कोलकाता,12 मई (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल में चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जाँच अब केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है। राज्य में इस सनसनीखेज हत्या के बाद बढ़ते राजनीतिक दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला लिया गया। बताया गया है कि सात सदस्यीय विशेष टीम इस पूरे मामले की जाँच करेगी,जिसकी अगुवाई डीआईजी रैंक के अधिकारी करेंगे। मंगलवार से सीबीआई आधिकारिक तौर पर कोलकाता पुलिस से जाँच अपने हाथ में ले लेगी। राज्य पुलिस ने भी इस मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी।
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे और उनकी हत्या ने राज्य की राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है। 6 मई की देर रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में विवासिटी अस्पताल ले जाया गया,जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से ही राज्य में कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई थी।
हत्या की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे थे। गुरुवार देर रात राज्य के पुलिस महानिदेशक भी अस्पताल पहुँचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जाँच के निर्देश दिए थे। पुलिस महानिदेशक ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि घटनास्थल से कारतूसों के खोखे और कुछ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हालाँकि,उस समय उन्होंने जाँच के हित में ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया था।
शुरुआती जाँच में यह माना जा रहा था कि चंद्रनाथ रथ की कार का लंबे समय तक एक चारपहिया वाहन पीछा कर रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि जब रथ की गाड़ी मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ के पास पहुँची,तब पीछा कर रही कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रास्ता रोक लिया। इसके बाद हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
हालाँकि,बाद में जाँच में एक नया खुलासा हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब यह सामने आया कि असल में चंद्रनाथ रथ की गाड़ी का पीछा एक मोटरसाइकिल कर रही थी। जब उनकी कार दोहरिया मोड़ के पास पहुँची,तब एक चारपहिया वाहन ने आगे आकर रास्ता रोक दिया और उसी दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने उन पर गोलियाँ बरसा दीं। इस नई जानकारी के बाद जाँच एजेंसियों को शक है कि हत्या की पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जिस सटीकता और पेशेवर तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया,उससे यह साफ संकेत मिलता है कि हत्या में प्रशिक्षित शूटर शामिल हो सकते हैं। हमलावरों ने घटना को अंजाम देने के बाद बेहद तेजी से वहाँ से फरार होने की योजना बनाई थी। यही कारण है कि शुरुआती जाँच में पुलिस को हमलावरों के बारे में बहुत कम सुराग मिले।
अब जब यह मामला सीबीआई के हाथ में चला गया है,तो जाँच एजेंसी कई पहलुओं पर दोबारा जाँच करेगी। माना जा रहा है कि सीबीआई घटनास्थल की फॉरेंसिक जाँच,सीसीटीवी फुटेज,मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की गहराई से पड़ताल करेगी। साथ ही हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहन और हथियारों की भी विशेष जाँच की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम जल्द ही प्रत्यक्षदर्शियों और चंद्रनाथ रथ के करीबी लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
इस हत्याकांड ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को भी गरमा दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि चंद्रनाथ रथ की हत्या एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकती है। समिक भट्टाचार्य ने कहा था कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व बौखला गया है और इसी वजह से इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं।
हालाँकि,तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा बिना किसी सबूत के राजनीतिक आरोप लगा रही है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि हत्या की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। राज्य में पहले भी राजनीतिक हिंसा को लेकर विवाद होते रहे हैं और अब इस हत्याकांड ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएँ पैदा कर दी हैं। खासकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच नाराजगी बढ़ा दी है।
इस बीच चंद्रनाथ रथ के परिवार और समर्थकों ने भी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की माँग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें सीबीआई जाँच से उम्मीद है और वे चाहते हैं कि इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आए। स्थानीय लोगों में भी इस हत्या को लेकर भय और गुस्से का माहौल देखा जा रहा है।
सीबीआई जाँच शुरू होने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि एजेंसी इस सनसनीखेज हत्या के पीछे की असली साजिश और हमलावरों तक कब पहुँचती है। जिस तरह से हत्या को अंजाम दिया गया,उसने यह साफ कर दिया है कि हमलावरों ने पूरी तैयारी और योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया था। ऐसे में जाँच एजेंसियों के सामने इस केस को सुलझाना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सीबीआई जाँच के बाद आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
