जापान भूकंप के बाद सोनी ने कुमामोटो प्लांट में उत्पादन रोका (तस्वीर क्रेडिट@EmmanuelInvest)

जापान भूकंप के बाद सोनी ने कुमामोटो प्लांट में उत्पादन रोका,नुकसान का आकलन जारी

नई दिल्ली,29 जुलाई (युआईटीवी)- जापान के कुमामोटो क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप का असर अब देश के औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों में शामिल सोनी सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस ने बुधवार को घोषणा की कि उसने एहतियात के तौर पर अपने कुमामोटो टेक्नोलॉजी सेंटर में परिचालन फिलहाल बंद कर दिया है। कंपनी ने बताया कि भूकंप के बाद प्लांट की इमारतों और उत्पादन लाइनों को संभावित नुकसान की जाँच की जा रही है। जब तक पूरी तरह से सुरक्षा और तकनीकी स्थिति का आकलन नहीं हो जाता,तब तक उत्पादन दोबारा शुरू करने का कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इस घोषणा के बाद वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग की नजरें भी इस घटनाक्रम पर टिक गई हैं,क्योंकि सोनी कई महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए अत्याधुनिक इमेज सेंसर और सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।

कंपनी के अनुसार,मंगलवार को स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजकर 27 मिनट पर आए तेज भूकंप के तुरंत बाद किकुयो कस्बे में स्थित सोनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन के कुमामोटो प्लांट में उत्पादन रोक दिया गया था। यह फैसला कर्मचारियों की सुरक्षा और संयंत्र की तकनीकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया। भूकंप के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ अपनाई गईं और उत्पादन इकाई को तुरंत बंद कर दिया गया,ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।

सोनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि विशेषज्ञों की टीम कुमामोटो टेक्नोलॉजी सेंटर की इमारतों,मशीनों और उत्पादन उपकरणों का विस्तृत निरीक्षण कर रही है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि भूकंप से उत्पादन प्रणाली,स्वचालित मशीनों और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं पर कितना प्रभाव पड़ा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी जांच पूरी नहीं हो जाती और सुरक्षा मानकों की पुष्टि नहीं हो जाती,तब तक परिचालन दोबारा शुरू करने की कोई समय-सीमा तय नहीं की जा सकती।

हालाँकि, कंपनी ने राहत की बात यह बताई कि उसके अन्य प्रमुख उत्पादन केंद्रों पर किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। नागासाकी,ओइता और कागोशिमा टेक्नोलॉजी सेंटरों में सामान्य स्थिति बनी हुई है और वहाँ उत्पादन पर भूकंप का कोई गंभीर असर नहीं पड़ा है। इसके अलावा,कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि भूकंप के समय इन केंद्रों पर मौजूद किसी भी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। यह खबर कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

जापान के कुमामोटो क्षेत्र में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के इस भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई है। कई इमारतों को नुकसान पहुँचा है और अनेक स्थानों पर सड़कें तथा अन्य बुनियादी ढाँचे भी प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने जानकारी दी कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब भी कई लोग मलबे में फँसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और प्रभावित क्षेत्रों तक जल्द से जल्द राहत पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि बचाव दल लगातार ढही हुई इमारतों के मलबे में फँसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। साथ ही प्रशासन प्रभावित इलाकों में भोजन,चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

भूकंप के बाद जापान की आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। विशेषज्ञ यह आकलन कर रहे हैं कि भूकंप का असर केवल आवासीय क्षेत्रों तक सीमित रहा है या औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक ढाँचों को भी गंभीर क्षति पहुँची है। कुमामोटो जापान का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र माना जाता है,जहाँ कई बड़ी तकनीकी और विनिर्माण कंपनियों की उत्पादन इकाइयां स्थित हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में लंबे समय तक उत्पादन प्रभावित रहने की स्थिति वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाल सकती है।

सोनी सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस वैश्विक स्तर पर इमेज सेंसर और उन्नत सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स के निर्माण के लिए जानी जाती है। कंपनी के उत्पाद स्मार्टफोन,डिजिटल कैमरा,उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स,ऑटोमोबाइल,औद्योगिक उपकरणों और कई अन्य आधुनिक तकनीकी प्रणालियों में उपयोग किए जाते हैं। दुनिया की अनेक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियाँ सोनी के इमेज सेंसर पर निर्भर हैं। ऐसे में कुमामोटो प्लांट में उत्पादन रुकने से वैश्विक बाजार की नजरें कंपनी के अगले कदम पर बनी हुई हैं। हालाँकि,कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इस अस्थायी बंदी का उत्पादन या आपूर्ति पर कितना प्रभाव पड़ सकता है।

इस बीच भारत ने भी जापान में आए इस विनाशकारी भूकंप पर चिंता व्यक्त की है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए जापान के लोगों के प्रति संवेदना और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि कुमामोटो प्रांत में आए भूकंप की खबर से गहरी चिंता हुई है। इस कठिन समय में भारत सरकार और भारत की जनता जापान की सरकार तथा वहां के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है। उन्होंने भूकंप से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

भारत और जापान के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक,आर्थिक और तकनीकी संबंध रहे हैं। दोनों देश आपदा प्रबंधन,बुनियादी ढाँचे और तकनीकी सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में साथ काम करते हैं। ऐसे में इस प्राकृतिक आपदा पर भारत की ओर से व्यक्त की गई संवेदना दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों को भी दर्शाती है।

फिलहाल कुमामोटो क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने की दिशा में प्रयास कर रहा है,जबकि सोनी अपने प्लांट की तकनीकी जाँच पूरी होने का इंतजार कर रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि कंपनी कब तक अपने कुमामोटो टेक्नोलॉजी सेंटर में उत्पादन दोबारा शुरू कर पाएगी और इस अस्थायी व्यवधान का वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग पर कितना प्रभाव पड़ेगा। वहीं,जापान की पूरी प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने,राहत पहुँचाने और भूकंप से हुए नुकसान का व्यापक आकलन करने पर केंद्रित है।