थाईलैंड में दर्दनाक रेल हादसा (तस्वीर क्रेडिट@thandojo)

थाईलैंड में दर्दनाक रेल हादसा: निर्माणाधीन हाई-स्पीड प्रोजेक्ट की क्रेन पैसेंजर ट्रेन पर गिरी,22 की मौत, 55 से अधिक घायल

नई दिल्ली,14 जनवरी (युआईटीवी)- थाईलैंड में बुधवार सुबह एक भीषण रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बैंकॉक से देश के उत्तर-पूर्वी इलाके की ओर जा रही एक पैसेंजर ट्रेन पर एक निर्माणाधीन हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट की भारी-भरकम क्रेन गिर गई,जिससे कम-से-कम 22 लोगों की मौत हो गई और 55 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन पूरी रफ्तार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सफर त्रासदी में बदल जाएगा।

थाई पुलिस और प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक,यह दुर्घटना सुबह करीब 9 बजकर 5 मिनट पर नाखोन रत्चासिमा प्रांत के सिखियो जिले में हुई। यह इलाका राजधानी बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। हादसे के वक्त ट्रेन उबोन रत्चथानी प्रांत की ओर जा रही थी और उसमें करीब 195 यात्री सवार थे। जैसे ही ट्रेन उस इलाके से गुजरी,जहाँ एक हाई-स्पीड रेलवे लाइन का निर्माण कार्य चल रहा था,अचानक वहाँ इस्तेमाल की जा रही क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे चलती ट्रेन के एक कोच पर आ गिरी।

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि जिस क्रेन से यह हादसा हुआ,उसका इस्तेमाल मौजूदा रेलवे लाइन के समानांतर बन रही हाई-स्पीड रेल परियोजना के निर्माण कार्य में किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रेन के गुजरते समय क्रेन का बैलेंस अचानक बिगड़ा और वह नीचे गिर पड़ी। क्रेन के सीधे टकराने से ट्रेन का एक कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया,जबकि झटके की वजह से कई अन्य डिब्बे भी पटरी से उतर गए। टक्कर के बाद ट्रेन के कुछ हिस्सों में आग भी लग गई,जिसने मौके पर मौजूद यात्रियों और आसपास के लोगों में और ज्यादा अफरा-तफरी मचा दी। हालाँकि,राहत की बात यह रही कि आग पर कुछ समय बाद काबू पा लिया गया,लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ट्रेन के डिब्बे बुरी तरह मुड़े हुए थे और कई यात्री उनके अंदर फँसे हुए थे। रेस्क्यू टीमों को डिब्बों के भीतर फँसे लोगों तक पहुँचने के लिए मुड़े हुए लोहे को काटना पड़ा। फायरफाइटर्स,मेडिकल टीमों और आपदा प्रतिक्रिया इकाइयों को तुरंत मौके पर भेजा गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया,जहाँ कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

थाईलैंड सरकार के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस हादसे की पुष्टि की और बताया कि घटना की सूचना मिलते ही कई बचाव दलों को तैनात कर दिया गया था। विभाग के अनुसार,शुरुआती घंटों में प्राथमिकता फँसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की थी। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया,ताकि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

इस दर्दनाक घटना के बाद थाईलैंड के डिप्टी प्रधानमंत्री और परिवहन मंत्री फिफात रत्चाकितप्राकर्न ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने संबंधित एजेंसियों को इस घटना की पारदर्शी और गहन जाँच करने के निर्देश दिए हैं,ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्रेन का संतुलन कैसे बिगड़ा और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई। परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएँगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिफात रत्चाकितप्राकर्न ने यह भी बताया कि ट्रेन में लगभग 195 यात्री सवार थे और अधिकारी मृतकों की पहचान करने के साथ-साथ उनके परिजनों से संपर्क करने में जुटे हुए हैं। घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता दी जा रही है। कई अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है,ताकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों का इलाज बिना किसी देरी के किया जा सके।

जिस हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट की क्रेन इस हादसे का कारण बनी,उसकी लागत करीब 5.4 बिलियन डॉलर बताई जा रही है। यह परियोजना थाईलैंड के महत्वाकांक्षी बुनियादी ढाँचा विकास कार्यक्रम का हिस्सा है,जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख शहरों को तेज रफ्तार रेल नेटवर्क से जोड़ना है। हालाँकि,इस हादसे ने ऐसे बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौरतलब है कि थाईलैंड में हाल के वर्षों में औद्योगिक और निर्माण कार्यों से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। इन घटनाओं के बाद अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि क्या सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है या नहीं। बुधवार का यह रेल हादसा भी उसी कड़ी में एक और दर्दनाक उदाहरण बन गया है,जिसने देश में निर्माण स्थलों और सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है।

फिलहाल,अधिकारी क्रेन गिरने की सटीक वजह का पता लगाने में जुटे हैं। यह जाँच की जा रही है कि क्या क्रेन के ऑपरेशन में तकनीकी खराबी थी,मौसम की कोई भूमिका रही या फिर मानवीय लापरवाही इसकी वजह बनी। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार है,लेकिन इतना तय है कि इस हादसे ने न केवल कई परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुँचाई है,बल्कि थाईलैंड की परिवहन और निर्माण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ भी खड़ी कर दी हैं।