हुंडई मोटर इंडिया (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

हुंडई मोटर इंडिया का बड़ा कदम, ‘माई हुंडई’ ऐप से देशभर के 30,000 से अधिक ईवी चार्जिंग प्वाइंट्स तक मिलेगी पहुँच

नई दिल्ली,20 जुलाई (युआईटीवी)- भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को गति देने की दिशा में हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि अब इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ता उसके ‘माई हुंडई’ मोबाइल ऐप के माध्यम से देशभर में 30,000 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट्स तक आसानी से पहुँच बना सकेंगे। कंपनी का कहना है कि यह पहल भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को अधिक सुविधाजनक,सुलभ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही ग्राहकों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देश के सबसे बड़े एकीकृत इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क में से एक का लाभ मिलेगा।

कंपनी के अनुसार,यह नेटवर्क विभिन्न प्रमुख चार्ज प्वाइंट ऑपरेटरों और सेवा प्रदाताओं के सहयोग से तैयार किया गया है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह केवल हुंडई के ग्राहकों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि सभी ब्रांडों के इलेक्ट्रिक वाहन मालिक इसका उपयोग कर सकेंगे। इस कदम को भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और चार्जिंग अवसंरचना को अधिक व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

‘माई हुंडई’ ऐप के जरिए उपयोगकर्ताओं को केवल चार्जिंग स्टेशन खोजने की सुविधा ही नहीं मिलेगी,बल्कि वे अपने निकटतम चार्जिंग स्टेशन तक आसानी से नेविगेट भी कर सकेंगे। इसके अलावा ग्राहक पहले से चार्जिंग स्लॉट बुक कर सकेंगे,जिससे उन्हें चार्जिंग स्टेशन पर अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐप के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध होगी,जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक बन जाएगी। कंपनी का कहना है कि एकीकृत इंटरफेस के कारण उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और सभी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

हुंडई मोटर इंडिया का दावा है कि यह एकीकृत चार्जिंग नेटवर्क देशभर में औसतन 25 किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराता है। इसका मतलब है कि अधिकांश क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी तय किए बिना चार्जिंग स्टेशन तक पहुँचने की सुविधा मिलेगी। कंपनी का मानना है कि चार्जिंग स्टेशनों की आसान उपलब्धता इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में लोगों का भरोसा बढ़ाएगी और लंबी दूरी की यात्रा को भी अधिक सहज बनाएगी।

कंपनी ने बताया कि इस नेटवर्क में देश के कई प्रमुख राजमार्ग कॉरिडोर भी शामिल हैं। इनमें दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर,मुंबई-पुणे-बेंगलुरु,मुंबई-रत्नागिरी-गोवा, चेन्नई-वेल्लोर-बेंगलुरु तथा हैदराबाद-कर्नूल-बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों पर चार्जिंग सुविधाओं की उपलब्धता से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी। विशेष रूप से हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों की मौजूदगी उन लोगों की सबसे बड़ी चिंता को दूर करने में मदद करेगी, जो बैटरी खत्म होने की आशंका के कारण इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से हिचकिचाते हैं।

हुंडई मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने इस पहल को भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए मजबूत और भरोसेमंद चार्जिंग अवसंरचना सबसे अहम आधार है। उनके अनुसार,‘माई हुंडई’ ऐप पर 30,000 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट्स को एकीकृत करके कंपनी ने ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म से देश के सबसे बड़े चार्जिंग नेटवर्क में से एक तक पहुँच उपलब्ध कराई है।

तरुण गर्ग ने यह भी कहा कि इस प्लेटफॉर्म को सभी ब्रांडों के इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए उपलब्ध कराया गया है। उनका मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग का विकास तभी संभव है, जब चार्जिंग सुविधाएँ केवल किसी एक कंपनी तक सीमित न रहकर पूरे उद्योग के लिए उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत में व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कंपनी ने भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया है। हुंडई मोटर इंडिया ने घोषणा की कि वर्ष 2030 तक वह अपने स्वामित्व वाले डीसी फास्ट पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार करेगी। वर्तमान में कंपनी के पास 183 डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशन हैं, जिन्हें बढ़ाकर 600 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस विस्तार से देशभर में तेज गति से चार्जिंग सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी।

कंपनी के अनुसार,उसकी चार्जिंग अवसंरचना का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। अब तक उसके नेटवर्क के माध्यम से तीन लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सत्र पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा 50 लाख किलोवाट-घंटे से अधिक ऊर्जा विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहनों को उपलब्ध कराई गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता धीरे-धीरे बढ़ रही है और चार्जिंग नेटवर्क की माँग भी लगातार बढ़ रही है।

हुंडई मोटर इंडिया ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी उपलब्धियों का उल्लेख किया। कंपनी का दावा है कि उसके चार्जिंग नेटवर्क के उपयोग से अब तक लगभग 35 लाख किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में मदद मिली है। कंपनी का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग न केवल ईंधन पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि प्रदूषण घटाने और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हो रहा है। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं,बढ़ती पर्यावरणीय जागरूकता और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हालाँकि,चार्जिंग अवसंरचना की सीमित उपलब्धता अब तक इस क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रही है। ऐसे में हुंडई मोटर इंडिया की यह पहल इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं का भरोसा बढ़ाने और चार्जिंग नेटवर्क को अधिक व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

इसी क्रम में कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि वह चालू वित्त वर्ष के दौरान एक नई मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए कंपनी अपने इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाना चाहती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि नए मॉडलों के साथ यदि चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार भी समान गति से होता है,तो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ सकता है।

हुंडई मोटर इंडिया की यह नई पहल केवल एक डिजिटल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत आधार देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। एकीकृत चार्जिंग नेटवर्क,विस्तारित अवसंरचना और भविष्य की निवेश योजनाओं के माध्यम से कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुविधाजनक, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है।