एल मेंचो

मेक्सिको में ‘एल मेंचो’ की मौत के बाद हिंसा की आग,सड़कें जलीं,टूरिस्ट शहरों में दहशत और सैकड़ों अमेरिकी फँसे

वाशिंगटन,24 फरवरी (युआईटीवी)- मेक्सिको इन दिनों भय,आक्रोश और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। देश के सबसे कुख्यात ड्रग माफिया सरगनाओं में गिने जाने वाले जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल के प्रमुख नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ ‘एल मेंचो’ की एक सैन्य ऑपरेशन में मौत के बाद पूरे देश में हिंसा भड़क उठी है। मेंचो की मौत ने न केवल आपराधिक जगत में भूचाल ला दिया है,बल्कि आम नागरिकों और विदेशी पर्यटकों के लिए भी हालात असुरक्षित बना दिए हैं। हाईवे जाम कर दिए गए,वाहनों को आग के हवाले किया गया और लोकप्रिय रिसॉर्ट शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रविवार को मेक्सिको की सेना द्वारा चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में ‘एल मेंचो’ को मार गिराया गया। मेक्सिको के रक्षा सचिव रिकार्डो ट्रेविला ट्रेजो ने पुष्टि की कि इस अभियान में कार्टेल के आठ सदस्य भी मारे गए। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की अहम भूमिका रही। वॉशिंगटन पोस्ट ने मामले से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि “यह सीआईए इंटेलिजेंस की वजह से संभव हुआ।” हालाँकि,इस पर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है,लेकिन यह साफ है कि इस ऑपरेशन का अंतर्राष्ट्रीय आयाम भी था।

‘एल मेंचो’ को मेक्सिको के सबसे ताकतवर और हिंसक कार्टेल लीडरों में गिना जाता था। उसका संगठन,जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल,देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय था और उसके तस्करी के नेटवर्क अमेरिका तक फैले हुए थे। अमेरिकी एजेंसियाँ लंबे समय से उसे ‘मोस्ट वांटेड’ अपराधियों की सूची में शामिल किए हुए थीं। ऐसे में उसकी मौत को सरकार की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है,लेकिन इसके साथ ही इसके गंभीर दुष्परिणाम भी सामने आए हैं।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार,मेंचो की मौत के तुरंत बाद कार्टेल ने समन्वित तरीके से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। देशभर में कम से कम 85 रोडब्लॉक लगाए गए और सुरक्षा बलों पर दर्जनों हमले किए गए। बंदूकधारियों ने सड़कों को अवरुद्ध किया,ट्रकों और निजी गाड़ियों में आग लगा दी। कई जगहों पर फ्यूल टैंकर तक जला दिए गए,जिससे आसमान में काले धुएँ के गुबार छा गए। खासतौर पर पैसिफिक तट पर स्थित लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए।

फॉक्स न्यूज के अनुसार,प्यूर्टो वालार्टा में बड़ी संख्या में मौजूद अमेरिकी पर्यटक अचानक भड़की इस हिंसा के बीच फँस गए। दक्षिण कैरोलिना से आए एक पर्यटक यूजीन मार्चेंको ने बताया, “मैंने नीचे देखा और वे पूरी तरह से आग की लपटों में घिरे हुए थे। कुल छह कारें जल गईं और एक फ्यूल टैंकर भी आग की चपेट में आ गया।” उन्होंने कहा कि कार्टेल के लोग पहले लोगों को वहां से हटने के लिए कहते थे,फिर वाहनों में गैस डालकर उन्हें आग के हवाले कर देते थे। यह सब बेहद सुनियोजित और डर पैदा करने की मंशा से किया जा रहा था।

अमेरिकी विदेश विभाग ने जानकारी दी है कि रविवार से मेक्सिको में फँसे सैकड़ों अमेरिकियों के फोन लगातार आ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे चलने वाली एक क्राइसिस हॉटलाइन शुरू की गई है। कई एयरलाइंस ने प्यूर्टो वालार्टा और ग्वाडलहारा के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं,जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। अमेरिकी सरकार ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए कहा कि “मेक्सिको के ज्यादातर इलाके सामान्य हो गए हैं,” लेकिन प्यूर्टो वालार्टा,ग्वाडलहारा और स्यूदाद गुजमान में लोगों से फिलहाल घरों या सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की अपील की गई है। साथ ही यात्रियों से कहा गया है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।

मेक्सिको के अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में अब तक 25 से अधिक सुरक्षा कर्मियों और एक आम नागरिक की मौत हो चुकी है। जवाबी कार्रवाई में 30 से ज्यादा संदिग्ध कार्टेल सदस्य मारे गए हैं और 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालाँकि,कई क्षेत्रों में तनाव अब भी बना हुआ है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने सोमवार को कहा कि “लगभग सभी गतिविधियाँ बहाल हो गई हैं,” लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ सेवाएँ अभी भी बाधित हैं। सरकार ने कार्टेल को पूरी तरह खत्म करने और देश में स्थायी सुरक्षा बहाल करने का वादा दोहराया है। हालाँकि,विश्लेषकों का मानना है कि मेंचो की मौत से स्थिति और जटिल हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल के भीतर अब नेतृत्व को लेकर संघर्ष छिड़ सकता है। मेंचो की पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती थी और उसके हटने से सत्ता का शून्य पैदा हुआ है। ऐसे में संगठन के भीतर विभिन्न गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ने की आशंका है,जो और अधिक हिंसा को जन्म दे सकती है। अमेरिकी मीडिया से बातचीत में कई विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अंदरूनी दुश्मनी और अस्थिरता आने वाले महीनों में बढ़ सकती है।

यह स्थिति खास तौर पर जलिस्को राज्य के लिए चिंताजनक है,क्योंकि यही राज्य 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान मैचों की मेजबानी करने वाला है। यदि अस्थिरता और हिंसा जारी रहती है,तो यह अंतर्राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर सकती है। विदेशी पर्यटकों और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।

मेक्सिको लंबे समय से ड्रग कार्टेल की हिंसा से जूझ रहा है। विभिन्न सरकारों ने अलग-अलग रणनीतियों के जरिए इन आपराधिक संगठनों को खत्म करने की कोशिश की है,लेकिन हर बड़े ऑपरेशन के बाद अक्सर हिंसा की नई लहर देखने को मिलती है। ‘एल मेंचो’ की मौत निश्चित रूप से सरकार के लिए एक बड़ी सफलता है,लेकिन इसके बाद की स्थिति यह भी दिखाती है कि कार्टेल नेटवर्क कितना गहरा और संगठित है।

फिलहाल देश के कई हिस्सों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आम नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है,खासकर अमेरिका,जिसका मेक्सिको के साथ सुरक्षा और खुफिया सहयोग लंबे समय से जारी है।

‘एल मेंचो’ की मौत ने एक युग का अंत जरूर किया है,लेकिन यह अंत शांति का संकेत बनेगा या और अधिक अराजकता का,यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। मेक्सिको की सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है हिंसा पर नियंत्रण,कार्टेल के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और नागरिकों व पर्यटकों में विश्वास बहाल करना। फिलहाल,देश एक अस्थिर मोड़ पर खड़ा है,जहाँ हर कदम बेहद सावधानी और रणनीतिक संतुलन की माँग करता है।