आए आधिकारिक जाँच रिकॉर्ड के बीच अंतर को ध्यान में रखते हुए ही पूरे मामले को देखा जाना चाहिए।
