जालंधर,28 सितंबर (युआईटीवी)- पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से जुड़े अपुष्ट आरोपों के बाद भड़के हिंसक विरोध-प्रदर्शन को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को विश्वविद्यालय परिसर का दौरा कर मौके की स्थिति का जायजा लेने और पूरे मामले की जाँच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा है। यह घटनाक्रम रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सामने आया है,जिसमें तोड़फोड़, आगजनी और राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम किए जाने की घटनाएँ हुई थीं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस महानिदेशक ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी और सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अब तक संयम बरता गया है,लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरा विवाद सोशल मीडिया पर सामने आए उन दावों के बाद शुरू हुआ,जिनमें एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या किए जाने की बात कही गई थी। इन दावों की अभी तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को झूठा,निराधार और मनगढ़ंत बताया है। दूसरी ओर,पुलिस ने कहा है कि छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की जाँच की जा रही है और इसी सिलसिले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की तह तक पहुँचने के लिए विशेष जाँच दल का गठन भी किया है।
पुलिस के मुताबिक,जाँच का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों की वास्तविकता का पता लगाना और यह निर्धारित करना है कि विश्वविद्यालय परिसर में वास्तव में कोई आपराधिक घटना हुई थी या नहीं। जाँच के तहत छात्रावास और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, संपत्ति को हुए नुकसान और अन्य घटनाओं से जुड़े तथ्यों को भी जुटा रही है। फिलहाल दर्ज प्राथमिकी में किसी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है।
रविवार को विरोध-प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने परिसर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की और कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएँ भी सामने आईं। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी तथा पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुँचने की खबर सामने आई। कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी दी गई।
प्रदर्शन का असर विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहा। छात्रों ने दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से को भी जाम कर दिया। इसके कारण फगवाड़ा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 15 घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। पुलिस के प्रयासों के बाद सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार,फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनी हुई है।
हिंसा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएँ स्थगित कर दी हैं। इसके साथ ही मध्यावधि परीक्षाएँ भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि परीक्षा की नई तारीखों की जानकारी बाद में दी जाएगी। छात्रों को अपने अभिभावकों से सलाह लेकर इस अवधि में घर जाने की अनुमति दी गई है। जो छात्र परिसर में रुक रहे हैं,उन्हें छात्रावास या अपने रहने के स्थान के भीतर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
विश्वविद्यालय ने छात्रों से किसी भी तरह की अशांति या हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं होने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से कक्षाओं को कुछ समय के लिए रोकने और परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र अपने घरों के लिए भी रवाना हुए।
इस पूरे मामले की जाँच अब विशेष जाँच दल कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार,जाँच में सीसीटीवी फुटेज,उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों को शामिल किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विरोध-प्रदर्शन किस तरह शुरू हुआ और बाद में यह हिंसा में कैसे बदल गया। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि परिसर में बाहरी लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
पंजाब पुलिस ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की घटना के साथ ही राज्य के एक अन्य विश्वविद्यालय में हाल में हुई अशांति को भी जाँच के दायरे में लिया है। चितकारा विश्वविद्यालय में भी इसके एक दिन पहले छात्रों का विरोध-प्रदर्शन हुआ था। राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि जाँच अधिकारी दोनों घटनाओं के कारणों और संभावित संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं। हालाँकि,दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
राज्य सरकार ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छात्रा से जुड़े आरोपों की जाँच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाए। सरकार का जोर इस बात पर है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों और वास्तविक घटनाक्रम के बीच अंतर को जाँच के जरिए स्पष्ट किया जाए। वहीं,हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति शांत बताई जा रही है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी बहाल हो चुका है। आने वाले दिनों में विशेष जाँच दल की जाँच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से इस पूरे विवाद की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। इस बीच प्रशासन ने छात्रों से संयम बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।
