नई दिल्ली,26 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में बुधवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को 61 रन से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस हार के साथ श्रीलंकाई टीम की सेमीफाइनल में पहुँचने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गईं। सुपर-8 के अपने शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाने के बाद श्रीलंका खिताबी दौड़ से बाहर हो गया,जबकि न्यूजीलैंड ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
ग्रुप-1 की अंक तालिका पर नजर डालें तो इंग्लैंड शुरुआती दोनों मैच जीतकर पहले ही सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर चुका है। न्यूजीलैंड दो मुकाबलों में तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है,जबकि पाकिस्तान के खाते में दो मैचों से एक अंक है और वह तीसरे स्थान पर है। श्रीलंका को इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ 51 रन से हार का सामना करना पड़ा था,जिससे उस पर दबाव और बढ़ गया था। अब 28 फरवरी को श्रीलंका अपना अंतिम मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा,जबकि न्यूजीलैंड 27 फरवरी को इंग्लैंड से भिड़ेगा और उसकी नजर जीत के साथ नॉकआउट में जगह बनाने पर रहेगी।
बुधवार के मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। न्यूजीलैंड की शुरुआत संतुलित रही। सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट और फिन एलन ने टीम को सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने तेज गति से रन बटोरते हुए 3.1 ओवर में 30 रन जोड़ दिए। हालाँकि,श्रीलंकाई गेंदबाजों ने जल्द ही वापसी की। एलन 23 रन बनाकर आउट हुए,जबकि सीफर्ट 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 34 रन के स्कोर तक न्यूजीलैंड अपने दो विकेट गंवा चुका था और दबाव में नजर आ रहा था।
इस स्थिति में ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र ने पारी को सँभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 41 रन की अहम साझेदारी की और टीम को स्थिरता दी। रचिन ने 22 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 32 रन बनाए। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड को मध्य ओवरों में गति दी। हालाँकि,इस साझेदारी के टूटते ही टीम अचानक लड़खड़ा गई और 84 रन तक छह विकेट गंवा बैठी। ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड बड़ा स्कोर खड़ा करने में असफल रहेगा।
लेकिन कप्तान मिचेल सेंटनर ने जिम्मेदारी सँभाली। उन्होंने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए कोल मैककोन्ची के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 47 गेंदों में 84 रन की शानदार साझेदारी की। सेंटनर ने 47 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली,जबकि मैककोन्ची 31 रन बनाकर नाबाद रहे। इस साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और न्यूजीलैंड 20 ओवर में 7 विकेट पर 168 रन के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुँच गया। श्रीलंका की ओर से महेश थीक्षाना और दुष्मंथा चमीरा ने तीन-तीन विकेट लिए,जबकि डुनिथ वेललेज को एक सफलता मिली।
169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की पहली ही गेंद पर पथुम निसांका बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद छह रन के स्कोर पर चरिथ असलांका भी पाँच रन बनाकर चलते बने। शुरुआती झटकों से टीम उबर नहीं सकी। मध्यक्रम के बल्लेबाज भी दबाव में टिक नहीं पाए और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को कभी सँभलने का मौका नहीं दिया। रचिन रवींद्र ने गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए 27 रन देकर चार विकेट झटके और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उनकी गेंदबाजी ने श्रीलंका की कमर तोड़ दी। मैट हैनरी ने दो विकेट लेकर अहम योगदान दिया,जबकि कप्तान सेंटनर ने भी एक सफलता हासिल की। श्रीलंका निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट खोकर केवल 107 रन ही बना सका और 61 रन से मुकाबला गंवा बैठा।
यह हार श्रीलंका के लिए बेहद निराशाजनक रही। घरेलू परिस्थितियों में खेलते हुए टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी,लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में असंगति ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। सुपर-8 चरण में लगातार दो हार ने उनके अभियान पर विराम लगा दिया।
दूसरी ओर,न्यूजीलैंड की टीम ने दबाव के क्षणों में जिस तरह वापसी की,वह उनकी संतुलित और जुझारू मानसिकता को दर्शाता है। 84 रन पर छह विकेट गिरने के बाद 168 तक पहुँचना और फिर गेंदबाजी में अनुशासन बनाए रखना उनकी रणनीतिक मजबूती का प्रमाण है। अब इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला न्यूजीलैंड के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। यदि वे उस मैच में जीत दर्ज करते हैं,तो सेमीफाइनल का रास्ता लगभग साफ हो जाएगा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सुपर-8 चरण अब रोमांचक मोड़ पर पहुँच चुका है। इंग्लैंड जहाँ सेमीफाइनल में पहुँच चुका है,वहीं न्यूजीलैंड,पाकिस्तान और अन्य टीमें अंतिम चार में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। श्रीलंका का सफर यहीं समाप्त हो गया है,लेकिन उन्होंने कुछ मुकाबलों में संघर्ष का परिचय जरूर दिया।
इस मुकाबले ने यह भी साबित किया कि टी20 क्रिकेट में साझेदारियां और मध्य ओवरों का प्रदर्शन कितना निर्णायक होता है। सेंटनर और मैककोन्ची की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया,जबकि रचिन रवींद्र की गेंदबाजी ने जीत को सुनिश्चित किया। न्यूजीलैंड की यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई देगी और आने वाले मुकाबलों में उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त भी दिलाएगी।
