भारतीय पुरुष हॉकी टीम

एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026: 19 अगस्त को भारत-पाकिस्तान महामुकाबला, एम्स्टेलवीन में होगा हाईवोल्टेज क्लैश

एम्स्टर्डम,19 मार्च (युआईटीवी)- एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का इंतजार अब अपने चरम पर पहुँच चुका है और इस बार टूर्नामेंट की सबसे बड़ी टक्कर 19 अगस्त को देखने को मिलेगी,जब भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वैगेनर हॉकी स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे खेला जाएगा। इस मैच को लेकर दोनों देशों के फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है,क्योंकि हॉकी के मैदान पर भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत हमेशा से ही रोमांच और भावनाओं से भरपूर रही है।

एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के इस संस्करण में भारत को पूल-डी में रखा गया है, जहाँ उसके साथ पाकिस्तान,इंग्लैंड और वेल्स जैसी मजबूत टीमें मौजूद हैं। यह पूल बेहद प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है,क्योंकि चारों टीमों में क्वार्टर फाइनल तक पहुँचने की क्षमता है। भारत इस समय विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है,जबकि पाकिस्तान चार बार का विश्व कप विजेता रह चुका है,जिससे इस मुकाबले का महत्व और बढ़ जाता है।

टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी होने के बाद यह साफ हो गया है कि भारत अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगा। यह मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे खेला जाएगा और यह टूर्नामेंट के पहले दिन का हिस्सा होगा। इसके बाद भारतीय टीम 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ेगी,जो विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज है। इस तरह भारत के लिए शुरुआती तीनों मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं,जिनमें से हर मैच का परिणाम आगे की राह तय करेगा।

ड्रॉ सेरेमनी का आयोजन एम्स्टर्डम में बड़े ही भव्य अंदाज में किया गया,जहाँ अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने टूर्नामेंट का पूरा कार्यक्रम जारी किया। इस बार का वर्ल्ड कप खास इसलिए भी है क्योंकि पहली बार पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबले एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं। इस संयुक्त आयोजन की मेजबानी बेल्जियम और नीदरलैंड कर रहे हैं।

पूल-डी की बात करें तो इसमें शीर्ष स्थान पर रहने वाली टीम सीधे क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी,जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रॉसओवर मुकाबलों में उतरना होगा। ऐसे में भारत के लिए हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा होगा। खासतौर पर पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला केवल अंक तालिका ही नहीं,बल्कि प्रतिष्ठा की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी प्रतिद्वंद्विता का इतिहास काफी पुराना और गौरवशाली रहा है। 1975 में भारत ने अपना एकमात्र हॉकी विश्व कप खिताब जीता था और उस सुनहरे इतिहास को दोहराने की उम्मीद इस बार भी भारतीय टीम से की जा रही है। मौजूदा टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है,जिससे उम्मीद की जा रही है कि टीम इस बार मजबूत प्रदर्शन करेगी।

इस बीच महिला वर्ग में भी भारतीय टीम अपना अभियान 16 अगस्त से शुरू करेगी। भारतीय महिला टीम का पहला मुकाबला एशियाई चैंपियन चीन के खिलाफ होगा,जो विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है। इसके बाद भारत 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा और 20 अगस्त को इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच खेलेगा। महिला टीम के लिए भी यह टूर्नामेंट काफी अहम है,क्योंकि हाल के वर्षों में भारतीय महिला हॉकी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

टूर्नामेंट का उद्घाटन 15 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया और जापान की महिला टीमों के बीच मुकाबले से होगा। पहले दिन कुल छह मैच खेले जाएँगे,जिनमें तीन पुरुष और तीन महिला वर्ग के होंगे। ये मुकाबले एम्स्टेलवीन के वैगेनर स्टेडियम और बेल्जियम के वेव्रे स्थित बेल्फियस हॉकी एरिना में आयोजित किए जाएँगे।

इस वर्ल्ड कप में कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं,जिनमें भारत के अलावा नीदरलैंड्स, बेल्जियम,जर्मनी,ऑस्ट्रेलिया,आयरलैंड,अर्जेंटीना,स्पेन,न्यूजीलैंड,जापान और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें शामिल हैं। भारतीय पुरुष टीम ने एशिया कप जीतकर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जगह बनाई है,जबकि महिला टीम ने हैदराबाद में आयोजित क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में दूसरा स्थान हासिल कर क्वालीफाई किया।

भारत के लिए यह वर्ल्ड कप कई मायनों में खास है। एक ओर जहाँ टीम अपने पुराने गौरव को वापस पाने की कोशिश करेगी,वहीं दूसरी ओर युवा खिलाड़ियों के लिए यह मंच खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगा। कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों ने पहले ही इस टूर्नामेंट के लिए अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं और टीम का फोकस हर मैच में बेहतर प्रदर्शन करने पर है।

19 अगस्त को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला निश्चित रूप से इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाली यह भिड़ंत न केवल खेल प्रेमियों के लिए,बल्कि पूरे उपमहाद्वीप के लिए एक बड़ा आयोजन होगी। प्रशंसकों को उम्मीद है कि भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत हासिल कर न केवल अंक तालिका में बढ़त बनाएगी,,बल्कि अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी पर मनोवैज्ञानिक बढ़त भी हासिल करेगी।

जैसे-जैसे टूर्नामेंट की तारीख नजदीक आ रही है,वैसे-वैसे उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि भारतीय टीम इस बड़े मंच पर किस तरह का प्रदर्शन करती है और क्या वह 1975 के इतिहास को दोहराने में सफल हो पाती है या नहीं। फिलहाल सभी की नजरें 19 अगस्त के उस महामुकाबले पर टिकी हैं,जो हॉकी प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होगा।