अब पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाएगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती

नई दिल्ली, 19 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)| अब देश में हर साल नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाएगी। मोदी सरकार के निर्णय के बाद संस्कृति मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक, भारत सरकार ने नेताजी की 125वीं जयंती वर्ष को 23 जनवरी 2021 से आरम्भ करने का निर्णय लिया है, ताकि राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर उनका सम्मान किया जा सके।

संस्कृति मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति उनके नि: स्वार्थ सेवा को देखते हुए भारत सरकार ने 23 जनवरी को हर वर्ष उनके जन्मदिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इससे देश के लोगों, विशेषकर युवाओं को विपत्ति के समय नेताजी के जीवन से प्रेरणा मिलेगी और उनमे देश भक्ति की भावना भी समाहित होगी।

मोदी सरकार इस बार नेताजी की 125वीं जयंती को यादगार तरीके से मनाने की दिशा में जोर शोर से जुटी है। गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के लिए मोदी सरकार एक उच्च स्तरीय समिति भी बीते दिनों गठित कर चुकी है।

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