कोविड-19

बेंगलुरु में फिर से बढ़ रहे कोविड-19 के मामले,कर्नाटक स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना को लेकर एडवाइजरी जारी की

बेंगलुरु,24 मई (युआईटीवी)- कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बार फिर से कोविड-19 संक्रमण को लेकर चिंता की खबरें सामने आ रही हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर बताया है कि पिछले 20 दिनों में संक्रमण के मामलों में क्रमिक वृद्धि देखी जा रही है। हालाँकि,स्थिति अभी गंभीर नहीं है,लेकिन सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों को सावधानी बरतने और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस वर्ष अब तक कर्नाटक में कुल 35 कोविड-19 केस सामने आए हैं,जिनमें से 32 सिर्फ बेंगलुरु से हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन मामलों में कोई भी गंभीर रूप से बीमार नहीं है,लेकिन संक्रमण के धीमे प्रसार को लेकर सरकार सतर्क हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमारे पास गंभीर केस नहीं हैं,लेकिन हम सावधानी में कोई कमी नहीं रखेंगे। संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ रहा है,इसलिए आम जनता को कोविड के सभी नियमों का पालन करना चाहिए।”

स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष तौर पर गर्भवती महिलाओं,बच्चों,बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से हैंड सैनिटाइज़र के उपयोग,हाथ धोने की आदत और भीड़ से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण या फ्लू जैसे लक्षण महसूस हों,तो वे तुरंत कोविड-19 की जाँच करवाएँ। समय पर जाँच और इलाज से संक्रमण के आगे फैलाव को रोका जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को पुष्टि की कि बेंगलुरु में 9 महीने का एक शिशु कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया है। यह बच्चा बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित होसकोटे कस्बे का रहने वाला है।

शिशु की रिपोर्ट 22 मई को रैपिड एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई। हालाँकि,अधिकारियों ने बताया कि बच्चे में कोई जटिल लक्षण नहीं हैं और वह वाणी विलास अस्पताल में इलाज के तहत सुरक्षित है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि बच्चों में संक्रमण फैलने के पीछे प्राथमिक कारण परिवार के सदस्यों का लापरवाह संपर्क हो सकता है। इसलिए उन्होंने माता-पिता और घर के अन्य लोगों से अपील की है कि वे बच्चों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए केंद्र सरकार से त्वरित कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में कोविड-19 के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में भारत में भी खतरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार ने विदेश से आने वाले यात्रियों की जाँच को लेकर अभी तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है। हमें डर है कि अन्य देशों से वायरस भारत में न आ जाए।” उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि वह एयरपोर्ट्स पर थर्मल स्कैनिंग, रैंडम टेस्टिंग और फ्लाइट यात्रियों की ट्रैकिंग जैसे एहतियाती कदमों को दोबारा लागू करे।

बेंगलुरु में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी भले ही सीमित स्तर पर हो,लेकिन सरकार की सजगता इस बात का संकेत है कि महामारी अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। वायरस का स्वरूप भले बदलता रहे,लेकिन सावधानी,जागरूकता और अनुशासन ही इससे मुकाबले का एकमात्र उपाय है।

जनता से अपील है कि वे पुराने कोविड प्रोटोकॉल जैसे मास्क पहनना,हाथ धोना,दूरी बनाए रखना और लक्षण दिखने पर जाँच कराना फिर से अपनी आदतों में शामिल करें। विशेष रूप से कमजोर वर्गों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।