मार्को सिल्वा (तस्वीर क्रेडिट@JacobsBen)

बेनफिका में नए युग की शुरुआत,मार्को सिल्वा बने हेड कोच; जोस मोरिन्हो की रियल मैड्रिड में वापसी तय

लिस्बन,10 जून (युआईटीवी)- पुर्तगाल के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब स्पोर्ट लिस्बोआ ए बेनफिका ने अपने कोचिंग ढाँचे में बड़ा बदलाव करते हुए अनुभवी फुटबॉल मैनेजर मार्को सिल्वा को टीम का नया हेड कोच नियुक्त करने की घोषणा की है। इंग्लैंड के क्लब फुलहम के साथ सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद सिल्वा अब अपने देश लौट रहे हैं और बेनफिका की जिम्मेदारी सँभालेंगे। क्लब ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि मार्को सिल्वा के साथ दो वर्ष का अनुबंध किया गया है,जिसे प्रदर्शन के आधार पर 2028-29 सत्र तक बढ़ाया जा सकता है।

मार्को सिल्वा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है,जब बेनफिका एक नए दौर की शुरुआत करना चाहता है। पिछले कुछ वर्षों में यूरोपीय फुटबॉल में अपनी मजबूत पहचान बनाए रखने के बावजूद क्लब बड़े अंतर्राष्ट्रीय खिताबों से दूर रहा है। ऐसे में प्रबंधन को उम्मीद है कि सिल्वा का अनुभव और उनकी रणनीतिक समझ टीम को नई दिशा देने में मदद करेगी।

48 वर्षीय मार्को सिल्वा हाल ही में इंग्लैंड के फुलहम क्लब के साथ अपना पाँच साल लंबा कार्यकाल पूरा करके मुक्त हुए थे। उनके नेतृत्व में फुलहम ने इंग्लिश फुटबॉल में स्थिरता हासिल की और कई मजबूत टीमों के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सिल्वा को एक ऐसे कोच के रूप में देखा जाता है,जो सीमित संसाधनों के बावजूद टीम को प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। यही कारण है कि बेनफिका प्रबंधन ने उन्हें अपने भविष्य की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।

क्लब के बयान में कहा गया है कि मार्को सिल्वा के पास शीर्ष स्तर के फुटबॉल का व्यापक अनुभव है और उनकी कोचिंग शैली आधुनिक फुटबॉल की मांगों के अनुरूप है। बेनफिका को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में टीम घरेलू और यूरोपीय दोनों प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करेगी। क्लब के समर्थकों के बीच भी उनकी नियुक्ति को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

दूसरी ओर,बेनफिका से जुड़ी एक और बड़ी खबर ने अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। क्लब ने पुष्टि की है कि उनके पूर्व कोच जोस मोरिन्हो अब स्पेन के दिग्गज क्लब रियल मैड्रिड में वापसी करने जा रहे हैं। यह खबर सामने आते ही फुटबॉल जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है,क्योंकि मोरिन्हो दुनिया के सबसे सफल और चर्चित कोचों में गिने जाते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार,रियल मैड्रिड ने मोरिन्हो को वापस लाने के लिए लगभग 15 मिलियन यूरो की राशि पर सहमति जताई है। 63 वर्षीय मोरिन्हो ने हाल ही में बेनफिका की कमान संभाली थी और अपने छोटे से कार्यकाल में टीम को पुर्तगाल की शीर्ष लीग में तीसरे स्थान तक पहुँचाने में सफलता हासिल की। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह रही कि उनकी टीम पूरे लीग अभियान में अपराजित रही। हालाँकि,इसके बावजूद क्लब कोई बड़ा खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाया।

मोरिन्हो की रियल मैड्रिड में यह दूसरी पारी होगी। इससे पहले वह 2010 से 2013 तक क्लब के मुख्य कोच रह चुके हैं। उस दौरान उन्होंने स्पेनिश फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके नेतृत्व में रियल मैड्रिड ने ला लीगा का खिताब जीता था और साथ ही कोपा डेल रे तथा स्पेनिश सुपर कप भी अपने नाम किए थे। उस दौर में उनकी टीम ने आक्रामक और प्रभावशाली फुटबॉल खेलकर प्रशंसकों का दिल जीता था।

फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मोरिन्हो की वापसी रियल मैड्रिड के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। क्लब पिछले कुछ समय से अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था और लगातार दूसरे सत्र में कोई बड़ा खिताब जीतने में नाकाम रहा। ऐसे में प्रबंधन को उम्मीद है कि अनुभवी मोरिन्हो टीम को फिर से सफलता की राह पर ले जा सकते हैं।

रियल मैड्रिड के अध्यक्ष फ्लोरेंटिनो पेरेज लंबे समय से मोरिन्हो को दोबारा क्लब में लाने के पक्षधर माने जाते रहे हैं। चुनाव अभियान के दौरान भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह संकेत दिया था कि वह भविष्य में मोरिन्हो को फिर से क्लब का हिस्सा बनाना चाहते हैं। अब यह योजना साकार होती दिखाई दे रही है।

इसी बीच क्लब ने अपने फर्स्ट-टीम कोच अल्वारो अर्बेलोआ के प्रस्थान की भी पुष्टि की है। अर्बेलोआ ने हाल ही में अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी कीं और अब वह क्लब से अलग हो रहे हैं। रियल मैड्रिड ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पेशेवर रवैया अपनाया और टीम के हितों को प्राथमिकता दी।

अर्बेलोआ ने जनवरी में टीम की कमान सँभाली थी,जब जाबी अलोंसो के स्थान पर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस समय क्लब कठिन दौर से गुजर रहा था और प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखाई दे रही थी। अर्बेलोआ ने परिस्थितियों को सँभालने की कोशिश की,लेकिन टीम को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। लगातार दूसरे वर्ष बड़े खिताब से दूर रहने के कारण क्लब प्रबंधन ने बदलाव का फैसला लिया।

फुटबॉल जगत में इन घटनाक्रमों को एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर बेनफिका ने मार्को सिल्वा जैसे आधुनिक सोच वाले कोच को नियुक्त कर भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास किया है,वहीं दूसरी ओर रियल मैड्रिड ने अनुभवी और सफल कोच जोस मोरिन्हो को वापस लाकर अपनी महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट कर दिया है।

आने वाले सत्र में दोनों क्लबों पर विशेष नजर रहेगी। बेनफिका यह देखना चाहेगा कि मार्को सिल्वा के नेतृत्व में टीम कितनी तेजी से नए ढाँचे में ढलती है,जबकि रियल मैड्रिड के प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि जोस मोरिन्हो की वापसी क्लब को फिर से घरेलू और यूरोपीय फुटबॉल की ऊँचाइयों तक पहुँचाने में मदद करेगी। फिलहाल इन दोनों फैसलों ने यूरोपीय फुटबॉल में नई चर्चाओं और उम्मीदों को जन्म दे दिया है।