निंगबो,13 अप्रैल (युआईटीवी)- बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स फाइनल में भारत के युवा शटलर आयुष शेट्टी को चीन के दूसरी वरीयता प्राप्त और मौजूदा विश्व चैंपियन शी युकी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। निंगबो ओलंपिक सेंटर में खेले गए इस खिताबी मुकाबले में 20 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी को सीधे गेमों में 8-21, 10-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। हालाँकि,इस हार के बावजूद आयुष ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया और उपविजेता बनकर देश का नाम रोशन किया।
विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज आयुष शेट्टी का यह सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह के खेल का प्रदर्शन किया,उसने न केवल भारतीय बैडमिंटन को नई उम्मीद दी,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उनके नाम की गूंज सुनाई दी। सिल्वर मेडल जीतकर आयुष साल 2018 में एच. एस. प्रणॉय के बाद इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय चैंपियनशिप में पोडियम तक पहुँचने वाले पहले भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं।
फाइनल मुकाबले की बात करें तो शुरुआत से ही शी यूकी ने आक्रामक खेल दिखाया। उनकी तेज गति,सटीक स्मैश और कोर्ट कवरेज के सामने आयुष खुद को सँभाल नहीं सके। पहले गेम में चीनी खिलाड़ी ने 21-8 से आसानी से जीत हासिल की,जबकि दूसरे गेम में भी उन्होंने दबदबा बनाए रखते हुए 21-10 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। हालाँकि,स्कोरलाइन एकतरफा नजर आती है,लेकिन इस पूरे टूर्नामेंट में आयुष का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
आयुष शेट्टी का फाइनल तक पहुँचना ही एक बड़ी उपलब्धि थी। वह बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के इतिहास में फाइनल में पहुँचने वाले दूसरे भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी (और कुल मिलाकर तीसरे भारतीय) बन गए। अगर वह खिताब जीतने में सफल होते,तो 1965 में चैंपियन बने दिनेश खन्ना की बराबरी कर लेते। हालाँकि,यह उपलब्धि उनसे थोड़ा दूर रह गई,लेकिन उन्होंने जिस जुझारूपन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया,उसने आने वाले समय के लिए बड़ी उम्मीदें जगा दी हैं।
कर्नाटक के कारकला के पास स्थित छोटे से शहर सानूर से आने वाले आयुष का सफर संघर्षों और मेहनत से भरा रहा है। यूएस ओपन 2025 के चैंपियन रह चुके आयुष ने इस टूर्नामेंट में कई बड़े उलटफेर किए। पहले ही दौर में उन्होंने दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी और मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन ली शी फेंग को हराकर सभी को चौंका दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अगले दौर में ची यू जेन को मात दी और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी से हुआ,जहाँ आयुष ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए उन्हें भी पराजित कर दिया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन कुनलावुत विटिडसर्न को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
इस पूरे अभियान में आयुष ने जिस तरह से शीर्ष खिलाड़ियों को एक-एक कर हराया,वह उनके बढ़ते आत्मविश्वास और काबिलियत को दर्शाता है। उनकी तेज रफ्तार,बेहतरीन नेट प्ले और आक्रामक रणनीति ने उन्हें एक खतरनाक खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं,तो आने वाले वर्षों में वह विश्व बैडमिंटन में भारत के सबसे बड़े सितारों में से एक बन सकते हैं।
वहीं,विमेंस सिंगल्स फाइनल में दक्षिण कोरिया की स्टार खिलाड़ी एन से-यंग ने चीन की वांग झीयी को हराकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा,जिसमें एन से-यंग ने 21-12, 17-21, 21-18 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्होंने बैडमिंटन इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
24 वर्षीय एन से-यंग अब दुनिया की पहली ऐसी महिला खिलाड़ी बन गई हैं,जिन्होंने बैडमिंटन के सभी प्रमुख खिताब जीतकर ‘करियर ग्रैंड स्लैम’ पूरा किया है। इसमें ओलंपिक गेम्स,वर्ल्ड चैंपियनशिप,वर्ल्ड टूर फाइनल्स,ऑल इंग्लैंड ओपन,एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि को बैडमिंटन इतिहास में मील का पत्थर माना जा रहा है।
बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय बैडमिंटन के लिए कई सकारात्मक संकेत मिले हैं। भले ही आयुष शेट्टी खिताब जीतने से चूक गए, लेकिन उन्होंने जिस तरह से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया,उसने देशवासियों का दिल जीत लिया। उनका यह सिल्वर मेडल भारत के लिए गर्व का क्षण है और यह आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
यह टूर्नामेंट भारतीय बैडमिंटन के लिए उम्मीदों और संभावनाओं से भरा रहा। आयुष शेट्टी ने साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर दबाव झेलने और शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। अब सभी की निगाहें उनके आगामी टूर्नामेंट्स पर होंगी,जहाँ उनसे और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।
