नई दिल्ली,17 मार्च (युआईटीवी)- सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है,इसका दर्दनाक उदाहरण राष्ट्रीय राजधानी के पूर्वी दिल्ली इलाके से सामने आया है। यहाँ रील बनाने के दौरान एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है,बल्कि समाज में बढ़ते खतरनाक ट्रेंड्स को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह हादसा पूर्वी दिल्ली के पूर्वी दिल्ली के दल्लुपुरा इलाके में हुआ,जहाँ पवन नाम का युवक अपने चचेरे भाई के साथ सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार,दोनों युवक हथियार के साथ स्टंट करते हुए मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी दौरान एक छोटी सी लापरवाही ने पवन की जिंदगी छीन ली।
पुलिस के मुताबिक,घटना के समय पवन का चचेरा भाई अपनी लाइसेंसी पिस्टल के साथ वीडियो शूट कर रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों युवक ‘स्वैग’ और स्टाइल दिखाने के लिए हथियार के साथ खतरनाक स्टंट कर रहे थे। चश्मदीदों के अनुसार,वीडियो के दौरान पवन ने पिस्टल अपने हाथ में ली और उसे इस्तेमाल करने लगा। इसी बीच उसने पिस्टल में मैगजीन लोड की और उसे अपने सीने से सटा लिया।
यहीं पर एक घातक चूक हो गई। जैसे ही पवन ने ट्रिगर दबाया,गोली सीधे उसके सीने में जा लगी। गोली इतनी नजदीक से लगी कि उसने दिल को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुँचे। वहाँ पवन खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था और उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने उसे नजदीकी अस्पताल पहुँचाया,जहाँ डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। हालाँकि,गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार इलाज के दौरान पवन ने दम तोड़ दिया। इस खबर के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही,घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल को जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब इस बात की भी जाँच कर रही है कि पिस्टल का इस्तेमाल लाइसेंस के नियमों के अनुसार किया जा रहा था या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि घटना के समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। परिजनों और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं,ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है,जब सोशल मीडिया पर खतरनाक स्टंट और हथियारों के साथ वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा वर्ग ‘लाइक्स’ और ‘फॉलोअर्स’ पाने के लिए जोखिम भरे कदम उठा रहा है,जिसका परिणाम कई बार घातक साबित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रेंड्स न केवल युवाओं की जान के लिए खतरा हैं,बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उनका मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी ऐसे कंटेंट पर निगरानी बढ़ानी चाहिए,जिससे लोग खतरनाक गतिविधियों को बढ़ावा न दें।
पवन की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता की चाह में की गई लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। यह घटना युवाओं के लिए एक चेतावनी है कि वे ऐसे जोखिम भरे स्टंट से दूर रहें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस पूरे मामले की गहराई से जाँच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हादसे के पीछे किसी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
