शेख हसीना

बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच भारत ने हेल्पलाइन नंबर किए जारी,नागरिकों को यात्रा नहीं करने की दी सख्त हिदायत

नई दिल्ली,5 अगस्त (युआईटीवी)- बांग्लादेश में जारी विरोध प्रदर्शनों में 97 लोगों की मौत हो चुकी है। यह हिंसक प्रदर्शन प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की माँग को लेकर किया जा रहा है। रविवार,4 अगस्त को सत्तारूढ़ आवामी लीग के समर्थकों और इस्तीफे की माँग करने वाले प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 14 पुलिसकर्मियों सहित कम-से-कम 90 लोगों की मौत हुई है।

इस बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। बांग्लादेश के ताजा हालातों को देखते हुए रविवार रात को विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक बांग्लादेश की यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही उन्हें हिंसाग्रस्त मुल्क में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बांग्लादेश में मौजूद अपने नागरिकों के लिए भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा,भारतीय नागरिकों को वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए अगले आदेश तक बांग्लादेश की यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी जाती है। बांग्लादेश में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को मौजूदा समय में वहाँ के बिगड़ते हालात को देखते हुए अपनी गतिविधियों को सीमित रखने,अत्यधिक सावधानी बरतने की तथा आपातकालीन फोन नंबरों के जरिए ढाका में भारतीय उच्चायोग के संपर्क में बने रहने की सलाह दी जाती है। बांग्लादेश में मौजूद भारतीय नागरिकों को विदेश मंत्रालय ने इन नंबरों पर +8801958383680, +8801958383679,+8801937400591 संपर्क करने के लिए कहा है।

रविवार रात को भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंसा के बीच वहाँ मौजूद अपने सभी नागरिकों को अपनी गतिविधियों को सीमित करने तथा “अत्यधिक सावधानी” बरतने की सलाह दी है। ढाका से मिली खबरों के मुताबिक,बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में रविवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षा बलों के जवानों के बीच हुई भीषण झड़पों में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। प्रधानमंत्री शेख हसीना से प्रदर्शनकारी इस्तीफा देने की माँग कर रहे हैं। पिछले महीने एक विवादास्पद नौकरी कोटा योजना के खिलाफ बांग्लादेश में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था,जो अब सरकार विरोधी आंदोलन में तब्दील हो गया है।

सिविल सेवा नौकरियों के लिए कोटा प्रणाली में सुधार की माँग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। बांग्लादेश से कई सारे भारतीय छात्र हिंसा को देखते हुए एक हफ्ते पहले ही अपने देश लौटे हैं। विदेश मंत्रालय ने 25 जुलाई को कहा था कि करीब 6,700 भारतीय छात्र बांग्लादेश की स्थिति को देखते हुए वहाँ से वापस लौटे हैं।

 

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