ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी (तस्वीर क्रेडिट@gulshan18761371)

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत का दावा, इजरायल के बयान से बढ़ा तनाव

तेल अवीव/तेहरान,18 मार्च (युआईटीवी)- पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है,जिसने क्षेत्रीय हालात को और गंभीर बना दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा है कि ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी मिसाइल हमले में मारे गए हैं। हालाँकि,इस दावे की अभी तक ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है,जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल काट्ज ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इजरायली सेना ने रात भर चले हवाई हमलों में ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया गया है। यह बयान ऐसे समय में आया है,जब क्षेत्र में पहले से ही इजरायल,अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।

हालाँकि, इस दावे के बीच एक नया मोड़ तब आया,जब अली लारिजानी के नाम से एक हस्तलिखित नोट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सामने आया। इस नोट में अमेरिका के हमलों में मारे गए ईरानी नाविकों को श्रद्धांजलि दी गई है। यह संदेश ईरानी सरकारी मीडिया से जुड़े विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रसारित किया गया,जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या लारीजानी वास्तव में मारे गए हैं या फिर यह इजरायल का रणनीतिक दावा है।

तेहरान की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ईरानी अधिकारियों की चुप्पी ने इस खबर को और रहस्यमय बना दिया है। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में चार इजरायली अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अली लारिजानी की मौत हुई है या वे घायल हुए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि लारीजानी उन प्रमुख लक्ष्यों में शामिल थे,जिन्हें इजरायली सेना ने हालिया हमलों के दौरान निशाना बनाया।

अगर इजरायल का यह दावा सही साबित होता है,तो यह ईरान के लिए एक बड़ा झटका होगा। अली लारिजानी को ईरान की सत्ता संरचना में एक बेहद प्रभावशाली नेता माना जाता है। वे देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं और पहले परमाणु वार्ताकार के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लारीजानी की मौत की पुष्टि होती है,तो यह 28 फरवरी को हुए शुरुआती हमलों के बाद ईरान के सबसे वरिष्ठ अधिकारी की मौत होगी। इससे पहले उस दिन के हमलों में भी कई उच्च पदस्थ अधिकारियों के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं। इस घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि इजरायल अपने सैन्य अभियान को और आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रहा है।

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि इन हमलों में ईरान की अर्धसैनिक संगठन ‘बसीज प्रतिरोध बल’ के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी और उसके कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए हैं। यह संगठन ईरान की आंतरिक सुरक्षा और सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस बीच,पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता को और गहरा कर दिया है। अमेरिका और इजरायल की ओर से जारी सैन्य कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया ने पूरे क्षेत्र को युद्ध जैसी स्थिति के करीब ला दिया है। ऊर्जा आपूर्ति,समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे अब गंभीर संकट के दौर में पहुँचते दिख रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के दावों और जवाबी कार्रवाइयों से हालात और बिगड़ सकते हैं। यदि अली लारिजानी की मौत की पुष्टि होती है,तो ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आ सकती है,जिससे संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।

फिलहाल, दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं, जहाँ से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। जब तक ईरान इस पर स्पष्ट बयान नहीं देता,तब तक यह मामला अटकलों और दावों के बीच उलझा रहेगा,लेकिन इतना तय है कि इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में पहले से ही सुलग रहे तनाव को और भड़का दिया है,जिसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।