भोपाल,28 नवंबर (युआईटीवी)- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना के मुख्य आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। जिले के गोहरगंज क्षेत्र में एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म की नृशंस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। घटना के करीब एक सप्ताह बाद,पुलिस को उस वक्त बड़ी कामयाबी हाथ लगी,जब आरोपी को भोपाल से हिरासत में लिया गया। हालाँकि,उसकी गिरफ्तारी की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। रायसेन पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर लौटते वक्त एक नाटकीय घटनाक्रम हुआ,जिसमें आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी है,जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधियों का बचकर निकलना नामुमकिन है।
घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान सलमान के रूप में हुई है। वह पिछले कई दिनों से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार,सलमान को भोपाल से गिरफ्तार करने के बाद रायसेन लाया जा रहा था। इसी दौरान रायसेन जिले के कीरतनगर गाँव के पास पुलिस के वाहन का टायर अचानक पंचर हो गया। सुनसान इलाका और रात का वक्त होने के कारण पुलिस कर्मी गाड़ी को ठीक करने और सुरक्षा व्यवस्था देखने में जुट गए। इसी अफरातफरी और अँधेरे का फायदा उठाते हुए आरोपी सलमान ने दुस्साहस दिखाते हुए वहाँ मौजूद एक दरोगा की सर्विस पिस्टल छीन ली। हथियार हाथ में आते ही आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने की कोशिश की। अचानक हुए इस हमले से पुलिस टीम सकते में आ गई,लेकिन उन्होंने तुरंत धैर्य और साहस का परिचय देते हुए मोर्चा संभाला।
पुलिस टीम ने आरोपी को सरेंडर करने के लिए चेतावनी दी,लेकिन जब उसने फायरिंग जारी रखी,तो पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस जवाबी कार्रवाई में आरोपी सलमान के पैर में गोली लगी,जिससे वह वहीं गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे तुरंत काबू में किया गया और पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की मंशा पुलिस को नुकसान पहुँचाकर फरार होने की थी,जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। फिलहाल,घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहाँ पुलिस की कड़ी निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर है।
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि बेहद दर्दनाक है। रायसेन जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष गुप्ता ने मामले की गंभीरता को साझा करते हुए बताया कि घटना गोहरगंज तहसील के पांजरा गाँव की है। यहाँ करीब एक सप्ताह पूर्व छह साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया था। जाँच में यह बात सामने आई कि आरोपी सलमान पीड़ित परिवार का पड़ोसी था और बच्ची के घर के पास ही रहता था। पड़ोस में रहने के कारण बच्ची उसे पहचानती थी और इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे अपने बहकावे में लिया। वह बच्ची को फुसलाकर सुनसान जगह पर ले गया और वहाँ उसके साथ दरिंदगी की। इस घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था,जबकि खून से लथपथ बच्ची को गंभीर हालत में परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया,जहाँ वह अभी भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है और उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद से ही आरोपी सलमान फरार चल रहा था। इस जघन्य अपराध ने पुलिस प्रशासन के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी थी। एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया था। आरोपी की सूचना देने वाले के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस की अलग-अलग टीमें रायसेन के अलावा मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी लगातार छापेमारी कर रही थीं। आरोपी बेहद शातिर था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था,जिससे वह कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। जाँच के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया। इसी बीच गुरुवार की देर रात पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी भोपाल में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा।
भोपाल से रायसेन लाते समय हुई मुठभेड़ ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आरोपी आदतन अपराधी प्रवृत्ति का है। जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी सलमान पर पहले से ही पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। अब पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने,सरकारी हथियार छीनने और पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करने के चलते उस पर भारतीय दंड संहिता की अन्य गंभीर धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के ठीक होते ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस उसकी रिमांड की माँग करेगी,ताकि मामले की तह तक जाकर सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना ने समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पड़ोसी द्वारा ही बच्ची के साथ ऐसी वारदात को अंजाम देना यह दर्शाता है कि अपराधी किस हद तक गिर सकते हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे आरोपी के लिए फाँसी की सजा की माँग कर रहे हैं। वहीं,पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले में मजबूत चार्जशीट पेश करेंगे,ताकि पीड़ित बच्ची को जल्द-से-जल्द न्याय मिल सके। फिलहाल,पुलिस की मुस्तैदी और मुठभेड़ के बाद हुई गिरफ्तारी से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी का अस्पताल में इलाज चलने के साथ ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।

