नई दिल्ली, 24 मई (युआईटीवी)- देश के सबसे व्यस्ततम हवाई अड्डों में से एक इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शुक्रवार को जानकारी दी कि दिल्ली एयरपोर्ट का प्रमुख रनवे 28/10 जून के मध्य से सितंबर के मध्य तक अस्थायी रूप से बंद रहेगा। इसका उद्देश्य रनवे पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) को कैट III-बी मानकों तक अपग्रेड करना है।
यह तकनीकी उन्नयन खासतौर पर कम दृश्यता,जैसे कि सर्दियों के दौरान घना कोहरा में विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
रनवे 28/10 दिल्ली एयरपोर्ट का प्राथमिक रनवे है,जहाँ से बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों का संचालन होता है। इसे कैट III-बी इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम से लैस किया जाना है,जो विमानों को बेहद कम दृश्यता (50 मीटर तक) में भी सुरक्षित लैंडिंग में सक्षम बनाता है। वर्तमान में यह प्रणाली पूरी तरह से कैट III-बी मानकों पर नहीं है,जिससे हर साल सर्दियों में उड़ानों में बड़े पैमाने पर देरी या रद्दीकरण देखने को मिलते हैं।
मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि सरकार और हवाई अड्डा प्रबंधन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि रनवे के बंद होने से निर्धारित उड़ानों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इसके लिए एयरलाइनों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा की जा रही है,ताकि संचालन के दौरान यात्रियों को असुविधा न हो।
सूत्रों के अनुसार,रनवे के बंद होने के कारण,लगभग 50 उड़ानें प्रतिदिन रद्द की जा सकती हैं और अन्य 50 उड़ानों को ऑफ-पीक घंटों में पुनर्निर्धारित किया जाएगा,इससे यात्रियों को अंतिम समय में फ्लाइट कैंसलेशन या डिले का सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि इस रनवे को अप्रैल में भी बंद करने का प्रयास किया गया था,लेकिन केवल चार सप्ताह में ही यह फैसला स्थगित करना पड़ा,क्योंकि एयरपोर्ट पर मौजूद अन्य तीन रनवे – 09/27, 11R/29L और 11L/29R मिलकर भी 1,400 डेली उड़ानों को सँभालने में असमर्थ साबित हुए।
उस समय उड़ानों के टाइमटेबल में भारी गड़बड़ी हुई और यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इस अनुभव को देखते हुए अब मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी पहले से बेहतर योजना के साथ आगे बढ़ रही हैं।
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट में चार रनवे 09/27, 11R/29L, 11L/29R और 28/10 हैं,जिसमें रनवे 28/10 अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दो ऑपरेशनल टर्मिनल – T1 और T3 सक्रिय हैं,जबकि T2 टर्मिनल रखरखाव के कारण बंद है। ऐसे में रनवे 28/10 का अस्थायी रूप से बंद होना उड़ानों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है,जिससे संचालन में चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए एक संशोधित उड़ान कार्यक्रम पहले से ही तैयार किया जा रहा है। इससे एयरलाइनों को अपने रूट और समय में बदलाव का पर्याप्त समय मिल सकेगा।
इसके अलावा,एयरलाइंस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी रणनीति में बदलाव करें और यात्रियों को समय से पहले सूचित करें।
यह जानकारी हैदराबाद में आयोजित विंग्स इंडिया 2026 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में साझा की गई,जो देश के सबसे बड़े नागरिक उड्डयन कार्यक्रमों में से एक है। इस मौके पर मंत्री नायडू ने एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर,तकनीकी उन्नयन और यात्री सुविधा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
रनवे 28/10 का अस्थायी बंद होना दिल्ली एयरपोर्ट के दीर्घकालिक संचालन और सुरक्षा मानकों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है,हालाँकि इससे यात्रियों और उड़ानों को कुछ अल्पकालिक असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है,लेकिन कैट III-बी जैसे अत्याधुनिक सिस्टम से भविष्य में कोहरे और खराब मौसम में उड़ानों की रद्दीकरण दर को कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी की यह जिम्मेदारी है कि इस बदलाव को न्यूनतम व्यवधान के साथ लागू किया जाए और यात्रियों को समय पर जानकारी मिलती रहे। ऐसी पहलें भारत के विमानन क्षेत्र को वैश्विक मानकों के करीब लाती हैं।
