अहमदाबाद,23 जुलाई (युआईटीवी)- अदाणी समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा करते हुए शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने मुनाफे,राजस्व,परिचालन लाभ और बिजली बिक्री जैसे लगभग सभी प्रमुख वित्तीय मानकों पर उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। मजबूत परिचालन क्षमता,बढ़ती बिजली माँग,बेहतर लागत प्रबंधन और उत्पादन में विस्तार के कारण कंपनी ने तिमाही के दौरान रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। कंपनी का कहना है कि यह परिणाम उसके दीर्घकालिक विस्तार कार्यक्रम और लागत-कुशल संचालन की रणनीति का प्रतिफल है।
कंपनी द्वारा जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, पहली तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ यानी पैट सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 3,305 करोड़ रुपये था। इस प्रकार एक वर्ष के भीतर कंपनी ने अपने लाभ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी के अनुसार,परिचालन में वृद्धि के साथ-साथ वित्तीय लागत पर बेहतर नियंत्रण और पूंजीगत निवेश के प्रभावी प्रबंधन ने लाभ में इस मजबूत वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अदाणी पावर का समेकित कुल राजस्व भी पहली तिमाही में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। कंपनी का राजस्व 26.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 17,936 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 14,167 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि बिजली की बिक्री में बढ़ोतरी और प्रति यूनिट बेहतर प्राप्ति के कारण राजस्व में यह वृद्धि संभव हो सकी। देश में बढ़ती बिजली मांग और उत्पादन क्षमता के विस्तार ने भी कंपनी के कारोबार को मजबूती प्रदान की।
परिचालन लाभ के मोर्चे पर भी कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया। अदाणी पावर का समेकित निरंतर ईबीआईटीडीए 21.6 प्रतिशत बढ़कर 6,983 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष की पहली तिमाही में यह आँकड़ा 5,744 करोड़ रुपये था। कंपनी ने इसे अपने इतिहास का अब तक का सबसे अधिक तिमाही ईबीआईटीडीए बताया है। कंपनी के अनुसार,ईंधन लागत में वृद्धि के बावजूद बेहतर परिचालन दक्षता,लागत नियंत्रण और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की बदौलत यह उपलब्धि हासिल की गई।
बिजली उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में भी कंपनी ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। पहली तिमाही के दौरान बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 24.6 बिलियन यूनिट थी। कंपनी ने बताया कि उत्पादन क्षमता में विस्तार,संयंत्रों के बेहतर उपयोग और देश में बिजली की लगातार बढ़ती माँग के कारण बिक्री में यह वृद्धि देखने को मिली। गर्मी के मौसम में बिजली की माँग में बढ़ोतरी का लाभ भी कंपनी को मिला।
अदाणी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. बी. ख्यालिया ने कंपनी के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अदाणी पावर ने एक बार फिर अपनी लागत-कुशल उत्पादन क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी लगातार अपने उत्पादन संयंत्रों की दक्षता बढ़ाने और परिचालन लागत को नियंत्रित रखने पर काम कर रही है,जिसका सकारात्मक परिणाम वित्तीय प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी 45 गीगावाट उत्पादन क्षमता हासिल करने के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न नई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ कंपनी की बाजार हिस्सेदारी और राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
एस. बी. ख्यालिया ने यह भी बताया कि कंपनी अपने कारोबार का विस्तार केवल ताप विद्युत क्षेत्र तक सीमित नहीं रख रही है। जयप्रकाश एसोसिएट्स की बिजली परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के माध्यम से कंपनी अपनी क्षमता का विस्तार कर रही है। इसके साथ ही अदाणी पावर अब जलविद्युत परियोजनाओं में भी सक्रिय रूप से प्रवेश कर रही है। कंपनी घरेलू परियोजनाओं के अलावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जलविद्युत क्षेत्र में अवसर तलाश रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित अवसरों की भी तैयारी कर रही है। ऊर्जा क्षेत्र में विविधीकरण की इस रणनीति के माध्यम से अदाणी पावर आने वाले वर्षों में अपने कारोबार को और मजबूत बनाना चाहती है। कंपनी का मानना है कि ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों में निवेश से दीर्घकालिक विकास को नई गति मिलेगी।
पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत बिजली बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार,इस श्रेणी में बिजली बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट हो गई। इसके साथ ही प्रति यूनिट औसत टैरिफ भी 8.5 प्रतिशत बढ़कर 5.95 रुपये तक पहुँच गया। इससे कंपनी के राजस्व और लाभ दोनों में सकारात्मक योगदान मिला।
दूसरी ओर,मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बिजली बाजार में भी अदाणी पावर का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस श्रेणी में प्रति यूनिट औसत प्राप्ति 13.1 प्रतिशत बढ़कर 7.04 रुपये हो गई। कंपनी ने बताया कि बाजार में बिजली की मजबूत माँग और बेहतर मूल्य प्राप्त होने के कारण यह वृद्धि संभव हुई। खुले बाजार में बढ़ती माँग का कंपनी को सीधा लाभ मिला है।
पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने विस्तार कार्यक्रम के तहत कई महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का अधिग्रहण भी पूरा किया। कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस के अंतर्गत स्वीकृत योजना के अनुसार कंपनी ने 180 मेगावाट क्षमता वाले चुर्क थर्मल पावर प्लांट का अधिग्रहण किया। इसके अलावा जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड में 11.49 प्रतिशत हिस्सेदारी भी अपने नियंत्रण में ली है।
इन अधिग्रहणों के माध्यम से कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बिजली बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति को और मजबूत करना चाहती है। कंपनी का मानना है कि नई परिसंपत्तियों के एकीकरण के बाद उत्पादन क्षमता,परिचालन दक्षता और वित्तीय प्रदर्शन में और सुधार होगा।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में लगातार बढ़ती बिजली माँग,औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और आर्थिक विकास के कारण बिजली कंपनियों के लिए आने वाले वर्षों में बेहतर अवसर उपलब्ध रहेंगे। ऐसे माहौल में अदाणी पावर द्वारा उत्पादन क्षमता बढ़ाने,नई परियोजनाओं में निवेश करने और विभिन्न ऊर्जा क्षेत्रों में विस्तार की रणनीति उसे दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर सकती है।
वित्तीय परिणामों से यह भी स्पष्ट होता है कि कंपनी केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि लागत प्रबंधन,परिचालन दक्षता और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। यही कारण है कि ईंधन लागत बढ़ने जैसी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे अधिक तिमाही ईबीआईटीडीए दर्ज किया और लाभ में भी उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की।
कुल मिलाकर,वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही अदाणी पावर के लिए अत्यंत सफल रही है। मुनाफे,राजस्व,परिचालन लाभ और बिजली बिक्री में मजबूत वृद्धि ने यह संकेत दिया है कि कंपनी अपने विस्तार और विकास की रणनीति पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही है। नई परियोजनाओं,परिसंपत्तियों के अधिग्रहण,जलविद्युत और संभावित परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की योजनाओं के साथ अदाणी पावर आने वाले वर्षों में भारतीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
