वाशिंगटन,29 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि उनकी टीम के सदस्यों ने उसी दिन ईरान के साथ बातचीत की है। हालाँकि,उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह संपर्क किस स्तर पर हुआ,इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और दोनों पक्षों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई। ट्रंप ने बातचीत के बारे में कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ जारी टकराव जल्द समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह पूरा घटनाक्रम बहुत जल्द किसी न किसी निष्कर्ष पर पहुँच सकता है।
व्हाइट हाउस में आयोवा में प्रस्तावित स्टील निवेश से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप से ईरान के साथ संपर्क को लेकर सवाल पूछा गया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी टीम ने ईरानी पक्ष से बातचीत की है,तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि हां, बातचीत हुई है। हालाँकि,इसके बाद जब उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि बातचीत में कौन शामिल था और क्या इस संपर्क के जरिए युद्ध समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति हुई है, तो उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
बातचीत में हुई प्रगति को लेकर सवाल किए जाने पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जीतने वाला है और उनके हिसाब से यह स्थिति किसी न किसी तरह खत्म होने वाली है। उन्होंने संकेत दिया कि घटनाक्रम को लंबा खिंचने की जरूरत नहीं है और आने वाले समय में इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। हालाँकि,उन्होंने न तो युद्ध समाप्त करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा बताई और न ही यह कहा कि दोनों पक्ष किसी संभावित समझौते के करीब पहुंच गए हैं।
ट्रंप के बयान से इतना जरूर संकेत मिलता है कि सोमवार को अमेरिकी पक्ष की ओर से ईरान के साथ किसी तरह का संपर्क हुआ था,लेकिन इस बयान के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच आमने-सामने बैठक हुई या किसी औपचारिक बातचीत का दौर चला। इसी तरह,यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों देशों के बीच किसी नई सहमति या समझौते पर चर्चा आगे बढ़ी है।
ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका में ईंधन की कीमतों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या आने वाले हफ्तों में आम वाहन चालकों और ट्रक ड्राइवरों को पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की ऊँची कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए। इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने किसी निश्चित कीमत या संभावित बढ़ोतरी का अनुमान नहीं दिया।
इसके बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि संघर्ष समाप्त होने के बाद ईंधन की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि गैस की कीमतें बहुत नीचे जाएंगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद महँगाई की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। हालाँकि,उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईंधन की कीमतें किस स्तर तक नीचे आ सकती हैं और ऐसा कब तक संभव होगा।
ईंधन की कीमतों को लेकर ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है,जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति तथा कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसी भी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का असर तेल की आपूर्ति, परिवहन लागत और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिका में ट्रकिंग और परिवहन क्षेत्र के लिए ईंधन की कीमतें विशेष महत्व रखती हैं,क्योंकि इनके बढ़ने का असर सामान ढुलाई की लागत पर भी पड़ सकता है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी ट्रंप ने अपनी पुरानी स्थिति दोहराई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि मौजूदा संघर्ष और ईरान के साथ संभावित बातचीत में परमाणु कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। हालाँकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि ईरान के साथ हुई कथित बातचीत में परमाणु कार्यक्रम पर कोई चर्चा हुई या नहीं।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से ब्रिटेन में गिरफ्तार किए गए पाँच संदिग्ध लोगों को लेकर भी सवाल किया। पत्रकार ने कहा कि इन लोगों को ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। ट्रंप से पूछा गया कि क्या इन संदिग्धों का ईरान से कोई संबंध हो सकता है। इस पर उन्होंने केवल इतना कहा कि ऐसा हो सकता है।
हालाँकि,ट्रंप ने इस मामले में अतिरिक्त जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर कुछ नहीं कहना चाहते। इससे यह स्पष्ट है कि अमेरिकी प्रशासन ने इन पाँच लोगों और ईरान के बीच संभावित संबंध को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
कुल मिलाकर,ट्रंप के सोमवार के बयानों से यह संकेत जरूर मिला कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी स्तर पर संपर्क हुआ है,लेकिन बातचीत की प्रकृति और उसके परिणाम को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। ट्रंप ने संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है और ईंधन की कीमतों में गिरावट का दावा किया है,लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा या ठोस योजना सामने नहीं रखी। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिकी और ईरानी पक्ष की ओर से होने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर निगाह रहेगी,जिनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों देशों के बीच संपर्क केवल बातचीत तक सीमित है या इसका उद्देश्य संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकालना है।
