मुंबई,4 नवंबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड में इन दिनों फिल्मी सितारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद अब कई अन्य कलाकारों को धमकी मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में अभिनेता आयुष्मान खुराना को भी कथित तौर पर धमकी भरा ऑडियो क्लिप भेजा गया है। बताया जा रहा है कि ऑडियो भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और अभिनेता से करोड़ों रुपये की माँग की। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑडियो भेजने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या वह केवल गिरोह का नाम इस्तेमाल करके अभिनेता को डराने की कोशिश कर रहा है।
इस घटना ने फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग और दूसरे कलाकारों को मिली कथित धमकियों के बाद पुलिस भी इन मामलों को गंभीरता से ले रही है।
सूत्रों के मुताबिक,आयुष्मान खुराना को एक ऑडियो क्लिप भेजा गया है। इसमें एक शख्स कथित तौर पर खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ बता रहा है। ऑडियो के जरिए अभिनेता से पैसों की माँग की गई है। हालाँकि,माँगी गई रकम को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान क्या है और उसका किसी संगठित आपराधिक गिरोह से कोई वास्तविक संबंध है या नहीं।
जाँच के तहत ऑडियो क्लिप में सुनाई देने वाली आवाज का मिलान पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद संबंधित आरोपी के पुराने ऑडियो सैंपल से कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नई रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज पहले से दर्ज किसी व्यक्ति की है या नहीं। पुलिस ऑडियो की प्रामाणिकता और उसे भेजने वाले की पहचान से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल आयुष्मान खुराना की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं,जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी का मकसद केवल पैसे वसूलना था या इसके पीछे कोई दूसरी योजना भी हो सकती है।
बॉलीवुड में धमकी और वसूली से जुड़े मामलों की चर्चा 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद तेज हुई। मुंबई के जुहू इलाके में बाइक सवार हमलावरों ने अभिनेता की कार पर गोलियाँ चलाई थीं। घटना के समय टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे। हमले के दौरान अभिनेता सुरक्षित बच गए,लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की थी। शुरुआती पड़ताल के बाद इसकी जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। जाँच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि इस वारदात के पीछे कुछ लोगों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका की धाराएँ भी जोड़ी गईं।
27 अक्टूबर को पुलिस ने इस मामले में मकोका के प्रावधान शामिल किए थे। दो नवंबर तक इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 13 बताई गई थी। पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है और हमले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जाँच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने से पहले बॉलीवुड के कुछ अन्य अभिनेताओं की भी रेकी की गई थी। इस सूची में सलमान खान,आमिर खान,अक्षय कुमार और अमिताभ बच्चन के नाम सामने आए थे।
इस जानकारी के बाद फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई। हालाँकि, किसी व्यक्ति का नाम रेकी से जुड़ी पूछताछ में सामने आना अपने आप में उस पर हमले की पुष्टि नहीं करता। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि कथित रेकी किस उद्देश्य से की गई थी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या थी।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में सामने आए इन तथ्यों ने जाँच एजेंसियों का ध्यान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े संभावित लक्ष्यों और आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों की ओर खींचा है। पुलिस इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए अन्य संभावित कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
आयुष्मान खुराना से जुड़ी घटना से पहले अभिनेता तुषार कपूर को भी धमकी भरा ऑडियो मिलने का मामला सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक,एक व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हैरी बॉक्सर बताते हुए अभिनेता से पाँच करोड़ रुपये की माँग की थी। ऑडियो मिलने के बाद तुषार कपूर ने मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी थी।
इस मामले में भी पुलिस ऑडियो भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी गिरोह का सदस्य है या उसने वसूली के इरादे से किसी कुख्यात नाम का इस्तेमाल किया है।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि धमकी देने के लिए ऑडियो क्लिप का इस्तेमाल किया जा रहा है,जिससे पुलिस के सामने आवाज की पहचान और उसकी पुष्टि करने की चुनौती भी है।
आयुष्मान खुराना को मिली कथित धमकी की जाँच में पुलिस का मुख्य ध्यान ऑडियो भेजने वाले की पहचान और उसके दावों की पुष्टि पर है। केवल किसी गिरोह का नाम लेने से यह साबित नहीं होता कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में उससे जुड़ा है। इसलिए पुलिस पुराने ऑडियो सैंपल से आवाज का मिलान करने के साथ-साथ अन्य तकनीकी और आपराधिक पहलुओं की भी जाँच कर रही है।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग,तुषार कपूर को मिली कथित धमकी और अब आयुष्मान खुराना से जुड़ा मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ इन घटनाओं को गंभीरता से देख रही हैं। हालाँकि,इन सभी मामलों के बीच आपसी संबंध होने की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन धमकियों के पीछे एक ही नेटवर्क सक्रिय है या अलग-अलग लोग गिरोहों के नाम का इस्तेमाल कर वसूली की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान करना और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
