यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

जेलेंस्की का यूएन में दावा- रूस ने इस साल दागीं 2100 से ज्यादा मिसाइलें, 63 हजार ड्रोन से किया हमला

संयुक्त राष्ट्र,25 सितंबर (युआईटीवी)- यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में रूस के खिलाफ यूक्रेन की सैन्य कार्रवाई और युद्ध की मौजूदा स्थिति को लेकर कई अहम दावे किए। उन्होंने कहा कि रूस का तेल उद्योग यूक्रेनी हमलों के दबाव में संकट का सामना कर रहा है,लेकिन यूक्रेन का उद्देश्य रूस के तेल उद्योग,कारखानों या बंदरगाहों को निशाना बनाना नहीं है। उनके मुताबिक,यूक्रेन उन क्षमताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, जिनके जरिए रूस युद्ध के लिए धन जुटाता है और उसे लंबे समय तक जारी रखने में सक्षम होता है। जेलेंस्की ने अपने संबोधन में रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के आँकड़े भी साझा किए।

जेलेंस्की ने कहा कि इस साल की शुरुआत से अब तक रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अलग-अलग प्रकार की 2,100 से ज्यादा मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इनमें 950 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये हमले यूक्रेन के लोगों, शहरों और बुनियादी ढाँचे के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में दुनिया के दूसरे देशों के प्रतिनिधियों से सवाल किया कि यदि उनके देश को भी लगातार इतने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़े तो उनकी स्थिति कैसी होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इस साल के पहले आठ महीनों में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ करीब 63 हजार हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल किया। जेलेंस्की के अनुसार,इनमें 7,700 से अधिक जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन शामिल थे। उन्होंने इन्हें बेहद खतरनाक हथियार बताते हुए कहा कि रूस इन ड्रोन के जरिए यूक्रेन के शहरों,अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढाँचे पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक,ऐसे ड्रोन के हमलों से यूक्रेन में सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है और लोगों के लिए रोजमर्रा की गतिविधियाँ जारी रखना मुश्किल होता है।

जेलेंस्की ने कहा कि रूस के जेट इंजन वाले ड्रोन लगभग हर घंटे यूक्रेनी शहरों और अन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन की लड़ाकू विमान इकाइयाँ लगातार इन खतरों से निपटने में लगी हुई हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस की मिसाइल और ड्रोन रणनीति का उद्देश्य केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना नहीं है,बल्कि यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन पर भी दबाव डालना है। उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद यूक्रेन ने अपनी वायु रक्षा क्षमता को मजबूत किया है और इन हमलों का सामना कर रहा है।

अपने संबोधन में जेलेंस्की ने रूस के सैन्य नुकसान को लेकर भी आँकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि जनवरी से अगस्त 2026 के बीच यूक्रेन में रूस ने 2,48,964 सैन्यकर्मियों को खोया है। उनके अनुसार,इसमें मारे गए और गंभीर रूप से घायल सैनिक शामिल हैं। जेलेंस्की ने इस आँकड़े की तुलना दुनिया के 21 देशों की आबादी से करते हुए कहा कि इन आठ महीनों में रूस को जितने सैनिकों का नुकसान हुआ,उससे कम आबादी वाले कई देश दुनिया में मौजूद हैं। यह आँकड़ा यूक्रेनी राष्ट्रपति द्वारा पेश किया गया है और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि अलग से नहीं की गई है।

जेलेंस्की ने डोनेट्स्क क्षेत्र को लेकर भी रूस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगभग पाँच वर्षों से रूसी जनरल यूक्रेन के पूर्वी हिस्से, विशेषकर डोनेट्स्क क्षेत्र पर कब्जा करने के आदेश को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक,इतने बड़े सैन्य नुकसान के बावजूद रूस ने इस साल यूक्रेन के करीब एक हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर ही नियंत्रण हासिल किया है और यूक्रेन ने इसका कुछ हिस्सा वापस भी हासिल किया है। जेलेंस्की ने इस स्थिति को रूस की सैन्य रणनीति की बड़ी कीमत से जोड़ते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने युद्ध के मानवीय और आर्थिक प्रभावों को रेखांकित किया।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस की तेल और ऊर्जा से जुड़ी आय को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि रूस के इतिहास में पहली बार उसके तेल उद्योग की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता सुनाई दे रही है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन का घोषित उद्देश्य तेल उद्योग को अपने आप में निशाना बनाना नहीं है। उनका कहना है कि यूक्रेन रूस की उस आर्थिक क्षमता को सीमित करना चाहता है,जिसके जरिए वह युद्ध के लिए संसाधन जुटाता है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक रूप से कमजोर करने के उपायों को जारी रखने की अपील की।

जेलेंस्की के अनुसार,रूस के पास युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध रहने से संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि रूस की आय पर दबाव बनाए रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि उनके अनुसार यही संसाधन सैन्य गतिविधियों को वित्तपोषित करने में इस्तेमाल होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस का बजट घाटा बढ़ रहा है और कई रूसी क्षेत्र आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। हालाँकि,इन आर्थिक दावों को भी जेलेंस्की के आकलन के रूप में देखा जाना चाहिए।

जेलेंस्की ने अपने संबोधन में यूक्रेन की ड्रोन क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के समय रूस ने यह कल्पना नहीं की थी कि यूक्रेन के लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन रूस के भीतर हजारों किलोमीटर दूर स्थित सैन्य और औद्योगिक ठिकानों तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अब अपने ड्रोन और अन्य हथियारों की उत्पादन क्षमता बढ़ा रहा है। साथ ही, यूक्रेन जेट इंजन वाले रूसी ड्रोन से मुकाबला करने के लिए इंटरसेप्टर ड्रोन विकसित करने पर भी काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि यूक्रेन ने ऐसे इंटरसेप्टर ड्रोन के परीक्षण भी किए हैं और उनकी संख्या बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के तहत एक कार्यक्रम पर भी काम किया जा रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ दूसरे देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

अपने भाषण के अंत में जेलेंस्की ने दुनिया के देशों से यूक्रेन में जारी युद्ध के प्रभावों को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य देश को भी लगातार हजारों मिसाइलों और हजारों ड्रोन हमलों का सामना करना पड़े तो उसके लिए स्थिति बेहद कठिन होगी। उनका संदेश था कि यूक्रेन लंबे समय से ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है और इसके बावजूद उसने अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत बनाए रखा है। संयुक्त राष्ट्र में जेलेंस्की का संबोधन ऐसे समय हुआ है,जब युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियाँ भी जारी हैं।