नई दिल्ली,26 सितंबर (युआईटीवी)- भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर उपभोक्ताओं के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। प्राधिकरण ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य लोगों को किसी भी संपत्ति में उपलब्ध डिजिटल कनेक्टिविटी के बारे में विश्वसनीय, पारदर्शी और सत्यापन योग्य जानकारी उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने डिजिटल कनेक्टिविटी के आकलन के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इस व्यवस्था के जरिए अब किसी घर,कार्यालय या अन्य संपत्ति को खरीदने या किराए पर लेने से पहले वहां नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करना आसान होगा।
डिजिटल दौर में किसी संपत्ति की उपयोगिता केवल उसके आकार,स्थान और सुविधाओं तक सीमित नहीं रह गई है। तेज और स्थिर इंटरनेट तथा बेहतर मोबाइल नेटवर्क भी घर और कार्यालय के लिए महत्वपूर्ण सुविधाओं में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में नई रेटिंग व्यवस्था का उद्देश्य डिजिटल कनेक्टिविटी को भी किसी प्रॉपर्टी की महत्वपूर्ण विशेषता के रूप में सामने लाना है। प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक रूप से रेट की गई संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग उपलब्ध होगी,जिससे उपभोक्ता अलग-अलग संपत्तियों के बीच तुलना कर सकेंगे।
टीआरएआई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि रेटिंग को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने और प्रमाणपत्रों के सत्यापन की सुविधा देने से उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और तुलनात्मक जानकारी मिलेगी। इससे लोग घर या कार्यालय का चयन करते समय केवल लोकेशन और कीमत जैसी पारंपरिक जानकारियों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि वहाँ उपलब्ध कॉलिंग,इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं की गुणवत्ता को भी ध्यान में रख सकेंगे। उनका कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को किसी संपत्ति में विकसित डिजिटल कनेक्टिविटी ढाँचे के महत्व को समझने में मदद करेगी।
नए प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं को रेट की गई संपत्तियों को खोजने के लिए कई विकल्प मिलेंगे। कोई व्यक्ति संपत्ति के नाम,प्रमाणपत्र संख्या या उसके स्थान के आधार पर संबंधित प्रॉपर्टी की जानकारी हासिल कर सकेगा। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म पर संबंधित संपत्ति का डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रेटिंग प्रमाणपत्र भी देखा जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं के लिए यह समझना आसान होगा कि किसी संपत्ति की कनेक्टिविटी रेटिंग किस आधार पर उपलब्ध कराई गई है।
रेटिंग प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता जांचने की सुविधा भी इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रमाणपत्र पर उपलब्ध क्यूआर कोड के जरिए उसकी सत्यता की पुष्टि की जा सकेगी। इससे किसी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर उपलब्ध जानकारी को अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी। उपभोक्ता संपत्ति खरीदने या किराए पर लेने से पहले यह देख सकेंगे कि संबंधित रेटिंग आधिकारिक रूप से जारी की गई है या नहीं। इस व्यवस्था से डिजिटल कनेक्टिविटी को एक स्पष्ट और सत्यापन योग्य संपत्ति विशेषता के रूप में स्थापित करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
संचार मंत्रालय के अनुसार, नया प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी मैनेजर, पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों और उपभोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ता है। इससे पूरी रेटिंग प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और उससे संबंधित जानकारी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पंजीकृत रेटिंग एजेंसियाँ प्लेटफॉर्म के माध्यम से रेटिंग के लिए आने वाले आवेदनों को देख सकेंगी। इसके बाद वे संपत्ति का निरीक्षण करने, आवश्यक परीक्षण करने,परीक्षण के परिणाम दर्ज करने और संबंधित दस्तावेजों को प्रबंधित करने जैसी प्रक्रियाएँ पूरी कर सकेंगी।
डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग की प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर आसान बनाने के लिए टीआरएआई ने विशेष मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया है। अधिकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां इस ऐप का इस्तेमाल भवनों के भीतर नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए कर सकेंगी। निर्धारित परीक्षण पद्धति के अनुसार किए गए माप से संबंधित आँकड़ों को सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से सिस्टम में अपलोड किया जा सकेगा। इससे फील्ड में किए गए आकलन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
प्राधिकरण के मुताबिक,वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त संपत्ति से जुड़ी जानकारी और मोबाइल ऐप के जरिए फील्ड असेसमेंट के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों को एकीकृत किया जाएगा। इससे डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखने, उनकी निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर उनका सत्यापन करने में सुविधा होगी। साथ ही रेटिंग प्रक्रिया में शामिल अलग-अलग पक्षों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को भी अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
इस पहल का असर केवल उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। नई व्यवस्था प्रॉपर्टी डेवलपर्स और प्रबंधन संस्थाओं को भी परियोजनाओं की शुरुआती योजना में डिजिटल कनेक्टिविटी को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। जिस तरह आज किसी भवन में बिजली, पानी, पार्किंग और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को महत्व दिया जाता है, उसी तरह डिजिटल कनेक्टिविटी को भी परियोजना की योजना का हिस्सा बनाने की जरूरत बढ़ रही है। रेटिंग व्यवस्था के कारण बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने वाले प्रॉपर्टी डेवलपर्स के लिए अपनी डिजिटल अवसंरचना को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना संभव होगा।
नई व्यवस्था ऐसे समय में आई है जब घर से काम, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, वीडियो कॉल, मनोरंजन और अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी वहाँ रहने या काम करने वाले लोगों के रोजमर्रा के अनुभव को प्रभावित कर सकती है। डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ताओं को संपत्ति का चयन करते समय इस पहलू से जुड़ी अधिक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
कुल मिलाकर, टीआरएआई का डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी बाजार में नेटवर्क और इंटरनेट सुविधाओं से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक नई पहल है। रेटिंग,डिजिटल प्रमाणपत्र, क्यूआर कोड से सत्यापन और मोबाइल ऐप आधारित फील्ड असेसमेंट को एक साथ जोड़ने से उपभोक्ताओं के लिए किसी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी को समझना आसान हो सकता है। आने वाले समय में यह व्यवस्था प्रॉपर्टी खरीदने और किराए पर लेने के फैसलों में डिजिटल कनेक्टिविटी को एक महत्वपूर्ण मानदंड के रूप में स्थापित करने में भूमिका निभा सकती है।
