नई दिल्ली,10 जून (युआईटीवी)- दो सौ करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने अब देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अभिनेत्री ने दिल्ली की ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देते हुए सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस कदम के साथ ही लंबे समय से चर्चा में बने इस हाई-प्रोफाइल मामले ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है और इसे 11 जून को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
जैकलीन फर्नांडिस की ओर से दायर याचिका में ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को रद्द करने की माँग की गई है,जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया गया था। अभिनेत्री का कहना है कि मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और अदालत के फैसले में कई कानूनी और प्रक्रियागत खामियाँ हैं। उनका तर्क है कि उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को उचित तरीके से नहीं परखा गया और इसलिए मामले की दोबारा समीक्षा की आवश्यकता है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ,जिसमें न्यायमूर्ति पी.के. मिश्रा और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर शामिल हैं, ने मामले की जल्द सुनवाई की माँग पर विचार करते हुए 11 जून की तारीख निर्धारित की। अब सर्वोच्च अदालत इस बात पर विचार करेगी कि ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप तय करने का आदेश कानूनी रूप से उचित था या नहीं और क्या इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया को उसी आधार पर जारी रखा जाना चाहिए।
यह मामला पिछले कई वर्षों से सुर्खियों में बना हुआ है और इसकी जाँच प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है। जाँच एजेंसी का दावा है कि यह मामला दो सौ करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली और उससे जुड़े धन शोधन नेटवर्क से संबंधित है। इसी मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और कई आरोपियों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में कार्रवाई चल रही है।
जैकलीन फर्नांडिस का नाम इस मामले में उस समय सामने आया था,जब जाँच एजेंसियों ने दावा किया कि कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर द्वारा अवैध तरीके से हासिल की गई रकम का एक हिस्सा अभिनेत्री और उनके परिवार पर खर्च किया गया। जाँच एजेंसी का आरोप है कि सुकेश ने अभिनेत्री को कई महँगे और कीमती उपहार दिए थे। इन उपहारों में लग्जरी कारें,महँगे आभूषण, ब्रांडेड हैंडबैग और कुछ दुर्लभ पालतू जानवर भी शामिल बताए गए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि इन उपहारों का संबंध उस धन से था,जिसे कथित तौर पर अवैध गतिविधियों के जरिए हासिल किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि अभिनेत्री को इन उपहारों की प्रकृति और उनके स्रोत के बारे में जानकारी थी। हालाँकि,जैकलीन फर्नांडिस लगातार इन आरोपों से इनकार करती रही हैं और उनका कहना है कि वह स्वयं इस मामले में पीड़ित हैं।
अभिनेत्री का पक्ष यह रहा है कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि जिन उपहारों और सुविधाओं का लाभ उन्हें मिला,उनका संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से है। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर ने अपने बारे में गलत जानकारी दी थी और वह उसके वास्तविक आपराधिक रिकॉर्ड से अनजान थीं। इसी आधार पर वह जाँच एजेंसियों के आरोपों को चुनौती देती रही हैं।
बीते दिनों इस मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया,जब 3 जून को जैकलीन फर्नांडिस पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुईं। इस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी अवैध वित्तीय लेनदेन से कोई संबंध नहीं है और वह अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का कानूनी रूप से मुकाबला करेंगी।
मामले का केंद्र बिंदु सुकेश चंद्रशेखर है,जिस पर आरोप है कि उसने जेल में रहते हुए भी कई लोगों को धोखा देकर करोड़ों रुपये की वसूली की। जाँच एजेंसियों के अनुसार उसने एक प्रमुख कारोबारी की पत्नी से करीब दो सौ करोड़ रुपये की जबरन वसूली की थी। इसी धन के इस्तेमाल और उसके विभिन्न लोगों तक पहुँचने के आरोपों की जाँच के दौरान कई नए नाम सामने आए,जिनमें जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी शामिल था।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई यह याचिका मामले की दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। यदि सर्वोच्च अदालत ट्रायल कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाती है या उसमें किसी प्रकार की प्रक्रिया संबंधी कमी पाती है,तो मामले की सुनवाई और आगे की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर यदि अदालत ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही मानती है,तो अभिनेत्री को नियमित न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
यह मामला केवल कानूनी दृष्टि से ही नहीं,बल्कि मनोरंजन जगत के लिहाज से भी काफी चर्चित रहा है। बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री होने के कारण जैकलीन फर्नांडिस का नाम इस मामले से जुड़ने के बाद लगातार मीडिया और जनचर्चा का विषय बना हुआ है। हालाँकि,अभिनेत्री ने हमेशा यह कहा है कि वह न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखती हैं और उन्हें विश्वास है कि सच्चाई अंततः सामने आएगी।
फिलहाल सभी की निगाहें 11 जून को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं। इस सुनवाई के दौरान अदालत जैकलीन फर्नांडिस की याचिका पर प्रारंभिक विचार करेगी और यह तय करेगी कि ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है या नहीं। आने वाले दिनों में यह सुनवाई इस बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुँच चुके इस मामले ने एक बार फिर न्यायिक और कानूनी हलकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या अभिनेत्री को अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में कोई राहत मिलती है या नहीं। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है।
