दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट (तस्वीर क्रेडिट@SurajSolanki)

दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर का कहर जारी,तापमान 3 डिग्री तक लुढ़का,प्रदूषण बना गंभीर चिंता

नोएडा,12 जनवरी (युआईटीवी)- दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। जनवरी की इस ठिठुरन ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है,जबकि दिल्ली के कुछ इलाकों में रात के समय पारा 3 डिग्री तक पहुँच गया है। सुबह और देर रात ठंडी हवाओं के साथ शीतलहर की स्थिति बनी हुई है,जिससे खुले में निकलना लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

मौसम विभाग ने 12 जनवरी से 14 जनवरी तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है,जबकि न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच बना रह सकता है। ठंड के इस तीखे प्रकोप के चलते राजधानी में कोहरा भी परेशानी बढ़ा रहा है। सुबह के समय दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है और लोग देर से दफ्तर व अन्य कामों के लिए निकलने को मजबूर हैं।

ठंड की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में 15 जनवरी तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है,क्योंकि सुबह के समय ठंड और कोहरे में छोटे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा माना जा रहा है। वहीं,कई निजी संस्थानों ने भी वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं पर विचार शुरू कर दिया है।

कड़ाके की ठंड और तेज हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार जरूर देखने को मिला है,लेकिन राहत अब भी दूर है। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई अधिकांश इलाकों में ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। ठंड और कोहरे के कारण प्रदूषक कण वातावरण में नीचे ही फँसे रहते हैं,जिससे हवा साफ होने के बजाय और ज्यादा जहरीली हो जाती है।

नोएडा के एक्यूआई आँकड़ों पर नजर डालें तो सेक्टर-125 में 286,सेक्टर-62 में 243,सेक्टर-1 में 296 और सेक्टर-116 में 287 दर्ज किया गया है। ये आँकड़े बताते हैं कि नोएडा में हवा की गुणवत्ता भले ही कुछ इलाकों में ‘खराब’ श्रेणी में हो,लेकिन संवेदनशील लोगों के लिए यह अब भी खतरनाक बनी हुई है। गाजियाबाद की स्थिति भी चिंताजनक है। यहाँ इंदिरापुरम में एक्यूआई 213,लोनी में 344,संजय नगर में 254 और वसुंधरा में 317 दर्ज किया गया है। खासतौर पर लोनी और वसुंधरा जैसे इलाकों में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच चुकी है।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में हालात और भी खराब नजर आ रहे हैं। पंजाबी बाग में एक्यूआई 313,पूसा में 343,आर.के. पुरम में 330,रोहिणी में 311,शादिपुर में 294, सिरिफोर्ट में 331,सोनिया विहार में 306,श्री अरबिंदो मार्ग में 301 और विवेक विहार में 312 दर्ज किया गया है। इन आँकड़ों से साफ है कि राजधानी के अधिकांश हिस्सों में प्रदूषण लाल निशान के पार बना हुआ है,जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में हवा की गति कम होने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक कण ऊपर नहीं उठ पाते और जमीन के पास ही जमा हो जाते हैं। इसके साथ ही कोहरा भी प्रदूषण को और घना बना देता है। नतीजतन सांस संबंधी बीमारियों,आँखों में जलन,गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। खासकर बुजुर्गों,बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क का इस्तेमाल करने,ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा,घर के अंदर भी हीटर या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करने की जरूरत बताई गई है,ताकि आग या गैस से जुड़े हादसों से बचा जा सके।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। हालाँकि,पश्चिमी विक्षोभ के असर से हल्के बादल छाने या हवा की गति बढ़ने पर तापमान में मामूली बदलाव और प्रदूषण में कुछ सुधार हो सकता है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कड़ाके की ठंड और खराब हवा दोनों से जूझना पड़ रहा है,जिससे यह सर्दी अब तक की सबसे चुनौतीपूर्ण सर्दियों में से एक साबित हो रही है।