भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर महत्वपूर्ण कैरेबियाई दौरे पर (तस्वीर क्रेडिट@DrSJaishankar)

कैरेबियाई देशों के दौरे पर जयशंकर,जमैका में मजबूत हुई भारत की दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव

नई दिल्ली,4 मई (युआईटीवी)- भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों अपने महत्वपूर्ण कैरेबियाई दौरे पर हैं,जिसके तहत वह 2 से 10 मई 2026 तक जमैका,सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा कर रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है,बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी नई ऊर्जा देना है। अपने इस दौरे के दौरान जयशंकर ने जमैका में कई अहम कार्यक्रमों में भाग लिया और वहाँ के नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की।

जमैका पहुँचने पर विदेश मंत्री ने वहां के प्रधानमंत्री एंड्रयू होल्नेस से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत और जमैका के संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। इस अवसर पर भारत की ओर से जमैका को एक इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड भेंट किया गया,जिसे किंग्स्टन स्थित सबीना पार्क में आधिकारिक रूप से समर्पित किया गया। यह उपहार न केवल खेल के क्षेत्र में सहयोग का प्रतीक है,बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को भी दर्शाता है।

विदेश मंत्री ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा कि भारत और जमैका की कहानी क्रिकेट,सम्मान और दोस्ती के धागों से बुनी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्कोरबोर्ड आने वाले समय में कई यादगार पारियों का गवाह बनेगा,जिनमें भारत-जमैका की मित्रता भी शामिल होगी। इस तरह के प्रतीकात्मक उपहार दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और खेल संबंधों को और मजबूत करते हैं।

अपने दौरे के दौरान जयशंकर ने जमैका में बसे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने भारतीय मूल के लोगों के योगदान की सराहना की और उनकी उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जमैका के प्रधानमंत्री ने भी भारतीय समुदाय के योगदान की खुलकर सराहना की है,जो दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का प्रमाण है।

भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने भारत में हो रहे बदलावों की भी जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से बुनियादी ढाँचे के विकास,मानवीय प्रगति और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि भारत आज तेजी से एक आधुनिक और सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है,जिसमें उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू गिरमिटिया समुदाय से जुड़ा हुआ है। जमैका,सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देशों में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है,जिनका इतिहास 19वीं सदी में शुरू हुआ था। इन समुदायों ने अपने परिश्रम और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से इन देशों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यही कारण है कि भारत इन देशों के साथ अपने संबंधों को विशेष महत्व देता है।

जमैका में अपने प्रवास के दौरान जयशंकर ने ओल्ड हार्बर का भी दौरा किया,जो भारतीय प्रवासियों के इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह वही स्थान है,जहाँ लगभग 180 साल पहले भारतीय मजदूर पहली बार जमैका पहुँचे थे। इस ऐतिहासिक स्थल पर जाकर विदेश मंत्री ने भारतीय प्रवासियों की यात्रा और उनके संघर्ष को याद किया।

ओल्ड हार्बर में भारतीय समुदाय से मुलाकात करते हुए उन्होंने देखा कि किस तरह इन लोगों ने अपनी संस्कृति,परंपराओं और पहचान को सहेजकर रखा है। उन्होंने उनकी इस प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है,जो दुनिया के किसी भी कोने में अपनी जड़ें बनाए रखती है।

इस दौरान विदेश मंत्री ने जमैका के पर्यटन मंत्री एडमंड बार्टलेट और संस्कृति मंत्री ओलिविया ग्रेंज का भी आभार व्यक्त किया,जिन्होंने इस दौरे को सफल बनाने में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के सहयोग से भारत और जमैका के बीच संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

विदेश मंत्री का यह दौरा केवल जमैका तक सीमित नहीं है,बल्कि इसके बाद वह सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो भी जाएँगे। इन देशों में भी वह वहाँ के नेताओं से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह दौरा भारत की विदेश नीति के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है,जिसमें पारंपरिक मित्र देशों के साथ संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया जाता है।

जयशंकर का यह कैरेबियाई दौरा भारत और इन देशों के बीच ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है। जमैका में हुए कार्यक्रमों और बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत न केवल अपने पुराने रिश्तों को सहेज रहा है,बल्कि उन्हें आधुनिक संदर्भ में और मजबूत भी बना रहा है। आने वाले दिनों में इस दौरे के और भी सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।