नई दिल्ली,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ने शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े गंभीर मुद्दों पर आयोग की ओर से पर्याप्त जवाब नहीं दिया जा रहा है। इसी के साथ कांग्रेस ने हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों और नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई है।
विपक्षी दलों का कहना है कि विशेष पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रभावित मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की माँग कर रहा है। साथ ही वह मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा किए जाने की माँग भी कर रहा है। इस पूरे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग भी विपक्षी खेमे में लगातार उठ रही है।
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। संसद मार्ग,आकाशवाणी भवन और जंतर-मंतर के आसपास दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। कई प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है,ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जा रही है,हालाँकि प्रदर्शन के चलते कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है।
यह विवाद अचानक सामने नहीं आया है। पिछले कुछ समय से विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव से प्रभावित लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने और नाम वापस जुड़वाने की पर्याप्त प्रक्रिया मिलनी चाहिए। दूसरी ओर,चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में आयोग की भूमिका और उसके अधिकारों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लगातार सामने आते रहे हैं।
हाल के दिनों में विपक्षी नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का प्रयास भी किया था। इस दौरान पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी दलों के कई सांसद शामिल थे। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। विपक्ष ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
बुधवार को विपक्षी नेताओं की बैठक के बाद राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवालों को जनता के सामने उठाता रहेगा। राहुल गांधी के मुताबिक,विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां और मांगें रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से जनता तक पहुँचाता रहेगा और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा।
विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का केंद्र मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता है। विपक्षी दलों का दावा है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी पहचान और उन्हें सूची से हटाने के कारणों को स्पष्ट किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटना चुनावी अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है। इसलिए प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रभावित मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलना जरूरी है।
इस बीच राजनीतिक टकराव का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के बाद कई राज्यों में भी विपक्षी दलों की ओर से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची, विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष अपनी मांगें प्रमुखता से उठा सकता है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है। विपक्ष जहाँ मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर जवाबदेही और प्रक्रिया की समीक्षा की माँग कर रहा है,वहीं चुनाव आयोग से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और तीखे हो रहे हैं। देशव्यापी प्रदर्शन के जरिए विपक्ष इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर जनता के सामने ले जाने की तैयारी में है। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी विवाद और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से जुड़ी राजनीतिक खींचतान आगे और बढ़ने की संभावना है।
