मध्य पूर्व तनाव के बीच इटली ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते का ऑटो रिन्यू रोका (तस्वीर क्रेडिट@Asra_naazz)

मध्य पूर्व तनाव के बीच इटली का बड़ा फैसला,इजरायल के साथ रक्षा समझौते के ऑटो रिन्यू पर रोक

रोम,15 अप्रैल (युआईटीवी)- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इटली ने एक अहम कूटनीतिक कदम उठाते हुए इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते के ऑटो रिन्यू को सस्पेंड करने का निर्णय लिया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। उनके इस बयान को कई इतालवी समाचार एजेंसियों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

मेलोनी ने वेरोना में आयोजित एक वाइन उद्योग मेले के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल के साथ रक्षा समझौते के स्वत: नवीनीकरण की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरणों और तकनीकी अनुसंधान के आदान-प्रदान से जुड़ा हुआ था,जो लंबे समय से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण आधार रहा है।

‘ऑटो रिन्यू’ का अर्थ होता है किसी समझौते का स्वतः निर्धारित अवधि के बाद फिर से लागू हो जाना। इटली के इस फैसले का मतलब है कि अब यह समझौता बिना नए राजनीतिक और कूटनीतिक मूल्यांकन के आगे नहीं बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम इटली की ओर से इजरायल को एक स्पष्ट संदेश देने की कोशिश है कि वह वर्तमान परिस्थितियों को लेकर गंभीर है।

इस फैसले की पृष्ठभूमि में हाल के दिनों में इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ा तनाव भी एक अहम कारण माना जा रहा है। इतालवी समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार,पिछले सप्ताह इजरायल ने इटली के राजदूत को तलब किया था। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया,जब लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत कार्यरत इतालवी सैनिकों के काफिले पर इजरायली सेना ने चेतावनी स्वरूप गोलियाँ चलाई थीं। इस घटना में एक वाहन को नुकसान पहुँचा,हालाँकि किसी के घायल होने की खबर नहीं आई।

इस घटनाक्रम ने इटली में चिंता बढ़ा दी और सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने भी हाल ही में लेबनान दौरे के दौरान इजरायल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की थी। उन्होंने नागरिकों पर हो रहे हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ऐसे कदम क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को कमजोर करते हैं।

विदेश मंत्री ताजानी सोमवार को बेरूत पहुँचे,जहाँ उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और विदेश मंत्री यूसुफ रग्गी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और इटली की ओर से लेबनान के प्रति एकजुटता व्यक्त की। ताजानी ने सोशल मीडिया पर भी अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा के विरोध में वहाँ पहुँचे हैं।

उन्होंने यह भी जोर दिया कि इजरायल और लेबनान के बीच संवाद बेहद जरूरी है और दोनों पक्षों को स्थायी संघर्ष विराम की दिशा में कदम उठाने चाहिए। ताजानी ने कहा कि गाजा जैसी स्थिति को दोहराने से हर कीमत पर बचा जाना चाहिए और इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

इटली का यह फैसला ऐसे समय में आया है,जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देश इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं। इजरायल और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। ऐसे में इटली का यह कदम यूरोपीय देशों के रुख को भी प्रभावित कर सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि रक्षा समझौते के ऑटो रिन्यू को सस्पेंड करना इटली की ओर से एक संतुलित कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है। इससे एक ओर वह अपनी चिंता जाहिर कर रहा है,वहीं दूसरी ओर भविष्य में संवाद और सहयोग के रास्ते भी खुले रख रहा है। यह कदम सीधे तौर पर समझौते को खत्म नहीं करता,बल्कि उसे पुनः मूल्यांकन के लिए रोकता है।

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का यह निर्णय मध्य पूर्व के मौजूदा हालात पर इटली की गंभीरता को दर्शाता है। यह कदम न केवल इजरायल के साथ संबंधों में नई दिशा ला सकता है,बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रयासों को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस फैसले के बाद इटली और इजरायल के बीच कूटनीतिक संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।