नई दिल्ली,17 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज से पहले कंगारू टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन पीठ में दर्द के कारण तीन मैचों की इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। ग्रीन के स्थान पर अनुभवी बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन को ऑस्ट्रेलियाई वनडे टीम में शामिल किया गया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि ग्रीन की चोट गंभीर नहीं है,लेकिन एहतियातन उन्हें आराम देने का निर्णय लिया गया है,ताकि वह आगामी एशेज सीरीज के लिए पूरी तरह फिट हो सकें।
कैमरून ग्रीन की चोट को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक बयान जारी किया,जिसमें कहा गया, “कैमरून ग्रीन फिलहाल अपनी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया पूरी करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि वह वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की ओर से 28 अक्टूबर से शुरू होने वाले शेफील्ड शील्ड के तीसरे राउंड में वापसी कर सकेंगे। उनकी चोट पिछले वर्ष हुए सर्जिकल ऑपरेशन से संबंधित नहीं है।” इस बयान से स्पष्ट हो गया कि ग्रीन की मौजूदा समस्या पुरानी नहीं है और यह अस्थायी थकान या ओवरलोड के चलते हुई परेशानी है।
दरअसल,कैमरून ग्रीन ने पिछले हफ्ते ही शील्ड मैच के जरिए गेंदबाजी में वापसी की थी। पिछले साल उन्होंने पीठ की सर्जरी कराई थी और लंबे रिहैबिलिटेशन के बाद यह उनका पहला फर्स्ट क्लास मुकाबला था। इस मैच में उन्होंने चार ओवरों का स्पेल फेंका और एक विकेट भी हासिल किया था। हालाँकि,उसके बाद से ही उन्हें पीठ में हल्का दर्द महसूस होने लगा,जिसके चलते टीम मैनेजमेंट और फिजियो ने उन्हें आगामी भारतीय दौरे से बाहर करने का फैसला लिया।
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच तीन वनडे मैचों की यह सीरीज 19 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक खेली जाएगी। इस सीरीज के बाद दोनों टीमें आगामी बड़े टूर्नामेंट की तैयारी में जुट जाएँगी। ऑस्ट्रेलिया के लिए कैमरून ग्रीन एक अहम खिलाड़ी माने जाते हैं,जो गेंद और बल्ले दोनों से टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति कंगारू टीम के लिए एक रणनीतिक चुनौती साबित हो सकती है।
ग्रीन की जगह शामिल किए गए मार्नस लाबुशेन इस समय शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। लाबुशेन ने क्वींसलैंड की ओर से खेले गए लिस्ट-ए मुकाबलों में क्रमशः 130 और 105 रन की बेहतरीन पारियाँ खेलीं। वहीं,फर्स्ट क्लास मैच में उन्होंने 160 रन की पारी खेलकर अपनी लय का स्पष्ट संकेत दिया। उनका यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए निर्णायक साबित हुआ और उन्हें भारत दौरे के लिए टीम में जगह मिली।
हालाँकि,यह वही लाबुशेन हैं जिन्हें कुछ महीने पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर कर दिया गया था। उस सीरीज में उन्होंने दो मैचों में केवल 1 और 1 रन की पारी खेली थी,जिसके चलते चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया था,लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन ने एक बार फिर उन्हें वनडे टीम के दरवाजे तक पहुँचा दिया है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस नए बदलाव से यह स्पष्ट है कि टीम प्रबंधन आगामी एशेज को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। ग्रीन जैसे युवा ऑलराउंडर ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के लिए बेहद अहम हैं और बोर्ड नहीं चाहता कि उनकी चोट आगे चलकर गंभीर रूप ले। इसलिए उन्हें आराम देकर पूरी तरह फिट होने का मौका दिया जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत दौरे से पहले यह तीसरा बड़ा बदलाव किया है। इससे पहले जोश फिलिप को जोश इंग्लिस की जगह टीम में शामिल किया गया था। इंग्लिस पिंडली में खिंचाव के कारण शुरुआती मैच से बाहर हैं। इसके अलावा मैथ्यू कुहनेमैन को एडम जांपा की जगह शामिल किया गया है,क्योंकि जांपा पारिवारिक कारणों के चलते पहले मैच में उपलब्ध नहीं रहेंगे। हालाँकि,क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे मैच से एडम जांपा,एलेक्स कैरी और जोश इंग्लिस टीम के साथ जुड़ जाएंगे।
भारत के खिलाफ होने वाली यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया के लिए वर्ल्ड कप से पहले की एक महत्वपूर्ण तैयारी साबित होगी। भारतीय पिचों पर यह सीरीज कंगारू टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए अपने संयोजन को परखने का अवसर देगी। वहीं,भारत के लिए भी यह सीरीज घरेलू परिस्थितियों में अपनी बेंच स्ट्रेंथ और बैकअप खिलाड़ियों को आजमाने का मौका होगी।
मार्नस लाबुशेन की टीम में वापसी को लेकर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और क्रिकेट विशेषज्ञों ने इसे “अनुभव और धैर्य की जीत” बताया है। लाबुशेन को तकनीकी रूप से बेहद सशक्त बल्लेबाज माना जाता है,जिनकी डिफेंसिव स्किल्स भारतीय परिस्थितियों में टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। साथ ही,ग्रीन के बाहर होने से लाबुशेन को मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान करने का मौका मिलेगा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए कैमरून ग्रीन की अनुपस्थिति जरूर एक झटका है,लेकिन टीम प्रबंधन का मानना है कि यह फैसला लंबी अवधि में उनके करियर के लिए लाभदायक रहेगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का ध्यान अब पूरी तरह इस बात पर केंद्रित है कि ग्रीन को एशेज सीरीज से पहले पूर्ण फिटनेस हासिल हो।
दूसरी ओर,भारतीय टीम पहले से ही इस सीरीज की तैयारी में जुटी हुई है। घरेलू परिस्थितियों में भारत को हल्का बढ़त जरूर मिलेगी,लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पास इतने अनुभवी और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी हैं कि यह सीरीज एक बार फिर रोमांच से भरपूर होने की उम्मीद है।
कैमरून ग्रीन की जगह लाबुशेन की एंट्री से ऑस्ट्रेलियाई टीम के संतुलन में कुछ बदलाव जरूर होंगे,लेकिन कप्तान पैट कमिंस और कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड को भरोसा है कि उनकी टीम हर स्थिति में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है। अब देखना यह होगा कि क्या लाबुशेन अपने इस मौके को भुना पाते हैं और ग्रीन की कमी को पूरा कर पाते हैं या नहीं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह तीन मैचों की सीरीज 19, 22 और 25 अक्टूबर को खेली जाएगी, जिनके मुकाबले क्रमशः चेन्नई, नागपुर और राजकोट में होंगे। दोनों टीमों के बीच हमेशा की तरह यह भिड़ंत भी बेहद रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक रहने की उम्मीद है।
