दिल्ली के पालम में चार मंजिला इमारत में भीषण आग (तस्वीर क्रेडिट@airnewsalerts)

दिल्ली के पालम में चार मंजिला इमारत में भीषण आग, 25 दमकल गाड़ियों ने सँभाला मोर्चा

नई दिल्ली,18 मार्च (युआईटीवी)- राजधानी नई दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार को एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। दोपहर के समय लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और इमारत को चारों तरफ से धुएँ और तेज लपटों ने घेर लिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के इलाकों में भी दहशत का माहौल बन गया।

आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। शुरुआती कुछ मिनटों में ही दमकल की कई गाड़ियाँ घटनास्थल पर पहुँच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए कुल 25 दमकल गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया,जिन्होंने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए धीरे-धीरे आग को नियंत्रित करने में सफलता पाई,हालाँकि पूरी तरह से स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को सँभलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग अपने घरों में फँसे रह गए और घना धुआँ उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया। इमारत के अंदर मौजूद परिवारों में घबराहट फैल गई,लेकिन दमकल और बचाव दल की तत्परता के चलते समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत टीमों ने एक-एक मंजिल पर जाकर फँसे लोगों को बाहर निकाला,जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।

इस हादसे में चार लोगों को धुएँ के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई,जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक,अगर बचाव कार्य में थोड़ी भी देर होती,तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग लगते ही पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कई लोगों ने अपने स्तर पर भी बचाव कार्य में सहयोग किया और दमकल कर्मियों को रास्ता साफ कराने में मदद की। आसपास के लोग बाल्टियों और पाइप के जरिए आग बुझाने की कोशिश करते भी नजर आए,हालाँकि,आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पेशेवर दमकल सेवाओं के बिना इसे काबू में लाना संभव नहीं था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँच गई और हालात को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराया और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। साथ ही,यातायात को भी नियंत्रित किया गया ताकि दमकल गाड़ियों और एंबुलेंस को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।

प्रारंभिक जाँच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है,हालाँकि,अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने इस घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं और एक विशेष टीम का गठन किया गया है,जो पूरे मामले की गहराई से जाँच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इमारत में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं,इसकी भी जाँच की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर से शहरी इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर रिहायशी इमारतों में अग्निशमन से जुड़े नियमों का पालन पूरी तरह से नहीं किया जाता,जिसके कारण इस तरह की घटनाएँ बार-बार सामने आती हैं। अगर समय रहते उचित सुरक्षा उपाय किए जाएँ,तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और इमारतों में बिजली के उपकरणों की नियमित जाँच कराएँ और आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम रखें। इसके साथ ही,किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत संबंधित विभागों को सूचना देने की सलाह दी गई है।

फिलहाल,पालम इलाके में राहत और बचाव कार्य लगभग पूरा हो चुका है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दमकल विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया,लेकिन इस घटना ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सुरक्षा उपायों में जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।