नई दिल्ली,10 जून (युआईटीवी)- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर दुनिया भर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने उनके लंबे राजनीतिक सफर, जनसेवा के प्रति समर्पण और वैश्विक नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं। इस क्रम में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू के संदेश विशेष रूप से चर्चा में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड अपने नाम किया। 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने 2019 और 2024 में लगातार दो और चुनाव जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर के बाद देश-विदेश से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए लिखा कि भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी को हार्दिक शुभकामनाएँ। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दशकों की उनकी समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का सशक्त प्रमाण है। गोर ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।
अमेरिकी राजदूत का यह संदेश भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक,आर्थिक,रक्षा और तकनीकी सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी नेतृत्व के बीच नियमित संवाद ने दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। ऐसे में अमेरिकी राजदूत की यह सार्वजनिक बधाई दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को भी दर्शाती है।
उधर,नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने भी प्रधानमंत्री मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह उपलब्धि भारतीय जनता द्वारा लगातार तीन कार्यकालों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर जताए गए अटूट भरोसे और विश्वास को दर्शाती है। टीनुबू ने प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण,राष्ट्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता और वैश्विक मंच पर उनके प्रभावशाली नेतृत्व की प्रशंसा की।
नाइजीरियाई राष्ट्रपति ने अपने संदेश में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने भारत के विकास,वैश्विक कूटनीति और दक्षिण-दक्षिण सहयोग में मोदी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। टीनुबू ने प्रधानमंत्री मोदी को न केवल नाइजीरिया का एक अच्छा मित्र,बल्कि अपना व्यक्तिगत मित्र और भरोसेमंद सहयोगी भी बताया।
अपने संदेश में टीनुबू ने कहा कि वर्षों से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की समझदारी,साहस और भारत की प्रगति एवं समृद्धि के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता की सराहना की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों में से एक ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ से सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रपति टीनुबू के अनुसार,इस सम्मान के प्राप्तकर्ता के रूप में मोदी ने भारत और नाइजीरिया के बीच मित्रता और सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
नाइजीरिया और भारत के संबंध पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा,व्यापार,रक्षा,शिक्षा और विकास साझेदारी के क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं। अफ्रीका में भारत की बढ़ती सक्रियता और वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की नीति के तहत नाइजीरिया भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। ऐसे में राष्ट्रपति टीनुबू का संदेश दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि किसी लोकतांत्रिक देश में लगातार तीन बार जनादेश हासिल करना और लंबे समय तक निर्वाचित सरकार का नेतृत्व करना अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र में मतदाताओं के विश्वास और स्थिर नेतृत्व की इच्छा को दर्शाती है।
पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी ने घरेलू स्तर पर बुनियादी ढाँचे,डिजिटल परिवर्तन, कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक सुधारों पर जोर दिया है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उन्होंने भारत की भूमिका को अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाने की कोशिश की है। जी-20 की अध्यक्षता,वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाने और विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी को उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं में गिना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी को मिल रही अंतर्राष्ट्रीय बधाइयों से यह भी संकेत मिलता है कि वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अमेरिका जैसे पश्चिमी देश और नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी साझेदार,दोनों ही भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक पहुंच की सफलता को भी दर्शाता है।
देश में भी प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है। समर्थकों का कहना है कि लगातार तीन जनादेश प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और उनके नेतृत्व में जनता के भरोसे का प्रमाण हैं।
अंतर्राष्ट्रीय नेताओं की बधाइयों के बीच यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव भारत की सीमाओं से कहीं आगे तक पहुँच चुका है। अमेरिका और नाइजीरिया जैसे देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए संदेश न केवल व्यक्तिगत बधाई हैं,बल्कि भारत के साथ उनके मजबूत संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक नेतृत्व की स्वीकृति का भी संकेत हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद भारत की घरेलू राजनीति और विदेश नीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
