अहमदाबाद,23 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय क्रिकेट टीम को एक बड़ी निराशा का सामना करना पड़ा,जब भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन से करारी हार झेलनी पड़ी। यह मुकाबला अहमदाबाद के प्रतिष्ठित नरेंद्र मोदी स्टेडियममें खेला गया,जहाँ बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों को टीम इंडिया से जीत की उम्मीद थी। हालाँकि,दक्षिण अफ्रीका ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत को पूरी तरह से दबाव में ला दिया।
मैच की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 188 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में नियंत्रण बनाने की कोशिश की,लेकिन मध्य ओवरों में अफ्रीकी बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरे। डेथ ओवरों में कुछ बड़े शॉट्स ने स्कोर को 180 के पार पहुँचा दिया,जिससे भारतीय टीम पर बड़ा लक्ष्य हासिल करने का दबाव बन गया।
188 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बढ़ गया। बड़े स्कोर के दबाव में बल्लेबाज संयम नहीं रख सके और लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे। मध्यक्रम भी संघर्ष करता नजर आया और रनगति बढ़ाने की कोशिश में विकेट गंवाता चला गया। पूरी टीम महज 111 रन पर सिमट गई और मुकाबला 76 रन से हार गई। टी20 विश्व कप के इतिहास में रनों के अंतर से यह भारत की सबसे बड़ी हार बन गई है।
यह हार कई मायनों में अहम है,क्योंकि 2022 के टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से मिली शिकस्त के बाद भारतीय टीम लगातार बड़े टूर्नामेंटों में मजबूत प्रदर्शन कर रही थी। उस हार के बाद से चला आ रहा जीत का सिलसिला इस मुकाबले में टूट गया। सुपर-8 जैसे अहम चरण में इस तरह की हार ने टीम की रणनीति और संतुलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
111 रन का स्कोर टी20 विश्व कप इतिहास में भारत का तीसरा सबसे न्यूनतम स्कोर भी है। इससे पहले टीम इंडिया 2016 के टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी अहमदाबाद मैदान पर 79 रन पर सिमट गई थी,जो अब भी उसका सबसे छोटा स्कोर है। इसके बाद 2021 के टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत 110 रन ही बना सका था। 2009 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत 118 रन पर ऑल आउट हुआ था,जबकि 2024 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ न्यूयॉर्क में 119 रन पर सिमटने के बावजूद टीम जीत हासिल करने में सफल रही थी। इन आँकड़ों के संदर्भ में 111 का स्कोर भारत के लिए बेहद निराशाजनक माना जा रहा है।
इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों की तकनीकी कमजोरी भी उजागर हुई। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से स्विंग और उछाल का फायदा उठाया,जबकि स्पिनरों ने मध्य ओवरों में रन गति पर लगाम कस दी। भारतीय बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने की कोशिश में गलत समय पर शॉट खेलते हुए आउट हुए। कप्तान और वरिष्ठ खिलाड़ियों से उम्मीद थी कि वे पारी को सँभालेंगे,लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। डेथ ओवरों में अतिरिक्त रन लुटाना महँगा साबित हुआ। यदि अंतिम चार ओवरों में रन रोके जाते तो लक्ष्य 170-175 के आसपास रह सकता था,जो पीछा करने योग्य माना जाता,लेकिन 188 रन का लक्ष्य टी20 प्रारूप में दबाव बढ़ाने के लिए काफी था।
यह हार सुपर-8 चरण में भारत की स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है। अब टीम के सामने आगामी मुकाबलों में जीत दर्ज करना अनिवार्य हो गया है। 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ और 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच खेले जाने हैं। इन दोनों मुकाबलों में टीम इंडिया को न केवल जीत दर्ज करनी होगी,बल्कि नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस हार से टीम को सबक लेने की जरूरत है। बड़े टूर्नामेंटों में दबाव झेलने की क्षमता ही टीम को चैंपियन बनाती है। बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता,गेंदबाजी में अनुशासन और फील्डिंग में फुर्ती—इन तीनों पहलुओं पर टीम को काम करना होगा। साथ ही टीम प्रबंधन को संयोजन पर भी विचार करना पड़ सकता है।
अहमदाबाद के इस मैदान पर जहाँ भारतीय टीम ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं,वहीं यह हार लंबे समय तक याद रखी जाएगी। हालाँकि,क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और एक हार से किसी टीम की क्षमता पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सकता। भारतीय टीम के पास अभी भी वापसी का मौका है,लेकिन इसके लिए उसे अगले मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन करना होगा।
टी20 विश्व कप 2026 के इस सुपर-8 मुकाबले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस स्तर पर छोटी गलतियाँ भी भारी पड़ती हैं। दक्षिण अफ्रीका ने जहाँ अवसरों का पूरा फायदा उठाया,वहीं भारत दबाव में बिखर गया। अब देखना होगा कि टीम इंडिया इस झटके से उबरकर आगे के मैचों में किस तरह की प्रतिक्रिया देती है और क्या वह टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर पाती है या नहीं।
