काहिरा,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाकर हमला किया है। इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई,जबकि 36 अन्य घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमलों के बाद सऊदी अरब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सैन्य बलों को भी सतर्क किया गया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है,जब सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सऊदी अरब की नागरिक उड्डयन से जुड़ी सरकारी एजेंसी ने आभा और रियाद स्थित किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई घटनाओं की जानकारी दी। हालाँकि,एजेंसी ने इन हमलों के लिए किसी पक्ष को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया,लेकिन हूती विद्रोहियों ने पहले ही इन हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। अधिकारियों के अनुसार, आभा हवाई अड्डे पर हुए हमले में मोरक्को और अल्जीरिया के नागरिकों की मौत हुई, जबकि 28 अन्य लोग घायल हुए। वहीं,रियाद के किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में सूडान के एक नागरिक की जान चली गई और आठ लोग घायल हुए।
हमले के बाद सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई की। हूती विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चला रहे गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि सऊदी सेना ने रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया। उनके अनुसार,सैन्य बलों ने यमन की राजधानी सना में उस प्रक्षेपण स्थल को भी निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल सऊदी राजधानी पर हमला करने के लिए किया गया था। सऊदी पक्ष का कहना है कि मिसाइल खतरे को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया,जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका।
हाल के दिनों में रियाद को निशाना बनाए जाने के बाद राजधानी के आसपास महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। रियाद स्थित हवाई अड्डे के पास सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के ईंधन टैंकों और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों के आसपास नई सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन उपकरणों के चारों ओर पिंजरे जैसी अतिरिक्त बाड़ लगाई गई है। इसका उद्देश्य संभावित ड्रोन और मिसाइल हमलों से तेल प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखना बताया जा रहा है।
सऊदी अरब दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातक देशों में शामिल है और यहाँ स्थित तेल प्रतिष्ठान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में तेल और सैन्य ठिकानों के आसपास बढ़ती सुरक्षा चिंता केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है। खास तौर पर ऐसे समय में जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है।
इस बीच सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमनी बलों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इस अभियान में जमीन और हवा दोनों स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उन इलाकों पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करना है, जिन पर हूती विद्रोहियों ने लगभग एक महीने पहले यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास कब्जा कर लिया था।
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले तटीय इलाकों से समुद्री गतिविधियों पर नजर रखना आसान हो जाता है। सऊदी पक्ष का आरोप है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की आवाजाही को बाधित करने की कोशिशों में किया जा रहा था।
हवाई अड्डों पर हुए ताजा हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है। एक ओर हूती विद्रोही सऊदी ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता का दावा कर रहे हैं,वहीं सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमन में उनके सैन्य ठिकानों और प्रक्षेपण क्षमता को कमजोर करने के लिए अभियान चला रहा है। दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियों के बीच नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है।
रियाद और आभा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर हमले ने यह भी दिखाया है कि यमन संघर्ष का असर अब केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है। हवाई परिवहन,तेल प्रतिष्ठानों और समुद्री व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकाने भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सऊदी अरब की सैन्य और सुरक्षा प्रतिक्रिया पर क्षेत्रीय स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी। यदि हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है,तो लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों पर भी तनाव बढ़ सकता है, जिसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने की आशंका है।
