मैड्रिड ओपन में जैनिक सिनर का दबदबा (तस्वीर क्रेडिट@Rivjuventus)

मैड्रिड ओपन में जैनिक सिनर का दबदबा,लगातार पाँचवां मास्टर्स 1000 खिताब जीतकर रचा इतिहास

मैड्रिड,4 मई (युआईटीवी)- टेनिस जगत में इस समय जिस खिलाड़ी का सबसे ज्यादा दबदबा देखने को मिल रहा है,वह हैं विश्व नंबर एक जैनिक सिनर। उन्होंने एक बार फिर अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए मैड्रिड में खेले गए प्रतिष्ठित मुतुआ मैड्रिड ओपन के मेंस सिंगल्स खिताब पर कब्जा जमा लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने जर्मनी के मजबूत खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव को एकतरफा अंदाज में 6-1, 6-2 से हराकर न सिर्फ ट्रॉफी अपने नाम की,बल्कि इतिहास भी रच दिया।

सिर्फ 58 मिनट तक चले इस मुकाबले में सिनर ने शुरुआत से ही अपना वर्चस्व कायम रखा। उन्होंने पहले सेट में ही ज्वेरेव की सर्विस तोड़कर यह साफ कर दिया कि वह इस मुकाबले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने वाले हैं। ज्वेरेव को पूरे मैच के दौरान अपनी लय में आने का मौका नहीं मिला और वह लगातार दबाव में नजर आए। सिनर ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ खेला,उसने दर्शकों को भी रोमांचित कर दिया।

इस जीत के साथ सिनर ने लगातार पाँचवां एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीतने का कारनामा कर दिखाया है। यह उपलब्धि अपने आप में बेहद खास है,क्योंकि 1990 में इस सीरीज की शुरुआत के बाद ऐसा करने वाले वह पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस रिकॉर्ड ने उन्हें टेनिस इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों की सूची में और ऊपर पहुँचा दिया है। उनकी यह निरंतरता और हर सतह पर शानदार प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह आधुनिक टेनिस के सबसे संपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं।

मैच के दौरान सिनर ने अपने खेल के हर पहलू में उत्कृष्टता दिखाई। उन्होंने अपने चारों ब्रेक प्वाइंट्स को सफलतापूर्वक भुनाया,जबकि अपनी सर्विस पर उन्हें एक भी ब्रेक प्वाइंट का सामना नहीं करना पड़ा। उनकी पहली सर्विस की सटीकता भी कमाल की रही,जहाँ उन्होंने 93 प्रतिशत अंक जीते। बेसलाइन से उनका नियंत्रण इतना सटीक था कि ज्वेरेव के पास जवाब देने के लिए बहुत कम विकल्प बचे।

मैच के बाद सिनर ने अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल अपनाया और इसका उन्हें फायदा मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके प्रतिद्वंद्वी अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थे,लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने स्तर को बनाए रखते हुए लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने मौजूदा प्रदर्शन से बेहद संतुष्ट हैं और इस तरह एक और बड़ा खिताब जीतना उनके लिए खास मायने रखता है।

मैड्रिड ओपन का यह खिताब सिनर के करियर का नौवां मास्टर्स 1000 खिताब है,जो उनके शानदार करियर ग्राफ को और मजबूत करता है। उनकी इस सफलता का सिलसिला पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुआ था,जब उन्होंने शंघाई टूर्नामेंट के बाद एक नई ऊर्जा के साथ वापसी की। इसके बाद उन्होंने पेरिस,इंडियन वेल्स,मियामी,मोंटे-कार्लो और अब मैड्रिड जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में लगातार जीत हासिल की है।

इस दौरान सिनर ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है,वह असाधारण कहा जा सकता है। उन्होंने इन सभी टूर्नामेंट्स में बहुत कम सेट गंवाए हैं,जो उनके खेल की स्थिरता और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। हर मुकाबले में उनका आत्मविश्वास साफ झलकता है और यही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बन रहा है।

अब सिनर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुँच चुके हैं। वह ‘करियर गोल्डन मास्टर्स’ पूरा करने से सिर्फ एक खिताब दूर हैं। यह उपलब्धि अब तक केवल नोवाक जोकोविच ही हासिल कर पाए हैं। अगर सिनर आने वाले रोम मास्टर्स में खिताब जीतने में सफल रहते हैं,तो वह भी इस विशिष्ट सूची में शामिल हो जाएँगे।

रोम मास्टर्स उनके लिए खास इसलिए भी होगा,क्योंकि यह उनके घरेलू मैदान पर खेला जाएगा। घरेलू दर्शकों के समर्थन के साथ वह इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। उनके मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह इस लक्ष्य को हासिल करने के प्रबल दावेदार हैं।

टेनिस विशेषज्ञों का मानना है कि सिनर का यह दौर लंबे समय तक चल सकता है। उनकी फिटनेस,तकनीक और मानसिक मजबूती उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। जिस तरह वह हर मैच में अपने खेल को नए स्तर पर ले जा रहे हैं,वह आने वाले समय में कई और रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।

मैड्रिड ओपन में मिली यह जीत केवल एक खिताब नहीं,बल्कि एक युग की शुरुआत का संकेत है। जैनिक सिनर ने जिस तरह से लगातार सफलता हासिल की है,उसने यह साबित कर दिया है कि वह टेनिस की दुनिया में लंबे समय तक राज करने के लिए तैयार हैं। अब सभी की नजरें रोम मास्टर्स पर टिकी हैं,जहाँ वह एक और इतिहास रचने के करीब हैं।