सूर्यकुमार यादव (तस्वीर क्रेडिट@jyotsana51400)

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत–पाक मैच पर संकट,पाकिस्तान के बहिष्कार पर बोले सूर्यकुमार यादव—“हम खेलने को तैयार हैं”

मुंबई,6 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले क्रिकेट और कूटनीति एक बार फिर आमने-सामने आ खड़े हुए हैं। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ लीग मुकाबले का बहिष्कार करने का फैसला किया है,जबकि भारतीय टीम ने साफ कर दिया है कि उसने खेलने से इनकार नहीं किया है और उसकी तैयारियाँ तय कार्यक्रम के अनुसार चल रही हैं। यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है,लेकिन पाकिस्तान सरकार की सशर्त मंजूरी के चलते अब यह मैच अधर में लटक गया है।

इस पूरे मामले पर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने चुप्पी तोड़ते हुए स्थिति स्पष्ट की। गुरुवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ‘कैप्टन्स डे’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की फ्लाइट बुक है और टीम कोलंबो जाने के लिए तैयार है। सूर्यकुमार यादव ने कहा, “हमने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना नहीं किया है। उन्होंने मना किया है। हमारी मानसिकता बिल्कुल साफ है। आईसीसी ने आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। बीसीसीआई और भारत सरकार ने आईसीसी के साथ मिलकर न्यूट्रल वेन्यू तय किया है। हमारी फ्लाइट कोलंबो के लिए बुक है,इसलिए हम निश्चित रूप से जा रहे हैं।”

टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सह-मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं। सुरक्षा और राजनीतिक कारणों को देखते हुए पाकिस्तान के सभी मुकाबले श्रीलंका में आयोजित किए जाने हैं। इसी व्यवस्था के तहत भारत–पाकिस्तान का लीग मैच भी कोलंबो में रखा गया था,ताकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही सुरक्षा और कूटनीतिक चिंताओं को दरकिनार किया जा सके। इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए सशर्त मंजूरी दी है,जिसके तहत भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार किया गया है।

भारत और पाकिस्तान को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ए में रखा गया है। इस ग्रुप में नामीबिया,नीदरलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल हैं। ऐसे में भारत–पाक मुकाबला न केवल ग्रुप की दिशा तय करने वाला माना जा रहा था,बल्कि यह टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण भी था। दोनों देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा से ही खेल से आगे बढ़कर भावनाओं,राजनीति और दर्शकों की दीवानगी से जुड़े रहे हैं।

सूर्यकुमार यादव ने यह भी बताया कि टीम के भीतर इस पूरे कार्यक्रम को लेकर स्पष्ट योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम पहले 7 फरवरी को अपना शुरुआती मुकाबला खेलेगी और इसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार श्रीलंका रवाना होगी। कप्तान के इस बयान से यह साफ संकेत मिला कि भारत किसी भी स्थिति में मैच से पीछे हटने का इरादा नहीं रखता और उसने सभी तैयारियाँ आईसीसी के शेड्यूल के मुताबिक की हैं।

पाकिस्तान के इस रुख के पीछे हालिया घटनाक्रमों का भी असर माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आईसीसी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का फैसला किया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार किया था,जिसके बाद आईसीसी ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इसी फैसले के बाद पाकिस्तान का भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने का रुख और सख्त हुआ है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बुधवार को एक बार फिर दोहराया कि उनकी सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम आगामी मेंस टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ नहीं खेलेगी। यह बयान ऐसे समय आया है,जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पहले ही पाकिस्तान सरकार के इस फैसले पर गंभीर चिंता जता चुकी है। आईसीसी का मानना है कि किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट में चुनिंदा भागीदारी खेल की मूल भावना के खिलाफ है। परिषद ने कहा था कि एक ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट में सभी क्वालिफाइड टीमों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे तय शेड्यूल के अनुसार बराबर शर्तों पर मुकाबला करें।

क्रिकेट जानकारों का कहना है कि अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है,तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। आईसीसी के नियमों के तहत किसी मैच से बिना वैध कारण के हटने पर न केवल अंक कट सकते हैं,बल्कि भविष्य के टूर्नामेंटों में भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है। हालाँकि,अभी तक आईसीसी ने औपचारिक तौर पर किसी दंड की घोषणा नहीं की है और वह दोनों पक्षों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

दूसरी ओर,भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई ने भी साफ किया है कि वह आईसीसी के दिशा-निर्देशों और भारत सरकार की सलाह के अनुरूप ही आगे बढ़ेगा। बीसीसीआई का रुख यह रहा है कि क्रिकेट को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए,लेकिन खिलाड़ियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।

इस पूरे विवाद के बीच क्रिकेट प्रेमकों में निराशा साफ देखी जा रही है। भारत–पाकिस्तान मुकाबला न केवल टीवी रेटिंग्स और स्टेडियम की भीड़ के लिहाज से अहम होता है,बल्कि यह टूर्नामेंट की आर्थिक सफलता में भी बड़ी भूमिका निभाता है। अगर यह मैच नहीं होता है,तो इसका असर टूर्नामेंट की लोकप्रियता और रोमांच पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल, स्थिति यह है कि भारत खेलने के लिए तैयार है और पाकिस्तान ने बहिष्कार का रास्ता चुना है। अब सभी की निगाहें आईसीसी पर टिकी हैं कि वह इस अभूतपूर्व स्थिति से कैसे निपटता है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि क्या कूटनीति और संवाद के जरिए इस मुकाबले को बचाया जा सकेगा या फिर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा मैच इतिहास में एक अधूरी कहानी बनकर रह जाएगा।